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दंगाई मचा रहे थे शोर, ‘हिन्दू काफिरो को मारो और जन्नत जाओ’ – दिल्ली दंगो की चार्जशीट में हुआ खौफनाक खुलासा

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पिछले साल पास हुए सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट के बाद विदेशी ताकतों की सहायता से पूरे देश को जलाने की साजिश रची गयी। कई राज्यों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तो मुस्लिम दंगाइयों ने रेलवे और अन्य सरकारी संस्थानों में जमकर बवाल किया, बाद में सरकारों ने इस पर एक्शन भी लिया । लेकिन इन विदेशी ताकतों के मन में तो कुछ और ही चल रहा था।

दिसंबर में दिल्ली के शाहीन बाग़ में वहां के लोकल मुस्लिम लोगो और PFI जैसे आतंकवादी संगठन ने सरिता विहार से नॉएडा को जोड़ने वाले रास्ते को ठप्प कर दिया , लेकिन शायद ये भी कुछ कम था , इन दहशतगर्दो का प्लान तो कुछ और ही था। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति का भारत का दौरा प्रस्तावित था , और इस वजह से 24 – 25 फरवरी को एक संगठित प्रयास कर के पूरी दिल्ली को दंगो की आग में झोंक दिया गया। इन दंगो में 53 लोगो की मृत्यु भी हुई।

इन दंगो की जानकारी अब दिल्ली पुलिस द्वारा फाइल की गयी चार्जशीट में सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस के अनुसार , पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में शिव विहार पर भयानक दंगा हुआ था , ये दंगा वहां के लोकल मुस्लिम लोगो द्वारा भड़काया गया था ।

चार्ज शीट में ये बताया गया है की लोकल मुस्लिम दंगाइयों ने राजधानी स्कूल की छत पर अपना एक बेस बना लिया था, जहाँ से वे लोग पत्थरबाजी कर रहे थे, पेट्रोल बम फेंक रहे थे । इन लोगो ने वहीं पास में एक हिन्दू व्यापारी की दूकान ‘अनिल स्वीट कार्नर’ पर पेट्रोल बम से हमला कर के जला दिया। इस दूकान से दिलबर नेगी का शव मिला, जिसकी हालत वीभत्स थी।

इसके बाद ये दंगाइयों की भीड़ पास ही के DRP कान्वेंट स्कूल पर हमला करने गयी, वहां के पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों को तोडा फोड़ा गया। दिल्ली पुलिस ने राजधानी स्कूल के मालिक फैसल फारूख को गिरफ्तार किया था और स्कूल को सील भी किया था, क्यूकी उन्होंने दंगाइयों को अपने स्कूल का इस्तेमाल करने दिया।

दिल्ली पुलिस ने इस इलाके में दंगो की अलग अलग वारदातों के लिए 10 FIR भी दर्ज की। दिल्ली पुलिस के अनुसार दोपहर ३ बजे तक मुस्लिम दंगाइयों ने पूरे इलाके में तोड़ फोड़ की, उसके बाद हिन्दू भी घरो से निकले और प्रतिकार किया।

इस इलाके के ही एक हिन्दू वीरभान की हत्या का जिक्र भी किया गया है , जो अपने बेटे के साथ बाइक पर जा रहा था , तभी मुस्लिम दंगाइयों ने उसे गोली मार दी, गोली सीधा उनके सर में लगी और उनके तत्काल ही मृत्यु हो गयी , ऐसा बताया गया है कि जब वीरभान उस इलाके से गुजर रहे थे, तब दंगाइयों कि भीड़ नारे लगा रही थी कि ‘काफिरो को मारो, जन्नत मिलेगी’।

यहाँ ये बात भी काफी महत्वपूर्ण है कि पुलिस ने इस इलाके के सारे CCTV कि फुटेज देखने कि कोशिश कि, लेकिन अधिकांश CCTV खराब मिले। इस वजह से दिल्ली पुलिस को लोकल गवाहों से छानबीन करनी पड़ी , इन्ही लोगो कि निशानदेही पर वीरभान के हत्यारो को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। ढीली पुलिस ने मोहम्मद सलमान, मोहम्मद आरिफ , जावेद अली, अरशद सैफी और सोनू सैफी को गिरफ्तार किया, और आश्चर्य की बात है ये सभी वीरभान के पडोसी ही थे।

एक चश्मदीद गवाह अजय कुमार (जो एक टेलीकॉम इंजीनियर हैं ) के अनुसार वो उस दिन अपनी मौसी के घर से लौट रहे थे , जैसे ही वे हनुमान मंदिर पहुंचे, उन्होंने देखा की एक मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ मुस्तफाबाद इलाके से राजधानी स्कूल की तरफ जा रही थी । उन्होंने बताया की ‘ मुस्लिम भीड़ नारे लगा रही थी और हिन्दुओ को जम कर गालियां दी जा रही थी। अजय ने देखा कि इस भीड़ ने एक इंसान पर गोली चलाई जो बाइक पर जोहरीपुर की तरफ से आ रहा था, उनके पीछे उनका बेटा भी बैठा हुआ था । बाद में पता लगा कि ये व्यक्ति ही वीरभान थे।

अजय कुमार ने बताया कि भीड़ काफी भड़काऊ नारे लगा रही थी। भीड़ में कई लोग हिन्दू काफिरो को जान से मारने का आह्वान कर रहे थे, कई लोग इसे जिहाद बता रहे थे , जिसे करने पर जन्नत मिलती है , इस भीड़ ने रास्ते में आने वाली सभी हिन्दू दुकानों पर तोड़ फोड़ की, साथ ही साथ रास्ते में दिखने वाले हिन्दुओ पर गोलियां चलाई , पत्थरबाजी की और डंडो आदि से भी हमला किया।

अजय कुमार की गवाही के बाद दिल्ली पुलिस ने इन सभी लोगो को गिरफ्तार किया, जिन्होंने वीरभान की हत्या कर दी थी । मोहम्मद आरिफ और जावेद अली को छोड़ अन्य सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है ।

इन लोगो ने दिल्ली पुलिस को बताया की उन्हें व्हाट्सप्प ग्रुप्स पर मैसेज मिले थे इकठ्ठा होने के लिए। इन मैसेज की भाषा अत्यंत ही भड़काऊ थी, इनमे मुस्लिमो को भड़काया गया था कि सरकार उनके खिलाफ कानून बना कर उन्हें देश से निकालना चाहती है , और अब मुस्लिमो को इन काफिरो को अपनी ताकत बतानी ही पड़ेगी । इसमें ये भी बताया गया था कि इस समय अमेरिकी सदर डोनाल्ड ट्रम्प भी भारत में हैं, इसलिए इस समय किसी बह तरह कि घटना को पूरी दुनिया में कवरेज भी मिलेगी।

इन लोगो ने वीरभान की हत्या का चार्ज कबूल कर लिया है , पुलिस ने इन सभी के कॉल रिकार्ड्स और फ़ोन का डाटा भी कोर्ट में प्रस्तुत किया है। ये पता लगा है कि ये लोग अन्य कई दंगो में भी भाग ले चुके थे, इनमे से जावेद अली तो दिल्ली के अलग अलग भागो में हुए 9 दंगो में दहशत फैला चुका था।

हमे उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मामले में तहकीकात पूरी करेगी और सभी आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी। दिल्ली पुलिस ने PFI और पिंजड़ा तोड़ जैसे संगठनों के लोगो को गिरफ्तार भी किया है, इसके अलावा कई भड़काऊ भाषण देने वाले छात्र नेताओ को भी गिरफ्तार किया जा चुका है ।

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