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Truth that opens your eyes – History. सतम् यत् भवताम् नेत्रे अनावृताम् – इतिहासम् ! सच्चाई जो आपकी आंखें खोल दे – इतिहास !

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अद्य अहम् कतिपय पुरातन समाचार पत्रिकाम् पश्यामि स्म, सहसा मम दृष्टि सर्व समाजस्य राष्ट्रीय पत्रिकायाः सितंम्बर मास २०१९ तमस्य पृष्ठ संख्या ३१ इतिहास पृष्ठे अगच्छम्, एक लेखम् अपश्यम् अपठम् चापि मम नेत्रयो: सम्मुखम् एकम् वृहद सतम् आसीत् यत् इतिहास वेत्तै: न कथितवन्तः,फलतः किं ?

आज मैं कुछ पुराने अखबार देख रहा था, अचानक मेरी नजर सर्व समाज की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के सितंम्बर मास 2019 के पेज नम्बर 31 इतिहास पृष्ठ पर गयी, एक लेख देखा और पढ़ा भी, मेरी आँखों के सामने एक बड़ी सच्चाई थी जो इतिहास वेत्ताओं द्वारा नहीं कहा गया,आखिर क्यों ?

जोधा अकबरस्य अनृत सम्बन्धस्य इतिहास सर्वस्य सम्मुखम् बहु अप्रकितम् सह दूरदर्शनम् इतिहासस्य पृष्ठेषु सृजितवन्तः, तु बहवः इदानीं ऐतिहासिकम् तथ्यम् यत् तत इतिहासस्य अंशम् भवनीय स्म तेषां सम्मुखम् न आधृतवन्तः जोधायाः पाणिग्रहणम् अकबरेण सह अभवत् केवलं हिन्दूनाम् न्यूनम् द्रष्टाय इतिहासे अरचयत् ! किं मुस्लिम बालिकायाम् पाणिग्रहणम् हिन्दू राजै: सह न अभवत् ? तस्य कलुषित सत तम् समाचार पत्रिकायाम् यत् अहम् अपठम् भवानपि अपठत् स्व इतिहासम् अज्ञायत् !

जोधा अकबर के झूठे संबंध का इतिहास सबके सामने बड़े नकलियत के साथ टेलीविजन व इतिहास के पन्नो पर सृजित कर दिया गया, लेकिन बहुत से ऐसे ऐतिहासिक तथ्य जो कि इतिहास का हिस्सा होने चाहिए थे उसको सामने नहीं रखा गया, जोधा का विवाह अकबर के साथ हुआ केवल हिंदुओं को न्यून दिखाने के लिए इतिहास में गढ़ा गया ! क्या मुस्लिम लड़कियों का विवाह हिन्दू राजाओं के साथ नहीं हुआ ? उसका काला सच उस पत्रिका में जो हमने पढ़ा आप भी पढ़े और अपने इतिहास को जाने !

sabhar patrika

मुस्लिम स्त्रियानामपि आसीत् राजपूत युवै: पाणिग्रहणम् प्रेम सम्बंधम् वा !

मुस्लिम महिलाओं के भी थे राजपूत युवाओं से वैवाहिक व प्रेम सम्बंध !

अकबरस्य पुत्री शहजादी खानुमया महाराजा अमर सिंहस्य पाणिग्रहणम् !

कुँवर जगत सिंह: उड़ियस्य अफगान नबाब कुतुल खानस्य पुत्री मरीयमया पाणिग्रहणम् !

महाराणा सांगा: मुस्लिम सेनापत्स्य पुत्री मेहरूनिशांया त्रय मुस्लिम बालिकाभिः च् पाणिग्रहणम् !

महाराणा कुम्भास्य ( अपराजित योद्धाम् ) जागीरदार वजीर खानस्य पुत्रया सह पाणिग्रहणम् !

बप्पा रावल: ( पितृस्य रावलपिंडी ) गजनिसि मुस्लिम शासकस्य पुत्रया त्रिंशतिया अधिकम् च् मुस्लिम राजकुमारिभिः पाणिग्रहणम् !

विक्रम जीत सिंह गोतमस्य आजमगढ़स्य मुस्लिम बालिकया पाणिग्रहणम् !

जोधपुरस्य नृपः हनुमंत सिहस्य मुस्लिम बालिका जुबैदया पाणिग्रहणम् !

चन्द्रगुप्त मौर्यस्य सिकन्दरस्य सेनापति सेल्युकस निकेटरस्य पुत्री हेलेनया पाणिग्रहणम् !

महाराणा उदय सिंहस्य एका मुस्लिम बालिका लाला बाई: पाणिग्रहणम् !

नृपः मान सिंहस्य मुस्लिम बालिकया मुबारकया पाणिग्रहणम् !

अमर कोटस्य नृपः वीरसालस्य हमीदा बानया पाणिग्रहणम् !

नृपः छत्रसालस्य हैद्राबादस्य निजामस्य पुत्री रूहानी बाई: पाणिग्रहणम् !

मीर खुरासनस्य पुत्री नूर खुरासनयाः राजपूत नृपः बिन्दुसारेन पाणिग्रहणम् !

अकबर की बेटी शहजादी खानूम से महाराजा अमर सिंह जी का विवाह !

कुंवर जगत सिंह ने उड़ीसा के अफगान नवाब कुतुल खां की बेटी मरियम से विवाह !

महाराणा सांगा मुस्लिम सेनापति की बेटी मेहरूनिशां से और तीन मुस्लिम लड़कियों से विवाह !

