34.1 C
New Delhi

अर्ध त्यजत् यत् पूर्णे अधावत्, न अर्ध अरहत् न पूर्णम् अप्राप्यत् ! आधी छोड़ जो पूरी पर धावे, न आधी रहे न पूरी पावे !

Date:

Share post:

केचन वर्षाणि पूर्वेव शिवसेना हिन्दुत्वस्य हस्त गृहित्वा भाजपेन सह मिलित्वा पूर्ण रूपेण मुख्यमंत्री तर्हि न निर्मते तु अर्धसत्तारूढ़ अवश्यम् रहति स्म तु सम्प्रति अद्यस्य राजनीते सः पूर्णरूपेण पूर्णसत्तारूढ़म् तर्हि अस्ति तु सः हिन्दुत्वस्य राजनीतात् बहु द्रुतम् भव्यते !

कुछ वर्षों पहले तक शिवसेना हिंदुत्व का दामन थामकर भाजपा के साथ मिलकर पूर्ण रूप से मुख्यमंत्री तो नहीं बन पाए लेकिन अर्धसत्तारूढ़ जरूर रहते थे लेकिन अब आज की राजनीति में वह पूर्ण रूप से पूर्णसत्तारूढ़ तो हैं परंतु वह हिंदुत्व की राजनीति से बहुत दूर हो गए !

वर्तमान परिस्थिते सः हिन्दुत्वस्य राजनीति तर्हि तर्हि बहु द्रुतस्य वार्ताम् अस्ति सः स्पष्ट रूपेण कथापि न शक्नोति ! केचन दिवस पूर्व पालघरे साधूनि हनम् अभवत् शिवसेनाम् केचनपि न अकथयत् एतेन उपरोक्त वार्ता स्पष्टम् भवति तत शिवसेना पूर्ण सत्ते तर्हि अस्ति तु सः सोनियास्य हस्तयो पुत्तलिका अस्ति सा यथा नृत्यायति तथैव शिवसेना नृत्यति !

वर्तमान परिस्थिति में वह हिंदुत्व की राजनीति तो बड़ी दूर की बात है वह स्पष्ट रूप से कह भी नहीं सकते ! कुछ दिन पहले पालघर में साधुओं की हत्या हुई शिवसेना ने कुछ भी नहीं कहा इससे उपरोक्त बात स्पष्ट होती है कि शिवसेना पूर्ण सत्ता में तो हैं परन्तु वह सोनिया के हाथों की कठपुतली हैं वह जैसे नचाती है वैसे ही शिवसेना नाचती हैं !

अद्य तस्य सांसद विधायकम् यदि त्यागपत्रम् ददान्ति तर्हि अस्य इत्येव कारणम् अस्ति तत सः सर्वाणि हिन्दुत्वस्य नामैव सांसद विधायकम् बनित्वैव संसद द्वारैव अप्राप्यत्, यदि सः एव स्व हिन्दू मतदातानाम् न्याय न दात्वये तर्हि तस्य भुस्तरम् अस्तित्वम् शुन्यम् भविष्यति, कुत्रचित शिवसेनास्य आधार मतदाता केवलं केवलं च् हिन्दू एवास्ति परिणमतः अस्तित्व शून्य भवे जनः राजनीते कदापि उत्तीर्ण न भव शक्नोति !

आज उनके सांसद विधायक अगर इस्तीफा दे रहे हैं तो इसका इतना ही कारण है कि वह सभी हिंदुत्व के नाम पर ही सांसद विधायक बनकर ही संसद द्वार तक पहुंचे हैं, अगर वह ही अपने हिन्दू वोटरों को न्याय न दिला पाए तो उनका जमीनी अस्तित्व शून्य हो जाएगा,क्योंकि शिवसेना का आधार वोटर सिर्फ और सिर्फ हिन्दू ही है परिणाम अस्तित्व शून्य होने पर व्यक्ति राजनीति में कभी सफल नहीं हो सकता है !

शिवसेनास्य अद्यस्य परिस्थितिम् !

शिवसेना के आज के हालात !

महाराष्ट्रस्य परभणात् शिवसेना सांसदम् संजय जाधवः द्वितीय नाम बंडू जाधवः लोकसभास्य सदस्यतात् इदम् कथितं स्व त्यागपत्रम् दीयते तत स्व क्षेत्रस्य दलम् कार्यकर्तै: सह न्यायम् न कृत पायन्ति !

महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव उर्फ बंडू जाधव ने लोकसभा की सदस्यता से यह कहते हुए अपना इस्तीफा दे दिया कि वह अपने क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं !

जाधवः दल प्रमुख महाराष्ट्रस्य च् मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरेम् प्रेषित पत्रे सः स्व कष्टम् स्पष्टम् अकरोत् अकथयत् च् तत सः स्व कार्यकर्तै: सः न्यायम् न कृत पायन्ति !

