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कुत्रचित् पूजनम् कुत्रचित् शोथम् कुर्चकः जिन्ना: वा -संबित पात्रास्य गूर्ण भवति प्रमाणितम्, भवानपि पठतु ! कहीं पूजन कहीं सूजन व दाढ़ी वाला जिन्ना – संबित पात्रा का बयान हो रहा है प्रमाणित, आप भी पढ़े !

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आउट लुकस्य अनुसारम् बाबरी मस्जिद एकम् मस्जिद अस्ति अयम् च् सदैव एकम् निर्मितिष्यति – असदुद्दीन ओवैसी:

आउट लुक के अनुसार बाबरी मस्जिद एक मस्जिद है और यह हमेशा एक बनी रहेगी – असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी कुर्चकः जिन्ना: – संबित पात्रा:

असदुद्दीन ओवैसी दाढ़ी वाला जिन्ना – संबित पात्रा

साभार कुरील

सांसदः असदुद्दीन ओवैसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: प्रस्तावित अयोध्याम् यात्रास्य विरोधम् अकरोत् ! ओवैसी: अकथयत् तत् विधि अनुसारम् प्रधानमंत्री: अयोध्यायाम् भूमिपूजन कार्यक्रमे प्रधानमंत्रिस्य सम्मिलित भवेत् प्रधानमंत्रिस्य संवैधानिक शपथस्य उल्लंघनम् भविष्यति ! AIMIM अध्यक्ष ओवैसी: अकथयत् तत् धर्मनिरपेक्षता संबिधानस्य मुख्य सरंचनास्य अंशम् सन्ति !

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रस्तावित अयोध्या यात्रा का विरोध किया है ! ओवैसी ने कहा है कि बतौर प्रधानमंत्री अयोध्या में भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का शामिल होना प्रधानमंत्री के संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा ! AIMIM अध्यक्ष ओवैसी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता संविधान के बुनियादी ढांचे का हिस्सा है !

४०० वर्षेव अयोध्यायाम् आसीत् बाबरी – ओवैसी:

400 सालों तक अयोध्या में थी बाबरी – ओवैसी

ओवैसी: अग्रे अकथयत् तत् वयं अस्य वार्तासि न विस्मरामः तत् बाबरी ४०० वर्षेव अयोध्यायाम् उदतिष्ठतु आसीत् १९९२ तमे च् यस्मिन् एकम् आपराधिक सम्मर्द: अपतत् आसीत् !

ओवैसी ने आगे कहा कि हम इस बात को नहीं भूल सकते हैं कि बाबरी 400 सालों तक अयोध्या में खड़ी थी और 1992 में इसे एक आपराधिक भीड़ ने ढहा दिया था !

अस्य विवादग्रस्त गूर्णे मिलति ओवैसिम् कटु प्रत्युत्तरम् !

इस विवादित बयान पर मिल रहा है ओवैसी को कड़े जवाब !

यथा तत् ओवैसी अकथयत् तत् प्रधानमंत्रिम् अयोध्यायाम् गच्छ संवैधानिक न अस्ति तर्हि शिरस्त्राणम् परिधत्वा संसद गमनम्, संसदैपि नमाज पठनम्, भारते न्यवसित्वा न्यायालयम् न मननम्, किं अयम् संवैधानिकम् अस्ति, प्रधानमंत्री कश्चित् दलगतम् न भवति सः सम्पूर्ण देशस्य भवति !

जैसा कि ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अयोध्या में जाना संवैधानिक नही है तो टोपी पहनकर संसद जाना,संसद में ही नमाज पढ़ना, भारत में रहकर न्यायालय को न मानना,क्या यह संवैधानिक है,प्रधानमन्त्री किसी पार्टीगत नहीं होता है वह पूरे देश का होता है !

