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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की स्वामित्व योजना, एक लाख लोगों को मिलेगा अपने घरों का स्वामित्व पत्र

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘ स्वामित्व ‘ योजना के तहत ‘संपत्ति कार्ड’ बांटे। करीब एक लाख लोगों का प्रॉपर्टी कार्ड तैयार हो चुका है और डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सभी लाभार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह योजना ‘गांवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है।’ उन्होंने कहा कि ‘आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, आपका ही रहेगा।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘स्वामित्व योजना के तहत बने प्रॉपर्टी कार्ड को दिखाकर, बैंकों से बहुत आसानी से कर्ज मिलना सुनिश्चित हुआ।’ मोदी ने इस मौके पर राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कृषि कानूनों समेत ग्रामीण भारत के लिए हुए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि वे ‘गांवों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना, गांव में रहने वाले हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे योजना के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा, “पूरे विश्व के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की, देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है तो निवेश के लिए नए रास्ते खुलते हैं। संपत्ति का रिकॉर्ड होने पर बैंक से कर्ज आसानी से मिलता है, रोजगार-स्वरोजगार के रास्ते बनते हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने इस योजना की जरूरत भी समझाई। उन्होंने कहा, “दुनिया में एक-तिहाई आबादी के पास ही कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड है। पूरी दुनिया में दो-तिहाई लोगों के पास ये नहीं है।

ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए ये बहुत जरूरी है कि लोगों के पास उनकी संपत्ति का सही रिकॉर्ड हो। स्वामित्व योजना से हमारी ग्राम पंचायतों का भी नगर पालिकाओं और नगर निगमों की तरह व्यवस्थित तरीके से मैनेजमेंट आसान होगा। स्वामित्व योजना से हमारी ग्राम पंचायतों का भी नगर पालिकाओं और नगर निगमों की तरह व्यवस्थित तरीके से मैनेजमेंट आसान होगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे भारत के गांवों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा, “हमारे यहां हमेशा कहा जाता है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन सच्चाई यही है कि भारत के गांवों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया गया। शौचालय, बिजली की परेशानी गांवों में थी, लकड़ी के चूल्हे में खाना बनाने की मजबूरी गांवों में थी। वर्षों तक जो लोग सत्ता में रहे उन्होंने बातें तो बहुत बड़ी बड़ी की, लेकिन गावों के लोगों को उनके नसीब पर छोड़ दिया। मैं ऐसा नहीं होने दे सकता।” प्रधानमंत्री मोदी ने विरोधी दलों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “गांव के लोगों को, गरीबों को अभाव में रखना कुछ लोगों की राजनीति का आधार रहा है। आजकल इन लोगों को कृषि में जो ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं, उससे भी दिक्कत हो रही है, वो बौखलाए हुए हैं।

इनकी ये बौखलाहट किसानों के लिए नहीं, खुद के लिए है। छोटे किसानों, पशुपालकों, मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से जिनकी काली कमाई का रास्ता बंद हो गया है, उनको आज समस्या हो रही है। किसानों के बैंक खाते में सीधा पैसा पहुंचने से जिनको परेशानी हो रही है, वो आज बेचैन हैं। किसान और खेत मजदूर को मिल रही बीमा, पेंशन जैसी सुविधाओं से जिनको परेशानी है, वो आज कृषि सुधारों के विरोध में हैं, लेकिन किसान उनके साथ जाने के लिए तैयार नहीं है, किसान उनका सच जान गया है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज दो-दो महापुरुषों की जयंती है। एक भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण और दूसरे भारत रत्न नानाजी देशमुख। जय प्रकाश बाबू ने जब संपूर्ण क्रांति का आहृवान किया, बिहार की धरती से जो आवाज उठी, जो सपनें जय प्रकाश जी ने देखे थें, जिस सपनों की ढाल बनके नानाजी देशमुख जी ने काम किया। नानाजी कहते थे कि जब गांव के लोग विवादों में फंसे रहेंगे तो न अपना विकास कर पाएंगे और न ही समाज का। इससे समाज में बंटवारा होगा। मुझे विश्वास है, स्वामित्व योजना भी हमारे गांवों में अनेकों विवादों को समाप्त करने का बहुत बड़ा माध्यम बनेगी।’

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