जाधव ने पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना त्याग पत्र भेज दिया है ! उद्धव ठाकरे को भेजे पत्र में उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की है और कहा कि वो अपने कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं !

सांसद संजय जाधवः अलिखत्, यदि अहम् स्व क्षेत्रे शिवसेना कार्यकर्तै: सह न्याय कृते असमर्थम् अस्मि, तर्हि मया दलस्य सांसद भवस्य किमपि अधिकारम् नास्ति ! अतएव कृपाम् मह्यं त्यागपत्रम् स्वीकारम् कुर्यात् ! जाधवः अकथयत् तत सः परभणी जनपदे जिंटूर कृषि उपज आपणं समितिस्य (एपीएमसी) असरकारी प्रशासकस्य नियुक्तेन प्रसन्नम् नासीत् !

सांसद संजय जाधव ने लिखा, अगर मैं अपने क्षेत्र में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ न्याय करने में असमर्थ हूं, तो मुझे पार्टी का सांसद होने का कोई अधिकार नहीं है ! इसलिए कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें ! जाधव ने कहा कि वह परभणी जिले में जिंटूर कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के गैर-सरकारी प्रशासक की नियुक्ति से नाखुश थे !

अहम् विगत ८-१० मासानि इति प्रकरणस्य (परभणे जिंतुर एपीएमसी इत्यस्य प्रशासकस्य) फॉलो अप इति गृहणामि ! सम्प्रति एनसीपी इत्यस्य एकम् जनम् असरकारी प्रशासकस्य रूपे नियुक्तम् क्रियते यत् मया बहु कष्टप्रदास्ति इदम् च् शिवसेना कार्यकर्तानाम् अपकारमस्ति ! जनपदस्य बहु एनसीपी कांग्रेस च् कार्यकर्ता शिवसेने सम्मिलितं भवेच्छति तु यदा अहम् स्वैव कार्यकर्तानि न्यायम् न दातव्यामि तर्हि तस्य कीदृषिम् दातव्याष्यामि !

मैं पिछले 8-10 महीनों से इस मामले (परभणी में जिंतुर एपीएमसी के प्रशासक की नियुक्ति) का फॉलो-अप ले रहा हूं ! अब एनसीपी के एक व्यक्ति को गैर-सरकारी प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है जो मेरे लिए काफी तकलीफदेह है और यह शिवसेना कार्यकर्ताओं का अपमान है ! जिले के कई एनसीपी और कांग्रेस कार्यकर्ता शिवसेना में शामिल होना चाहते हैं लेकिन जब मैं अपने ही कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं दिला पा रहा हूं तो उनको कैसे दिला पाऊंगा !

जाधवः कृषि कृषक कल्याण मंत्रालयाय च् सलाहकार समितिस्य सदस्यम् अस्ति ! विगत बहु कालात् शिवसेना एनसीपीस्य च् मध्य राज्ये बहु पदानि गृहित्वा कलहस्य वार्तास्य उपरांतेन इति प्रकारस्य वार्ताम् भवति स्म तत शिवसेना एनसीपी च् नेतृणाम् भुस्तरे संगठनम् बहु असाध्य भविष्यति सांसद जाधवस्य च् त्यागपत्रम् अस्य पुष्टिमपि करोति !

जाधव कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के लिए सलाहकार समिति के सदस्य हैं ! पिछले काफी समय से शिवसेना और एनसीपी के बीच राज्य में कई पदों को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं ! बीजेपी से गठबंधन तोड़ने के बाद से इस तरह की अटकलें लग रही थीं कि शिवसेना और एनसीपी नेताओं का जमीनी स्तर पर मेल मिलाप बड़ा कठिन होगा और सांसद जाधव का इस्तीफा इसकी पुष्टि भी करता है !

अधुना सांसद संजय जाधवम् मान्यस्य कालम् प्रारम्भयत्, भवशक्नोति सांसद संजय जाधवः श्व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरेन मेलनम् अकरोत् !

अभी सांसद संजय जाधव को मनाने का दौर शुरू है, हो सकता है सांसद संजय जाधव कल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करें !

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Pakistan’s Strategic Pivot or Ditching to USA: Opening Trade Routes to Iran Amidst Geopolitical Tensions

In a surprising turn of events, Pakistan has once again showcased its strategic agility by opening six new...

St. Francis Xavier Row: Understanding the Protests Against YouTuber Gautam Khattar in Goa

In recent months, the picturesque state of Goa has been the epicenter of a controversy involving YouTuber Gautam...

The Lyari of Bengal: Inside Kolkata’s Gulshan Colony, the Rising Hotbed of Crime and Illegal Immigration

In the labyrinthine alleys of East Kolkata, nestled between the high-rises of the IT corridor and the sprawling...

The Great Decoupling: Implications of a UAE Exit from OPEC and OPEC+

For decades, the Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC) and its expanded alliance, OPEC+, have functioned as...