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लव जिहाद की शिकार महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाले नायक बनकर उभरे वकील करूणेश शुक्ला

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जब नेहा जोगी श्रीवास्तव को नफ़ीस खान से प्यार हो गया तो उसे लगने लगा उसके चारों ओर की दुनिया इंद्रधनुष के सात रंगों में बदल गई हो, और नफ़ीस खान सबसे खूबसूरत इंसान है। नेहा जोगी अपने परिवार को बताऐ बिना नफ़ीस खान से मिलती रही। आख़िरकार दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाली नेहा ने नफ़ीस से शादी करने का निर्णय ले लिया। जब नेहा जोगी ने अपने परिवार को बताया कि वो नफ़ीस खान से प्रेम करती है और उससे शादी करना चाहती है तो उसके माता पिता को भारी आघात लगा। नेहा के माता पिता और उसके रिश्तेदारों ने बहुत समझाने की कोशिश की, मीडिया में आई “लव जिहाद” के परिणामों के बारे में बताया, परंतु युवावस्था ऐसी अवस्था होती है जिसमें ज़िंदगी का कड़वा सत्य कम ही समझ में आता है।

बालिग़ नेहा जोगी ने अपने माता पिता और परिवार के विरुद्ध जाकर नफ़ीस खान से मार्च 2018 में शादी कर ली। अभी डेढ़ महीने भी नहीं बीते थे कि, नफ़ीस खान जो नेहा का पति और प्रेमी हुआ करता था, एक कट्टर मुसलमान में बदल गया, हालाँकि नफ़ीस खान ने शादी के पहले कहा था कि नेहा पूजा पाठ कर सकती है, उसे अपना धर्म बदलने की ज़रूरत नहीं है। नफ़ीस खान नेहा को नमाज़ पढ़ने के लिये कहता, ना पढ़ने पर हैवानों की तरह पिटाई कर देता। फिर उसने नेहा को ज़बरदस्ती भैंस का मांस खिला दिया। नेहा के विरोध करने पर नफ़ीस ने फिर उसकी पिटाई कर दी। नफ़ीस नेहा के उपर धर्म बदलने का जबाब लगातार बनाता रहा। इसी बीच नेहा को एक खूबसूरत बेटी पैदा हूई। बाप बनने के बाद नफ़ीस की हैवानियत और बढ़ गई। नेहा ने अपनी शादी बचाने की कोशिश बहुत की, परंतु जब उसको ये लगने लगा उसका जीवन ख़तरे में है तो उसने अपने माता पिता से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई, और उनके पास चली गई।

ये है लव जिहाद का नरक। लव जिहाद की शिकार अनगिनत लड़कियों की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत कभी बलात्कार, कभी उनकी हत्या, कभी उनकी ब्लैकमेल, तो कभी जबरन पैसे वसूली पर आकर ख़त्म होता है। लव जिहाद की अधिकतर लड़कियाँ अपने माता पिता से रिश्ता तोड़ चूकी होती है। ऐसे में क़ानूनी मदद प्रदान करने वालों में एक ही नाम आता है और वो है 30 वर्षीय करुणेश शुक्ला, जो सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के वकील हैं। करुणेश शुक्ला और उनकी टीम ने लव जिहाद के शिकार ऐसे अनगिनत लड़कियों का मदद किया है, जैसे केस दर्ज कराना, लड़की का दुबारा से उसके परिवार बसा देना और उनको सुरक्षा प्रदान करना। अयोध्या के रहनेवाले करुणेश शुक्ला ने अपनी पढ़ाई के दौरान लव जिहाद की शिकार हिंदु महिलाओं का जीवन बर्बाद होते हुऐ देखा, जिसका उनके मन पर बहुत गहरा असर हुआ, तब से उन्होंने अपनेआप के साथ ये प्रण किया था कि वो हर हाल ऐसी पीड़िता की मदद करेंगे।

