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Tuesday, November 30, 2021

कृषि विधेयके कांग्रेसस्य विरोधम् कुत्रैव उचितम् ! कृषि विधेयक पर कांग्रेस का विरोध कहां तक जायज ?

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कृषि विधेयकम् राष्ट्रपतिस्य सहमतिम् अप्राप्यत् सम्प्रति इयम् विधेयकम् च् भारतस्य विधिस्य अंशम् अभवत् ! केंद्र सर्कारम् एकम्प्रति इति विधिम् ऐतिहासिकम् बदनोति तर्हि द्वितीयम्प्रति विपक्ष विशेषेन कांग्रेसम् येन डेथ वारंट इति यथा अबदयत् विरोधम् करोति च् !

कृषि बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है और अब यह बिल भारत की कानून का हिस्सा हो चुका है ! केंद्र सरकार एक तरफ इस कानून को ऐतिहासिक बता रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष खासतौर से कांग्रेस ने इसे डेथ वारंट जैसा बताया है और विरोध कर रही है !

साभार पत्रिका

सोमवासरम् इंडिया गेट इत्यस्य निकषा एकम् ट्रैक्टर इतम् अदग्धते ! कांग्रेसेन संलग्नम् जनाः यत् स्वयमम् कृषकम् भवस्य दृढ़कथनम् करोति स्म तानि जनानि कृषि विधेयकस्य विरुद्धम् ट्रैक्टर इतम् अदग्धयते ! तु तत् अर्धदग्धम् ट्रैक्टर इति कांग्रेसस्य इच्छायाम् प्रश्नम् उत्थायति ! किं कांग्रेस केवलं प्रसिद्धिम् इच्छति !

सोमवार को इंडिया गेट के करीब एक ट्रैक्टर को जलाया गया ! कांग्रेस से जुड़े लोग जो खुद को किसान होने का दावा कर रहे थे उन लोगों ने कृषि कानून के खिलाफ ट्रैक्टर को फूंक दिया ! लेकिन वो अधजला ट्रैक्टर कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है ! क्या कांग्रेस सिर्फ पब्लिसिटी चाहती है !

वस्तुतः येन ट्रैक्टर इतम् इंडिया गेट इत्यस्य निकषा अग्निम् समर्पयेत् तेनैव ट्रैक्टर इते २० सितंबर इतम् हरियाणायाः अम्बालायामपि अग्निम् प्रज्वलयते स्म इयम् च् एकम् वृहद कारणमस्ति यत् कांग्रेसस्य इच्छेन प्रश्नम् उत्थायति तत किं कांग्रेसम् केवलम् राजनीतिक रोट्टिकाम् अदग्धम् स्म तत् वा वास्तवे कृषकानाम्दा विचार्यति !

दरअसल जिस ट्रैक्टर को इंडिया गेट के करीब आग के हवाले किया गया उसी ट्रैक्टर में २० सितंबर को हरियाणा के अंबाला में भी आग लगाया गया था और यह एक बड़ी वजह है जो कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठा रही है कि क्या कांग्रेस को सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकनी थी या वो वास्तव में किसानों के बारे में सोचती है !

साभार pmo ट्वीटर हैंडल

पीएम मोदी: उत्थायत् विपक्षस्य नीति नियते च् प्रश्नम् !

पीएम मोदी ने उठाए विपक्ष की नीति और नीयत पर प्रश्न !

भारतस्य पहले यदा सम्पूर्ण विश्वम् अंतरराष्ट्रीय योग दिवसम् मान्यति स्म, तर्हि इयम् भारतैव तिष्ठति जनाः तस्य विरोधम् करोति स्म यदा सरदार पटेलस्य सर्वात् उच्चै: प्रतिमाया: अनावरणम् भवति स्म, तदापि इयम् जनाः अस्य विरोधम् करोति स्म अद्यैव यस्य कश्चित वृहद नेतारः स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इति न अगच्छत् !

भारत की पहल पर जब पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही थी, तो ये भारत में ही बैठे लोग उसका विरोध कर रहे थे जब सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण हो रहा था, तब भी ये लोग इसका विरोध कर रहे थे आज तक इनका कोई बड़ा नेता स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं गया है !

