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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश को 45 सड़क परियोजनाओं का दिया तोहफा, बढ़ेंगे रोजगार और पर्यटन के अवसर, दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस हाईवे से जुड़ेगा इंदौर।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार 25 अगस्त को मध्य प्रदेश को एक हजार 361 किलोमीटर लम्बाई की 45 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया | 11 हजार 427 करोड़ रूपए की लागत वाली ये परियोजनाएं प्रदेश के विकास में सहायक होंगी | केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा देवास, उज्जैन और गरोठ के बीच नया फोर लेन रोड बनाकर इंदौर को दिल्ली – मुंबई एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ा जाएगा |

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस हाईवे के बनने से लोग दिल्ली – मुंबई का सफर 12 घंटे में तय कर सकेंगे | एक्सप्रेस हाईवे का 44 किलोमीटर लंबा हिस्सा मध्य प्रदेश से गुजरेगा जिसके निर्माण पर सरकार 10 हजार करोड़ रूपए खर्च कर रही है | केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस हाईवे के बनने से पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी बनेंगे | इन सड़क परियोजनाओं से राज्य के मुख्य शहरो से ग्रामीण क्षेत्र तक पहुँच आसान होगी | केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि इंदौर और जबलपुर में लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने और भी घोषणाएं की जैसे

1) 6800 करोड़ में बनेगा इंदौर – अकोला नेशनल हाईवे |

2) इंदौर से सनावद, बोरगांव, बुरहानपुर होते हुए अकोला तक नेशनल हाईवे के निर्माण पर लगभग 6800 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे | वर्तमान में यह रोड इंदौर – इच्छापुर रोड कहलाता है जिसे एलाइनमेंट के साथ बनाया जा रहा है |

3) 136 किलोमीटर लंबे इंदौर- सनावद- बोरगांव रोड को फोर लेन बनाने में 3000 करोड़ रूपए की लागत आएगी |

4) 174 किलोमीटर लंबे बोरगांव – बुरहानपुर – अकोला रोड को फोरलेन बनाने में 3800 रूपए खर्च होंगे |

5) उज्जैन – झालवाड़ रोड को फोरलेन में बदलने में 550 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे |

6) देशगांव – खरगोन – बड़वानी के बीच 150 किलोमीटर लंबा रोड बनाने पर 3000 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे |

7) 212 किलोमीटर लंबे खंडवा – आशापुर- बैतूल रोड के चौड़ीकरण पर 3000 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे |

इसके अलावा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और चंबल अटल प्रोग्रेस वे को भी विकसित किया जाएगा और इन दोनों और औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे | स्मार्ट सिटी बनाने के साथ साथ पर्यटन केंद्रों का विकास भी किया जाएगा | सबसे मुख्य बात यह है इन सड़क परियोजनाओं कि इसमें ज्यादातर सड़क मार्ग कई पिछड़े क्षेत्रों से गुजरेगा, इसलिए वहां जमीन सस्ती मिली और हाईवे बनने से वहां का विकास होगा |

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