ओवैसी: महोदयः प्रधानमंत्री त्वम् जनानाम् कार्यक्रमे आगतवान तर्हि संवैधानिकम्, यदि हिन्दूनाम् कार्यक्रमे गतवान तर्हि असंवैधानिकम्, अहो किं मूर्खतापूर्णम् वार्ता अस्ति किं तर्कविहीनम् बुद्धिम् अस्ति, शब्दानां झंझावतात् बहिर् निस्सरतु, कूपम् मण्डूकस्य प्रकारम् न रहतु, सतस्य सम्यकम् करोतु कदाचित् जनाः त्वया भारतस्य द्वितीय पप्पू न कथयन्तु !

ओवैसी महोदय प्रधानमंत्री तुम लोगों के कार्यक्रम में आ जाये तो संवैधानिक, अगर हिन्दुओं के कार्यक्रम में चला जाये तो असंवैधानिक, वाह क्या बेवकूफाना बात है क्या तर्क विहीन बुद्धि है, शब्दों के झंझावत से बाहर निकलिए, कुएं के मेढक की भांति न रहिये, सच्चाई का सामना करिये कहीं लोग तुमको भारत का दूसरा पप्पू न कह दें !

मुस्लिम समाजम् हित्वा राजनीति न करोतु, भवान् अकथयत् अयोध्यायाम् ४०० वर्षेभ्यः मस्जिदम् अस्ति तर्हि तर्कविहीनम् पुरुषः अयम् बदतु तस्मात् पूर्वे अयोध्यायाम् कासीत्, मन्दिरम् मस्जिदम् वा ? याददाश्तम् क्षीणम् न भव तर्हि स्मरतु सर्वोच्च न्यायालयम् अकथयतस्ति तत् अयोध्यायाम् रामस्य मंदिर स्म रहिष्यति च्, बाबर: यथा आतंकैव सः मन्दिरम् छित्वा मन्दिरम् अरचयन् स्म, सम्प्रति तत्र मन्दिरम् निर्मिष्यति, तेनैव तर्हि भवति ५ अगस्तस्य !

मुस्लिम समाज को भड़काकर राजनीति न करिए, आपने कहा अयोध्या में 400 वर्षों से मस्जिद है तो तर्कविहीन व्यक्ति यह बता उससे पहले अयोध्या में क्या था, मंदिर या मस्जिद ? याददाश्त कमजोर न हो तो याद रखिए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि अयोध्या में राम का मंदिर था और रहेगा, बाबर जैसे आतंकी ने ही वह मंदिर तोड़कर मस्जिद बना लिया था,अब वहां मंदिर बनेगा ! वही तो हो रहा है 5 अगस्त को !

साभार सत्य हिन्दी

विश्व हिंदू परिषदस्य अध्यक्ष आलोक कुमारः अकथयत् “अहम् सम्बुध्यते तत् ओवैसिस्य आपत्तिम् सत नास्ति ! ५ न्यायाधिशानां प्रोष्ठम् निर्णयम् अकारयत् तत् अत्रैव रामललास्य जन्माभवत् इदानीं मान्यताम् सतास्ति अयम् भूमि रामललास्य अस्ति अयमपि सतास्ति ! अस्य निर्णयम् सर्वाणि स्वीकरोति अस्य भूम्या परिवर्तने द्वितीय भूमि मुस्लिम स्वीकरोति ! ओवैसिस्य यदि न्यायालये विश्वासम् अस्ति तर्हि ५ न्यायाधिशानां एकमतम् निर्णयस्य उपरांत कश्चितस्य राम मंदिर निर्मयते आपत्तिम् न भवनीय !

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि ओवैसी की आपत्ति सच नहीं है ! 5 जजों की बेंच ने निर्णय किया कि यहां रामलला का जन्म हुआ ऐसी मान्यता सत्य है ! ये भूमि रामलला की है ये भी सत्य है ! इस निर्णय को सभी ने स्वीकार किया है इस भूमि के एवज में दूसरी भूमि मुसलमान स्वीकार किया हैं ! ओवैसी को अगर न्यायालय में विश्वास है, संसद में विश्वास है और उसी संविधान जिसकी उन्होंने शपथ ली है, उसमें विश्वास है, तो 5 जजों के एकमत निर्णय के बाद किसी को राम मंदिर बनाने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए’ !

