32 C
New Delhi

500 वर्षाणाम् उपरांते धारिष्यन्ति सूर्यवंशी क्षत्रियाः चर्मस्य उपनहानि उष्णिषानि वा – राम मंदिर निर्माणाय प्रतिज्ञाबद्ध: ! 500 वर्षों बाद धारण करेंगे सूर्यवंशी क्षत्रिय चमड़े के जूते व पगड़ी – राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिज्ञाबद्ध !

Date:

Share post:

राम मंदिर भूमि पूजनाय व्यवस्थाम् बहु तीव्रे अस्ति ! राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यासस्य अनुसारम् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करिष्यति ! 5 अगस्त प्रस्तावित इति कार्यक्रमे पी एम मोदिस्य सह कतिपय वी आई पी अतिथीन् निमन्त्रणम् प्रेष्यष्यति ! यत् कश्चितापि प्रकारेण अस्य राम मंदिर आन्दोलने सम्मिलिता: सन्ति ! न्यासस्य अध्यक्षः नृत्य गोपाल दासस्य प्रवक्ता महंत कमल नयन दास: अकथयत् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद्या भूमि पूजनस्य समये गर्भगृहस्य अन्तरे रजतस्य पंच इष्टिका प्रतिष्ठाष्यति ! इदम् इष्टिका हिन्दू धर्मानुसार पंच ग्रहाणां प्रतीकम् भविष्यन्ति !

राम मंदिर भूमि पूजन के लिए तैयारी जोरों पर है ! राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करेंगे ! 5 अगस्त को प्रस्तावित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के समेत कई वी आई पी मेहमानों को निमंत्रण भेजा जाएगा ! जो किसी भी तरह इस राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे हैं ! ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के प्रवक्ता महंत कमल नयन दास ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन के दौरान गर्भगृह के अंदर चांदी की पांच ईंटे रखी जाएंगी ! ये ईंट हिंदू धर्म के अनुसार, पांच ग्रहों का प्रतीक होंगे !

पंच अगस्तस्य दिवस विशेषम् अस्ति !

पांच अगस्त का दिन खास है !

भारत सरकारः पूर्व वर्षे पंच अगस्तैव जम्मू-कश्मीरात् अनुच्छेद 370 निविर्तव्यस्य ऐतिहासिक निर्णयम् अकरोत् ! भारत सरकारः अकथयत् अयम् अनुच्छेद राजयाणं विकासे बाधकः आसीत् एतस्मिन् घाट्या:आतंकवादस्य वृद्धिम् मिलति स्म !

भारत सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला किया ! भारत सरकार ने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील कर दिया सरकार ने कहा कि यह अनुच्छेद राज्य के विकास में बाधक था और इससे घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा मिलता था !

केवल प्रतीक चित्र

सूर्यवंशी क्षत्रियाः धारिष्यन्ति चर्मस्य उपनहानि उष्णिषानि च् !

सूर्यवंशी क्षत्रिय धारण करेंगे चमड़े के जूते और पगड़ी !

अयोध्येन समवस्थितं पूरा बाजार प्रखंड आर्श्व पार्श्वस्य 105 ग्रामाणाम् क्षत्रिय कुटुम्बकाणि 500 वर्ष उपरांत पुनः एकदा उष्णिषानि बंधिष्यन्ति चर्मस्य उपनहानि उपनहिष्यन्ति ! कारणम् – राम मंदिर निर्माणस्य अस्य संकल्प पूर्ण अभवत् ! अयम् ग्रामेषु गृहम्-गृहम् गत्वा क्षत्रियाणि उष्णिषानि अबंटन् ! सूर्यवंशी समाजानां पूर्वाजा: मंदिरे प्रहणस्य उपरांते अस्य वर्तासि शपथम् अगृहणत् स्म ! यदैव मंदिर पुनात् न निर्मयति, ते शिरेषु उष्णिषानि न बंधिष्यन्ति,छत्रेण शिरम् न ढक्कीष्यन्ति चर्मस्य उपनहानि न उपनहिष्यन्ति ! वैवाहिक कार्यक्रमेषु अपि शिरेण स्फुटितम् रहन्ति ! काष्ठपादुका,प्लाष्टिक पादुका इत्यदयः धारयन्ति, चर्माणाम् पदत्राणानाम् पादुकानाम् प्रयोगम् माकुर्वन्ति ! सूर्यवंशी क्षत्रियाः अयोध्यास्य अतरिक्तम् प्रतिवेशिन् बस्ती जनपद्स्य 105 ग्रामेषु निवसन्ति ! अयम् सर्वा: क्षत्रियाः कुटुम्बकाणि स्वयमानि भगवतः रामस्य वंशजः इति मान्यन्ति !

