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आईएसआईएस इत्यस्य मूलानि बहु प्रगाढ़म्, उत्तर प्रदेशस्य जनपद बलरामपुरेव अप्राप्यते ! आईएसआईएस की जड़े बहुत गहरी, उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर तक पहुंची !

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दिल्लियाम् अग्रहयत् आईएसआईएस इत्यस्य सदस्य अबू यूसुफ (बाबा) बलरामपुर जनपदस्य उतरौला कोतवाली क्षेत्रस्य बढ़या भैसाही ग्रामस्य निवासिम् अस्ति ! इदम् वार्ता सम्मुखम् आगतेव् एटीएस बलरामपुर आरक्षकेन सह पूर्ण ग्रामम् अवरुद्धित्वा अन्वेषणयते ! अकस्मात् अभवत् इति कार्यवाहेन ग्रामे उथलम् पुथलम् अभवत् !

दिल्ली में पकड़ा गया आईएसआईएस का सदस्य अबू युसूफ उर्फ बाबा बलरामपुर जिले के उतरौला कोतवाली क्षेत्र के बढ़या भैसाही गांव का रहने वाला है ! यह बात सामने आते ही एटीएस ने बलरामपुर पुलिस के साथ पूरे गांव को सील कर तलाशी ली ! अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कम्प मच गया !

ग्रामे यूसुफ नामकस्य कश्चित जनेव न आसीत् तु इति कार्यवाहेनेव ज्ञातम् अभवत् तत ग्रामस्य मुस्तकीम एव आईएसआईएस संगठने यूसुफ नामेन सलग्नम् अभवत् स्म ! त्रय घटकस्य अन्वेषणस्य उपरांत एटीएस तस्य गृहेन बहु मात्रेषु विस्फोटकम् अप्राप्यत् ! अस्य उपरांतेव आरक्षकः तस्य भार्या कुटुम्बस्य अन्य सदस्यानि वा निग्रहयते ! पुनः गृहम् अवरुद्धित्वा पूर्ण दलम् पुनरागच्छत् ! अवधाने ग्रामे आरक्षकः नियुक्तम् क्रियते !

गांव में युसूफ नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं था ! लेकिन इस कार्रवाई से ही पता चला कि गांव का मुस्तकीम ही आईएसआईएस संगठन में यूसूफ नाम से जुड़ा हुआ था ! तीन घंटे की तलाश के बाद एटीएस को उसके घर से भारी मात्रा में विस्फोट मिला ! इसके बाद ही पुलिस ने उसकी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया ! फिर घर को सील कर पूरी टीम लौट गई ! एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है !

साभार ani

दिल्लिया: धौलकुवें यूसुफस्य बन्दीस्य उपरांतेव बहु गुप्त रहस्यम् उद्घट्यते स्म ! अस्य क्रमे बलरामपुरस्य ग्रामस्य नामम् सम्मुखम् आगतः तर्हि यूपी आरक्षकम् अत्रस्य च् एटीएस अपि सचेतम् अभवत् ! प्रथमे सः यूसुफ बदित्वा सर्वाणि पथभ्रमितम् करोति स्म ! उपरांते ज्ञानम् अभवत् तत तस्य वास्तविक नाम मुस्तकीम: अस्ति बढ़या ग्रामे निवासिम् कफील खानस्य पुत्रम् अस्ति !

दिल्ली के धौलकुआं में युसूफ की गिरफ्तारी के बाद ही कई राज खुलने लगे थे ! इसी कड़ी में बलरामपुर के गांव का नाम सामने आया तो यूपी पुलिस और यहां की एटीएस भी अलर्ट हो गई ! पहले वह युसूफ बताकर सबको गुमराह करता रहा था ! बाद में पता चला कि उसका असली नाम मुस्तकीम है और बढ़या गांव में रहने वाले कफील खान का बेटा है !

साभार ani

बलरामपुर आरक्षकम् मध्यान्हे अज्ञायत् !

बलरामपुर पुलिस को दोपहर में पता चला !

मुस्तकीमस्य ग्रह्यतस्य संज्ञानम् जनपदस्य आरक्षकम् नासीत् ! मध्यान्ह १२ वादनम् आरक्षक अधीक्षकः देव रंजन वर्माम् बढ़या भैसाही ग्रामम् अवरुद्धस्य आदेशम् अप्राप्तत् ! अस्य उपरांतम् बढ़या भैसाहे एटीएस दिल्ली आरक्षकम् वा अप्राप्यत् ! एटीएस इतम् मुस्तकीमस्य कक्षेन केचन धार्मिक साहित्यमपि प्राप्तस्य दृढ़ कथनम् क्रियते ! वस्तुतः आरक्षकम् एतेन निषेधयति !

मुस्तकीम के पकड़े जाने की सूचना जिले की पुलिस को नहीं थी ! दोपहर करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा को बढ़या भैसाही गांव को सील करने का आदेश मिला ! इसके बाद बढ़या भैसाही में एटीएस व दिल्ली पुलिस पहुंची ! बताया जाता है कि मुस्तकीम के घर भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ की बरामदगी हुई है। एटीएस को मुस्तकीम के कमरे से कुछ धार्मिक साहित्य भी मिलने का दावा किया जा रहा है ! हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है।

भार्या शिशूनां नामम् वा पारपत्रम् निर्मितासीत् !

पत्नी व बच्चों के नाम पासपोर्ट बना था !


अन्वेषणे मुस्तकीम, तस्य भार्या चत्वारि शिशुनां वा पारपत्रमपि प्राप्तम् अभवत् ! वस्तुतः इति पारपत्रे मुस्तकीम कुत्र अगच्छत् न वा, इतिदा कश्चित ज्ञानम् न अददात् ! ग्रामस्य केचन जनानि अस्पष्ट बचनम् आरक्षकम् इदम् अवश्यम् कथयतु तत मुस्तकीम प्रायः लुप्तम् भवति स्म, पुनः सः कदापि एकम् द्वे मसानि तर्हि कदापि दश द्वादश दिवसेव आगच्छति स्म ! सः कुत्र गच्छति स्म, इतिदा तस्य प्रतिउत्तरे कतिदा संशयं भवति स्म !

तलाशी में मुस्तकीम, उसकी पत्नी व चार बच्चों का पासपोर्ट भी बरामद हुआ है ! हालांकि इस पासपोर्ट पर मुस्तकीम कहीं गया अथवा नहीं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ! गांव के कुछ लोगों ने दबी जुबान पुलिस को यह जरूर बताया कि मुस्तकीम अक्सर गायब हो जाता था, फिर वह कभी एक-दो महीने तो कभी 10-12 दिन में ही आ जाता था ! वह कहां जाता था, इस बारे में उसके जवाब पर कई बार संशय बना रहता था !

बहु गृहेषु अभवत् अन्वेषणम् !

कई घरों में हुई तलाशी !

मुस्तकीमस्य ग्रामस्य केचन गृहानि आगमनम् प्रस्थानम् अत्यधिकम् आसीत् ! इदम् वार्ता सम्मुखम् आगते एटीएस आरक्षकम् च् इति गृहेषु अपि अन्वेषणति अत्रेण केचन अभिलेखम् केचन जनानाम् वा दूरभाष यंत्रम् ग्राह्यते !

मुस्तकीम का गांव के कुछ घरों आना-जाना ज्यादा था ! यह बात सामने आने पर एटीएस और पुलिस ने इस घरों में भी तलाशी ली ! यहां से कुछ दस्तावेज व कुछ लोगों के मोबाइल कब्जे में ले लिए !

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