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नमामि गंगे मिशन : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को दी 6 बड़ी परियोजनाओं की सौगात, ट्रैक्टर जलाने पर बोले प्रधानमंत्री मोदी – जिसकी पूजा करता है किसान, उसमें विपक्ष ने लगाई आग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘नमामि गंगे मिशन‘ के तहत हरिद्वार, ऋषिकेश और बद्रीनाथ समेत कई शहरों की 6 बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया | इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज मां गंगा की निर्मलता को सुनिश्चित करने वाली 6 बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया | इसमें हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ और मुनि की रेती में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और म्यूजियम जैसे प्रोजेक्ट भी शामिल हैं, इनके लिए मैं उत्तराखंड के सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं | प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘उत्तराखंड में उद्गम से लेकर पश्चिम बंगाल में गंगा सागर तक मां गंगा देश की करीब-करीब आधी आबादी के जीवन को समृद्ध करती हैं | इसलिए गंगा की निर्मलता आवश्यक है, गंगा जी की अविरलता आवश्यक है | बीते दशकों में गंगा जल की स्वच्छता को लेकर बड़े बड़े अभियान शुरू हुए थे लेकिन उन अभियानों में न तो जन भागीदारी थी और न ही दूरदर्शिता |’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर पुराने तौर-तरीके अपनाए जाते, तो आज भी हालत उतनी ही बुरी रहती लेकिन हम नई सोच, नई अप्रोच के साथ आगे बढ़े | हमने नमामि गंगे मिशन को सिर्फ गंगा जी की साफ-सफाई तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे देश का सबसे बड़ा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बनाया |’

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने चारों दिशाओं में एक साथ काम आगे बढ़ाया हैं –

  1. गंगा जल में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का जाल बिछाना शुरू किया |
  2. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ऐसे बनाए, जो अगले 10-15 साल की भी जरूरतें पूरी कर सकें |
  3. गंगा नदी के किनारे बसे 100 बड़े शहरों और 5,000 गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना |
  4. जो गंगा जी की सहायक नदियां हैं, उनमें भी प्रदूषण रोकने के लिए पूरी ताकत लगाना |’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज सरकार के इस चौतरफा काम का परिणाम हम सब देख रहे हैं | आज नमामि गंगे परियोजना के तहत 30 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है या पूरा हो चुका है |’ अब गंगा म्यूजियम के बनने से यहां का आकर्षण और अधिक बढ़ जाएगा। ये म्यूजियम हरिद्वार आने वाले पर्यटकों के लिए, गंगा से जुड़ी विरासत को समझने का एक माध्यम बनने वाला है। चारधाम की पवित्रता को अपने में समेटे देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा को मेरा नमन। आज जिस पुस्तक का विमोचन हुआ है, उसमें भी विस्तार से ये बताया गया है कि गंगा किस तरह हमारे सांस्कृतिक वैभव, आस्था और विरासत का बहुत बड़ा प्रतीक है। कृषि कानून के खिलाफ देश में हो रहे विरोध को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान जिनकी (ट्रैक्टर) पूजा करता है उसे ही आग लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून का विरोध करने वाले किसानों को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया।

वायुसेना कहती रही कि हमें आधुनिक लड़ाकू विमान चाहिए, लेकिन ये लोग उनकी बात को अनसुना करते रहे। हमारी सरकार ने फ्रांस सरकार से सीधे राफेल लड़ाकू विमान का समझौता कर लिया तो, इन्हें फिर दिक्कत हुई। चार वर्ष पहले का यही तो वो समय था, जब देश के जाबांजों ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंक के अड्डों को तबाह कर दिया था। लेकिन ये लोग अपने जांबाजों से ही सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे थे। सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध करके, ये लोग देश के सामने अपनी मंशा साफ कर चुके हैं।

इस कालखंड में देश ने देखा है कि कैसे डिजिटल भारत अभियान ने, जनधन बैंक खातों ने लोगों की कितनी मदद की है। जब यही काम हमारी सरकार ने शुरू किए थे, तो ये लोग इनका विरोध कर रहे थे। देश के गरीब का बैंक खाता खुल जाए, वो भी डिजिटल लेन-देन करे, इसका इन लोगों ने हमेशा विरोध किया। वर्षों तक ये लोग कहते रहें कि एमएसपी लागू करेंगे, लेकिन किया नहीं। एमएसपी लागू करने का काम स्वामीनाथन कमीशन की इच्छा के अनुसार हमारी ही सरकार ने किया। विरोध करने वाले किसानों को आजाद नहीं होने देना चाहते हैं, किसान जिनकी पूजा करता है उसे ही आग लगाई जा रही है।

अब से कुछ दिन पूर्व देश ने अपने किसानों को अनेक बंधनों से मुक्त किया है। अब देश का किसान कहीं पर भी, किसी को भी अपनी उपज बेच सकता है। लेकिन आज जब केंद्र सरकार किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं। ये लोग चाहते हैं कि किसान की गाड़ियां जब्त होती रहे, उनसे बिचौलिए मुनाफा कमाते रहे। अभी समाप्त हुए संसद सत्र में देश के किसानों, श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं। इन सुधारों से देश का श्रमिक सशक्त होगा, नौजवान सशक्त होगा, महिलाएं सशक्त होंगी, किसान सशक्त होगा। लेकिन आज देश देख रहा है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं।

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