करुणेश शुक्ला ने अपनी वकालत के दौरान अब तक 50 से 60 हिंदु महिलाओं को लव जिहाद के चूंगल से छुड़ाया और उन सबको पुनर्वासित करवाया। अजीब बात ये है कि लव जिहाद कि शिकार हिंदु महिलाऐं ना तो अपने व्यावहारिक बुद्धि का इस्तेमाल करती है, ना ही बड़े बुजुर्गों की बात सुनती है। ऐसा लगता है जैसे वो खुद शिकार बनने के लिये तैयार खड़ी हैं। करुणेश शुक्ला बताते हैं, “लव जिहाद एक बहुत ही सोचा समझा षड़यंत्र है , यह गज़वाएहिंद का हिस्सा है, जिसके तहत हिन्दू लड़कियों को शिकार बना कर उनका धर्म परिवर्तन किया जाता है।” जब करुणेश शुक्ला एक पीड़ितों को बचाने के लिये युद्ध के मैदान में उतरते हैं तो उनके उपर चारों तरफ़ से हमला होता है। पीड़िता का पति या प्रेमी करुणेश शुक्ला को जान से मारने की धमकी देता है। पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में उदासीन रहती है या अभियुक्त की तरफ़दारी करती है, तो करूणेश शुक्ला को भी दो चार बातें सुना देती है। नेहा जोगी के मामले में बुराड़ी पुलिस स्टेशन में नफ़ीस खान को चाय के साथ आवभगत किया, पर नेहा जोगी का शिकायत लिखने को तैयार नहीं थे।

करुणेश शुक्ला बताते हैं कि लव जिहाद के लिए भारत में विदेशों से काफी पैसे आ रहें है, जिससे गली गली में जिहादी सैलून खोल रहे हैं। असलियत में वो सैलून नहीं लब जिहाद केन्द्र है।जहां कुछ जिहादी बाल काटते हैं, तो कुछ जिहादी बड़ी बड़ी मोटरसाइकिल पर सवार होकर, लब जिहाद का शिकार करते हैं। यही वजह है, करुणेश शुक्ला को धमकी भरे फ़ोन कभी पाकिस्तान से आते हैं। लव जिहाद की शिकार हिंदु पीड़िता को बचाना और उन्हें पुनर्वासित करने का मतलब है अपनी जान को हथेली पर रखकर चलना। करुणेश शुक्ला की स्थिति भी कुछ ऐसी है, इसके बावजूद भी वो एक योद्धा की तरह तटस्थ खड़े हैं।

एक तीस वर्षीय वकील से ये उम्मीद की जाती है कि वो ऐसे केस को अपने हाथ में ले जिसमें उसकी कमाई अच्छी हो और जान की सुरक्षा भी बनी रहे। लेकिन करूणेश शुक्ला अपने जीवन को जोखिम में डालकर, नि:शुल्क लव जिहाद की पीड़िता का केस लड़ते हैं, ज़रूरत पड़े तो अपने जेब से मदद कर पीड़िता को पुनर्वासित भी करते हैं, जैसे कभी सिलाई मशीन ख़रीदकर, तो कभी रोज़गार के दूसरे उपाय मुहैया करवाकर। करूणेश शुक्ला के माता पिता को करुणेश की बहुत चिंता होती है। अपने माता पिता को तसल्ली देते हुऐ करूणेश यही कहते है, “पिताजी जब तक जीवित हूँ तब तक लव जिहाद की पीड़िता का मदद करता रहूँगा और उन्हें पुनर्वासित करता रहूँगा। लव जिहाद की उद्देश्य हिंदु समाज की जड़ों प्रहार करना है, हिंदु समाज को खोखला करना है, अगर इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में इसके दूषपरिणाम बहूत भयंकर हो सकते हैं। इसिलिये मैं ये लड़ाई निरंतर लड़ता रहूँगा।

जय हिंद

1 COMMENT

  1. लव जेहाद एक सुना नाम है
    लव जेहाद मे फंस कर तमाम लङकिया अपनी जान से हाथ धो चुकी है फिर भी ऐसी घटनाऐ क्यो नही रूक रही ।
    यह एक विचारणीय प्रश्न है

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