पूर्व मासैव अयोध्यायां भव्य राममन्दिरस्य निर्माणाय भूमिपूजनम् अक्रियते ! इयम् जनाः प्रथमं सर्वोच्च न्यायालये राममन्दिरस्य विरोधम् करोति स्म पुनः भूमिपूजनस्य विरोधम् अक्रियते ! प्रत्येक परिवर्तिते दिनांकेन सह विरोधाय कृत: इयम् जनाः अप्रासंगिकम् भव्यते !

पिछले महीने ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है ! ये लोग पहले सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का विरोध कर रहे थे फिर भूमिपूजन का विरोध करने लगे ! हर बदलती हुई तारीख के साथ विरोध के लिए विरोध करने वाले ये लोग अप्रासंगिक होते जा रहे हैं !


अद्य यदा केंद्र सर्कारम्, कृषकानि तस्य अधिकारम् ददाति, तर्हि अपि इयम् जनाः विरोधे अवतरयते ! इयम् जनाः इच्छन्ति तत देशस्य कृषकः स्वच्छंद आपणेषु स्व उत्पाद न अविक्रयते ! यानि वस्तूनां, उपकरणानां कृषकः पूजनम् करोति, तेन अग्नि प्रज्ज्वलित्वा इयम् जनाः सम्प्रति कृषकानि अपमानितम् कुर्वन्ति !

आज जब केंद्र सरकार, किसानों को उनके अधिकार दे रही है, तो भी ये लोग विरोध पर उतर आए हैं ! ये लोग चाहते हैं कि देश का किसान खुले बाजार में अपनी उपज नहीं बेच पाए ! जिन सामानों की, उपकरणों की किसान पूजा करता है, उन्हें आग लगाकर ये लोग अब किसानों को अपमानित कर रहे हैं !

साभार गूगल

देशस्य कृषका:, श्रमिका: देशस्य च् स्वस्थ्येन संलग्नम् वृहद सुधारम् कृतवान ! एतत सुधारै: देशस्य श्रमिक: सशक्तम् भविष्यति, देशस्य युवा सशक्तम् भविष्यति, देशस्य स्त्रीयाणि सशक्तम् भविष्यन्ति, देशस्य कृषकः सशक्तम् भविष्यति ! तु अद्य देशम् पश्यति तत कीदृशं केचन जनाः केवलम् विरोधाय विरोधम् कुर्वन्ति !

देश की किसानों, श्रमिकों और देश के स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार किए गए हैं ! इन सुधारों से देश का श्रमिक सशक्त होगा, देश का नौजवान सशक्त होगा, देश की महिलाएं सशक्त होंगी, देश का किसान सशक्त होगा ! लेकिन आज देश देख रहा है कि कैसे कुछ लोग सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं !

निष्कर्षम् :

निष्कर्ष :

कांग्रेसम् इति प्रकारस्य कृत्याय ज्ञायन्ते ! कॄषि विधेयकस्य विरुद्धम् कांग्रेसस्य पार्श्व कथ्याय केचनमपि नास्ति अतएव विरोधम् कृतमस्ति ! पंजाबे सीएम अमरिंदर सिंह: एकम्प्रत्येन अलखम् जाग्रयति तर्हि सोनिया गांधी उद्दतस्य करीम कुरुतः ! वस्तुतः कांग्रेस स्वयमस्य निर्मित जालम् उलझ्यते ! एमएसपी इत्यस्य प्रकरणम् कांग्रेसाय भवतैव न: ! प्रशासकीय निर्णयानां रूपे इति सम्मिलयते स्म ! सम्प्रति इदृशेषु कांग्रेसस्य विरोधम् किमस्ति ?

कांग्रेस इस तरह की हरकतों के लिए जानी जाती रही है ! कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस के पास कहने के लिए कुछ नहीं है लिहाजा विरोध करना है ! पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह एक तरफ से अलख जगा रहे हैं तो सोनिया गांधी भड़काने का काम कर रही हैं ! दरअसल कांग्रेस खुद के बुने हुए जाल में फंस जाती है ! एमएसपी का मुद्दा कांग्रेस के लिए रहा ही नहीं ! प्रशासकीय फैसले के तौर पर ही इसे जोड़ा गया था ! अब ऐसे में कांग्रेस का विरोध क्यों है ?

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