अयोध्या से सटे पूरा बाजार ब्लाॅक व आस पास के 105 गांव के सूर्यवंशी क्षत्रिय परिवार 500 साल बाद फिर एक बार पगड़ी बांधेंगे और चमड़े के जूते पहनेंगे ! कारण- राम मंदिर निर्माण का इनका संकल्प पूरा हुआ ! इन गांवों में घर-घर जाकर क्षत्रियों को पगड़ियां बांटी गयी ! सूर्यवंशी समाज के पूर्वजों ने मंदिर पर हमले के बाद इस बात की शपथ ली थी ! जब तक मंदिर फिर से नहीं बन जाता है, वे सिर पर पगड़ी नही बांधेगें, छाते से सिर नहीं ढकेंगे और चमड़े के जूते नही पहनेंगे ! वैवाहिक कार्यक्रमों में भी सिर खुला रहता है, खड़ाऊँ, प्लास्टिक चप्पल आदि धारण करते हैं, चमड़े के जूते चप्पलों का प्रयोग नहीं करते हैं ! सूर्यवंशी क्षत्रिय अयोध्या के अलावा पड़ोसी बस्ती जिले के 105 गांव में रहते हैं ! ये सभी क्षत्रिय परिवार खुद को भगवान राम का वंशज मानते हैं !
 
प्रयागराज उच्चन्यायालयस्य पूर्व न्यायाधीश जस्टिस डी पी सिहस्य अनुसारे तेषाम् पूर्वजा: 16 तमे सदेषु मंदिर रक्षणार्थाय ठाकुर गजसिंहस्य नेतृत्वे मुगलेभ्यः युद्धम् अकारयत् ! तेषु ते परजितः अभवत् ! तदुपरांत गजसिंह: उष्णिषानि उपनहानि वा धार्यते इति प्रतिज्ञाम् अकरोत् स्म !

साभार भास्कर

प्रयागराज हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस डी पी सिंह के मुताबिक उनके पूर्वजों ने 16वीं सदी में मंदिर बचाने के लिए ठाकुर गजसिंह के नेतृत्व में मुगलों से युद्ध लड़ा ! उसमें वे हार गए ! उसके बाद गजसिंह ने पगड़ी व जूते न पहनने की प्रतिज्ञा ली थी !

कवि जयराज: अलिखत् स्म – जन्मभूमि उद्धारम् भव तर्हि दिवसः बहु भाग्यम् ! न छत्रम् चरणम् उपानह न बंधिष्यति उष्णीष् च् !

कवि जयराज ने लिखा था- ‘जन्मभूमि उद्धार होय ता दिन बड़ी भाग ! छाता पग पनही नहीं और न बांधहिं पाग।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

“Share Deep And Strong Ties With Italy”: Centre On Congress’ Meloni Jibe

India has stressed on the importance of "mutual respect" and "understanding" in its bilateral relationship with Italy and...

The Mecca Pact and India: How Pakistan, Saudi Arabia and Türkiye Could Reshape the Strategic Balance in South Asia

The recently announced defence understanding between Pakistan, Saudi Arabia and Türkiye—widely referred to in political commentary as the...

Russia’s Proposed Railway Line to India: A New Eurasian Trade Corridor That Could Reshape India–Russia Connectivity

A proposal emerging from Moscow could eventually transform the physical geography of India–Russia trade. Russia is exploring an...