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मेक इन इंडिया : सबसे पहले गाजियाबाद में दौड़ेगी रैपिड ट्रेन, फर्स्ट लुक जारी

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मेक इन इंडिया के तहत बनी देश की पहली अत्याधुनिक रैपिड ट्रेन सबसे पहले गाजियाबाद में दौड़ेगी। एनसीआरटीसी ने शुक्रवार को रैपिड ट्रेन के पहले लुक और कोच का डिजाइन जारी कर दिया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ये पूरी ट्रेन बॉम्बार्डियर इंडिया के सावली प्लांट, गुजरात में बनेगी। 2022 में ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप बनकर तैयार हो जाएगा। मार्च 2023 में रैपिड ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई के बीच दौडऩे लगेगी। हर ट्रेन में छह कोच होंगे। रैपिड ट्रेन का डिजाइन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के मुताबिक तैयार किया गया है। स्टेनलेसस्टील व एयरोडायनमिक तकनीक से बनने वाली ये ट्रेन हल्की होने के साथ पूरी तरह से वातानुकूलित होगी। हर कोच में प्रवेश और निकास के लिए प्लगइन प्रकार के छह स्वचालित दरवाजे होंगे। हर ट्रेन में एक महिला कोच के साथ बिजनेस क्लास कोच भी होगा। बिजनेस क्लास कोच के अंदर फूड डिस्पेंसिंग मशीन भी लगी होगी। ट्रेन में टू बाय टू ट्रांसवर्स आरामदायक सीटों के साथ यात्रियों के पैर रखने और खड़े होने के लिए पर्याप्त जगह होगी। ट्रेन में मोबाइल व लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, वाईफाई के अलावा सामान रखने के लिए रैक उपलब्ध होगी। रैपिड रेल के गाजियाबाद में पहले प्राथमिकता वाले 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन में साहिबाबाद से दुहाई तक कुल चार स्टेशन होंगे। इनमें साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया चौराहा से पहले, मेरठ रोड तिराहा हिंडन मोटल, गुलधर और दुहाई में बीबीडीआईटी इंस्टीट्यूट के सामने स्टेशन होगा। फिर दूसरे चरण में मुरादनगर, मोदीनगर नॉर्थ में आईसीआईसीआई बैंक के सामने और मोदीनगर साउथ में मोदीगार्डन के सामने स्टेशन प्रस्तावित हैं। हाई स्पीड रेल से 60 मिनट से भी कम समय में मेरठ से नई दिल्ली की दूरी तय की जा सकेगी। आरआरटीएस ट्रेन की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटा निर्धारित होगी। ट्रेन की औसत स्पीड 100 किमी प्रति घंटा होगी।

रैपिड रेल के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में कुल 22 स्टेशन व दो डिपो हैं। आरआरटीएस के साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले सेक्शन पर सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण तेजी से जारी है। पहले सेक्शन में 100 पिलर बनकर तैयार हो गए हैं। साथ ही 1200 पिलर्स की पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। मेरठ रोड तिराहा से गुलधर के बीच काम ने रफ्तार पकड़ ली है। पहले सेक्शन के स्टेशनों का डिजाइन तैयार हो चुका है। मेरठ रोड तिराहा और गुलधर रैपिड स्टेशन का ले-आउट तैयार होने के साथ काम शुरू हो गया है। यहां नए पिलर्स के निर्माण के साथ तैयार हो चुके पिलर्स के ऊपर सेगमेंट लॉन्चिंग का काम शुरू कर दिया है। रैपिड रेल के पहले प्राथमिकता वाले खंड में एलिवेटेड सेगमेंट का निर्माण वसुंधरा कास्टिंग यार्ड में किया जा रहा है। रैपिड रेल की डिजाइन स्पीड को ध्यान में रखते हुए वायडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। व्यस्ततम रूट होने के चलते एलिवेटेड ट्रैक पर गार्डन लॉन्चिंग के काम को बेहद सावधानी और सुरक्षा के साथ किया जा रहा है। एलएंडटी कंपनी ने दुहाई से मेरठ के शताब्दीनगर के बीच 32 किलोमीटर लंबे दूसरे सेक्शन के काम को तेज गति के साथ शुरू कर दिया है। दुहाई से मोदीनगर के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। सेक्शन में पिलर फाउंडेशन का काम तेजी से किया जा रहा है।

रैपिड रेल के पहले प्राथमिकता वाले 17 किमी लंबे कॉरिडोर में यात्रियों को स्टेशन से ही दिल्ली, नोएडा जाने के लिए जंक्शन की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले सेक्शन में साहिबाबाद रैपिड स्टेशन को मेट्रो फेज-तीन के वैशाली से मोहननगर वाले सेक्शन से पैदल पार पथ से जोड़ा जाएगा। इससे वैशाली मेट्रो स्टेशन से नोएडा व दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जाने की सुविधा मिलेगी। मेरठ तिराहे पर रैपिड रेल के स्टेशन को मेट्रो के शहीद स्थल स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे मेट्रो की रेडलाइन के जरिए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

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