महाराणा कुम्भा ( अपराजित योद्धा ) का जागीरदार वजीर खां की बेटी के साथ विवाह !

बप्पा रावल ( फादर ऑफ रावलपिंडी ) गजनी के मुस्लिम शासक की बेटी से और 30 से अधिक मुस्लिम राजकुमारियों से विवाह !

विक्रम जीत सिंह गोतम का आजमगढ़ की मुस्लिम लड़की से विवाह !

जोधपुर के राजा हनुमंत सिंह का मुस्लिम लड़की जुबैदा से विवाह !

चन्द्रगुप्त मौर्य का सिकंदर के सेनापति सेल्युकस निकेटर की बेटी हेलेना से विवाह !

महाराणा उदय सिंह का एक मुस्लिम लड़की लाला बाई से विवाह !

राजा मानसिंह का मुस्लिम लड़की मुबारक से विवाह !

अमर कोट के राजा वीरसाल का हमीदा बानो से विवाह !

राजा छत्रसाल का हैदराबाद के निजाम की बेटी रूहानी बाई से विवाह !

मीर खुरासन की बेटी नूर खुरासन का राजपूत राजा बिंदुसार से विवाह !

अयम् तर्हि वैवाहिक सम्बन्धस्य वार्ताम् अभवत् सम्प्रति राजपूत नृपाणाम् मुस्लिम प्रेमिकासु वार्ताम् कुर्वन्ति !

यह तो वैवाहिक सम्बन्ध की बात हुई अब राजपूत राजाओं की मुस्लिम प्रेमिकाओं पर बात करते हैं !

अलाउद्दीन खिल्जिस्य पुत्री फिरोजा यत् जालोरस्य राजकुमार वीरम देवस्य प्रेमातुरम् आसीत्, वीरम देवस्य युध्दे वीरगतिम् लभ्धे फिरोजा सतीम् अभवत् स्म !

औरंगजेबस्य पुत्री जेबुनिशां यत् कुँवर छत्रसालस्य प्रेमातुरम् आसीत्, प्रेमपत्रं च् लिखति स्म, छत्रसालस्य च् अतरिक्तम् कश्चित अन्यात् पाणिग्रहणम् कृतेन न अकरोत् स्म !

औरंगजेबस्य परपुत्री मुहम्मद अकबरस्य च् पुत्री सफीयतनिशां यत् राजकुमार अजीत सिंहस्य प्रेमे प्रेमातुरम् आसीत् !

इल्तुतमिशस्य पुत्री रजिया सुल्तान यत् राजकुमार जागीरदार कर्म चन्द्रेण प्रेमम् करोति स्म !

औरंगजेबस्य भगिनेपि छत्रपति शिवाजी महाराजस्य प्रेमातुरम् आसीत्, शिवेन मिलतुम् आगच्छति स्म !

राजपूत नृपाणाम् बहवः चापि मुस्लिम पतन्य: आसीत्, तु सा राजपरिवारम् धनयुक्तेन च् न आसीत् !

अलाउद्दीन खिलजी की बेटी फिरोजा जो जालोर के राजकुमार वीरम देव की दीवानी थी, वीरम देव के युद्ध में वीरगति प्राप्त होने पर फिरोजा सती हो गयी थी !

औरंगजेब की बेटी जेबुनिशां जो कुँवर छत्रसाल की दीवानी थी, और प्रेम पत्र लिखा करती थी, और छत्रसाल के अलावा किसी और से शादी करने से इनकार कर दिया था !

औरंगजेब की पोती और मुहम्मद अकबर की बेटी सफीयतनिशां जो राजकुमार अजीत सिंह के प्रेम में दीवानी थी !

इल्तुतमिश की बेटी रजिया सुल्तान जो राजकुमार जागीरदार कर्म चंद्र से प्रेम करती थी !

औरंगजेब की बहन भी छत्रपति शिवाजी महाराज की दीवानी थी, शिवाजी से मिलने आया करती थी !

राजपूत राजाओं की और भी बहुत सी मुस्लिम पत्नियां थी, लेकिन वह राजपरिवार और धनी वर्ग से नहीं थी !

तु तम् कालस्य पुस्तकानि ब्रिटिश तम् कालस्य कविनाम् रचनेषु उल्लेख स्पष्टम् अस्ति, ब्रिटिश अभिलेखैपि बहूनि राजपूत नृपाणाम् एकातधि मुस्लिम पतन्य: आसीत्, तु रक्तशुद्धतास्य कारणेन एषाम् शिशूनि वर्णसंकरम् मानित्वा जागिरम् दत्तवान स्म, इयम् ऐतिहासिकम् प्रक्षेपम् तानि विद्वानानां मुखेषु अवश्यम् शृणोतु यत् जोधा अकबरस्य नामे आनन्दम् लियन्ति !

लेकिन उस समय की किताबों ब्रिटिश और उस समय के कवियों के रचनाओं में जिक्र स्पष्ट है, ब्रिटिश रिकार्ड में भी ज्यादातर राजपूत राजाओं की एक से ज्यादा मुस्लिम पत्नियां थी, लेकिन रक्तशुद्धता की वजह से इनके बच्चों को अपनाया नहीं जाता था, उन बच्चों को वर्णसंकर मानकर जागीर दे दी जाती थी, यह ऐतिहासिक प्रक्षेप उन विद्वानों के मुंह पर अवश्य सुनाइए जो जोधा अकबर के नाम पर मजा लेते हैं !

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