प्रधानमंत्री यदि एकम् संवैधानिक कार्याय गच्छति,अयम् एकम् इदानीं कार्यम् अस्ति यस्य सर्वोच्च न्यायालयम् अकथयत् तत् भवनीय, तर्हि, तस्मिन् असंवैधानिकम् कास्ति ! यत् आकृति: अपतत् स्म सः तेन कालस्य भावनानां उद्वेगम् आसीत् षड्यंत्रम् वा, अस्य विषयो श्रृणुवन् इदानीम् भवति ! निर्णयम् इदानीम् न अगच्छत् ! तु, अहम् अस्य वार्ताम् एकस्य तथ्यस्य रूपे जानामि तत् कश्चित् षड्यंत्रम् न आसीत् विश्वासम् करोति च् तत् अस्माकं नेतारः स्व निर्दोषताम् सिद्धम् करिष्यति !

प्रधानमंत्री अगर एक संवैधानिक काम के लिए जा रहे हैं, यह एक ऐसा काम है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि होना चाहिए, तो, उसमें असंवैधानिक क्या है ! जो ढांचा गिरा था वो उस समय की भावनाओं का उद्वेग था या षड्यंत्र, इस विषय पर सुनवाई अभी हो रही है ! निर्णय अभी नहीं आया है ! पर, मैं इस बात को एक तथ्य के रूप में जानता हूं कि कोई षड्यंत्र नहीं था और विश्वास करता हूं कि हमारे नेता कोर्ट में अपनी निर्दोषता साबित कर पाएंगे !

संबित पात्रा: शब्दरूपम् बणेभ्यः तर्हि ओवैसिस्य हिन्दू विरोधीम् मनःस्थिते: स्पष्टीकरणम् आददात्, कुर्चकः जिन्ना: इति कथित्वा तस्य धर्मनिर्पेक्षतस्य प्रतोलीम् अनावृतत्, भवानपि पश्यतु !

संबित पात्रा ने शब्द रूपी बाणों के द्वारा तो ओवैसी के हिन्दू विरोधी मानसिकता का स्पष्टीकरण दे दिया,दाढ़ी वाला जिन्ना कहकर उनके सेकलुरिज्म की पोल खोल दी, आप भी देखें !

हिन्दू विरोधिन् ओवैस्येन पूर्वे अददात् गूर्ण यस्मिन् अभवत् बहु कलहम् !

हिन्दू विरोधी ओवैसी के द्वारा पहले दिए गए बयान जिन पर हुआ खूब विवाद !

त्रय विवाह विच्छेदे आददात् गूर्ण ! हिन्दूनि अर्थसहाय्ये सर्कारम् भर्तस्कः ! भाजपा – आर एस एस नेतृणाम् मस्तिष्कस्य स्वच्छता बहु आवश्यकम् सन्ति ! जयतु भारत माता इति न आवश्यकम् ! रूप्यकम् स्थगन् अवसरम् मुस्लिम क्षेत्रेषु न प्रेषयति रूप्यकम् ! बाबरी मस्जिदे गूर्ण ! सपा कांग्रेस गठबन्धने गूर्ण ! इस्लामेन समन्वितम् गृहम् पुनरागमनम् इत्यादयः !

तीन तलाक पर दिया गया बयान ! हिंदुओं को सब्सिडी पर सरकार को धमकी ! भाजपा-आर एस एस नेताओं के दिमाग की सफाई ज्यादा जरूरी है ! भारत माता की जय’ जरूरी नहीं !
नोटबंदी के वक्त मुस्लिम इलाकों में नहीं भेजा जा रहा पैसा ! बाबरी मस्जिद पर बयान ! सपा- कांग्रेस का अलायंस पर बयान ! इस्लाम से जुड़ना घर वापसी इत्यादि !

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