30 C
New Delhi

एकदा पुनः मथुरायाम् कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मस्जिदस्य कलहम् ! एक बार पुनः मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह मस्जिद का विवाद !

Date:

Share post:

श्री कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह कलहम् प्रकरणे हिन्दू पक्षम् प्रत्येन पंजीकृतं याचिका शृणुनम् कृतस्य योग्यम् अस्ति ना वा इते मथुराया: सिविल इति न्यायालयम् ३० सितंम्बर इतम् शृणुनम् करिष्यति ! श्रीकृष्ण श्रद्धालुनि स्व याचिकायाम् भगवतः कृष्णस्य जन्मस्थानस्य निकषा मस्जिदम् निगृहस्य याचनाम् अकरोत् !

श्री कृष्ण जन्मभूमि ईदगाह विवाद मामले में हिन्दू पक्ष की ओर से दायर अर्जी सुनवाई करने के योग्य है या नहीं इस पर मथुरा की सिविल अदालत 30 सितंबर को सुनवाई करेगी ! श्री कृष्ण श्रद्धालुओं ने अपनी अर्जी में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान के समीप स्थित 17वीं सदी के शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की है !

इति याचनायाम् शुक्रवासरम् शृणुनम् कृतं मथुराया: सिविल इति न्यायाधीशम् अकथयत् तत न्यायालयम् ३० सितंम्बर इतम् इति वार्ताम् पश्यष्यति तत इयम् याचिका शृणुनम् कृतं योग्यम् अस्ति ना वा !

इस अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए मथुरा के सिविल जज ने कहा कि अदालत 30 सितंबर को इस बात को देखेगी कि यह अर्जी सुनवाई करने योग्य है या नहीं !

द्वयो पक्षयो वार्ताम् शृणुस्य उपरांत इदृशं प्रतीतयति तत न्यायालये इयम् कलहम् साधारणेन समाप्तम् न भवितः ! कृष्ण: श्रद्धालुनां वार्ताम् अस्ति तत मन्दिरस्य भूमे अतिक्रमणम् अनाधिकृत निर्माणम् च् क्रियते !

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ऐसा लगता है कि कोर्ट में यह विवाद आसानी से खत्म नहीं होने वाला है ! कृष्ण श्रद्धालुओं की दलील है कि मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण किया गया है !

याचिकायाम् अकथ्यते तत हिन्दू श्रद्धालुनेन सह असाधु सुलहम् अभवत् येन च् सुलहस्य संशोधनस्य अवश्यक्तामस्ति ! १९९१ तमस्य विधिम् पूजनस्य स्थानानां यथास्थिति परिवर्तनस्य आज्ञाम् न ददाति !

अर्जी में कहा गया है कि हिन्दू श्रद्धालुओं के साथ गलत समझौता हुआ है और इसे समझौते को सुधारने की जरूरत है ! 1991 का कानून पूजा की जगहों की यथास्थिति में बदलाव करने की इजाजत नहीं देता है !

विपक्षस्य कथनमस्ति तत न्यायालयं १९७३ तमस्य स्व निर्णये मंदिरम् ईदगाहम् च् द्वयो आकारस्य कश्चित प्रकारस्य परिवर्तने अवरोधम् अवरोधयत् ! इदृशेषु इति प्रकारस्य याचिका पंजीकृतस्य पश्च राजनीतिक इच्छामस्ति !

विपक्ष का कहना है कि कोर्ट ने 1973 के अपने फैसले में मंदिर और ईदगाह दोनों के ढांचे में किसी तरह का बदलाव करने पर रोक लगाई गई है ! ऐसे में इस तरह की अर्जी दायर करने के पीछे राजनीतिक मंशा है !

येन हिन्दूम् मुसलमानानि मध्य सौहार्द निवारस्य प्रयत्नम् कुरुते ! विपक्षस्य कथनमस्ति तत सर्वोच्च न्यायालयं स्व अयोध्या निर्णये स्पष्टम् अकथयत् तत पूजन स्थलानां कलहम् गृहित्वा पंजीकृतं भवित: याचिकेषु देशस्य कश्चित न्यायालयं शृणुनम् मा करिष्यति !

इसके जरिए हिन्दू मुसलमानों के बीच सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है ! विपक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अयोध्या फैसले में साफ कहा है कि पूजा स्थलों के विवाद को लेकर दायर होने वाली अर्जियों पर देश का कोई कोर्ट सुनवाई नहीं करेगा !

मथुरायाम् श्री कृष्ण जन्मभूमि मन्दिरस्य ईदगाह मस्जिदस्य च् कलहम् षड दशकम् पुरातनं अस्ति ! वर्ष १९४४ तमे कृष्ण जन्मभूमिस्य १३.३७ एकड़ इति भूमि क्रीणितवान ! वर्ष १९५८ तमे श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ अनिर्मयते ! अस्य उपरांत १९६७ तमे सेवा संघम् अभियोगम् पंजीकृतं मंदिर परिसरे स्व आधिपत्यस्य दृढ़कथनम् अकरोत् !

मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर और ईदगाह मस्जिद का विवाद छह दशक पुराना है ! साल 1944 में कृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि खरीदी गई ! वर्ष 1958 में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ बनाया गया ! इसके बाद 1967 में सेवा संघ ने केस दायर कर मंदिर परिसर पर अपने अधिकार का दावा किया !

शुक्रवासरम् सिविल इति न्यायाधीश छाया शर्माया न्यायालये पंजीकृत याचिके १९६८ तमस्य एकम् निर्णयस्य चुनौतिम् अददात् ! यस्मिन् श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थानम् शाही ईदगाह प्रबंध समितिस्य च् मध्य अभवत् एकम् भूमि सुलहे संशोधनस्य याचनाम् अक्रियते !

शुक्रवार को सिविल जज छाया शर्मा की कोर्ट में दायर अर्जी में 1968 के मथुरा की एक अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है ! इसमें श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदबाग प्रबंध समिति के बीच हुए एक भूमि समझौते में सुधार करने की मांग की गई है !

इति याचिके शृणुनाय न्यायालय यदि तत्परम् भवति तर्हि सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड इति, शाही ईदगाह मस्जिद मस्जिदस्य च् रक्षकम् न्यासम् सूचनां निःसृष्यति !

इस अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट यदि तैयार हो जाता है तो सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड, शाही ईदगाह मस्जिद और मस्जिद की देखभाल करने वाले ट्रस्ट को नोटिस जारी होगा !

साभार फेसबुक श्रीकांत शर्मा

जनपदे विद्युत परियोजना विकासस्य पश्यन मथुराम् प्राप्तम् विद्युत मंत्री श्रीकांत शर्मा: अकथयत् स्म तत सर्वाणि अधिकारमस्ति तत सः स्व आस्थाम् चिनोति सर्वाणि च् स्व वार्ताम् धृतस्य स्वतंत्रतामस्ति ! विपक्षस्य कथनमस्ति तत इति याचिकेन भारतीय जनता दलम् हिन्दूनि ध्रुवीकरणम् कृतस्य प्रयत्नम् करोति !

जिले में बिजली परियोजना विकास की निगरानी करने मथुरा पहुंचे बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा था कि सभी को अधिकार है कि वह अपनी आस्था चुने और सभी को अपनी बात रखने की आजादी है ! विपक्ष का कहना है कि इस अर्जी के जरिए भारतीय जनता पार्टी हिन्दूओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

The Mecca Pact and India: How Pakistan, Saudi Arabia and Türkiye Could Reshape the Strategic Balance in South Asia

The recently announced defence understanding between Pakistan, Saudi Arabia and Türkiye—widely referred to in political commentary as the...

Russia’s Proposed Railway Line to India: A New Eurasian Trade Corridor That Could Reshape India–Russia Connectivity

A proposal emerging from Moscow could eventually transform the physical geography of India–Russia trade. Russia is exploring an...

USA–Iran Conflict Reignites: Global Implications of a Renewed Middle East Crisis

The long-running confrontation between the United States and Iran has entered another dangerous phase. After a brief period...