17.1 C
New Delhi

पीएम मोदी ने की स्वामित्व योजना की शुरुआत, विपक्ष पर साधा निशाना

Date:

Share post:

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्‍वामित्‍व’ योजना के तहत ‘संपत्ति कार्ड’ बांटे। देश के 6 राज्यों के 763 पंचायतों के 1 लाख मकान मालिकों को ये कार्ड मिला। गौरतलब है कि पंचायतीराज मंत्रालय के तहत शुरू हुई इस योजना से 6 राज्यों के 763 पंचायतों के एक लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के 100 मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो पंचायत शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर सभी लाभार्थियों को बधाई दी और कहा कि इस योजना से गांवों में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाली है। उन्‍होंने कहा कि आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, आपका ही रहेगा। पीएम मोदी ने इस मौके पर राजनीतिक विरोधियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्‍होंने कृषि कानूनों समेत ग्रामीण भारत के लिए हुए फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि वे गांवों को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकते।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में बड़ा कदम है। उन्‍होंने कहा कि स्वामित्व योजना, गांव में रहने वाले हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है। उन्होंने कहा कि ये योजना गांवों में स्वामित्व से जुड़ी कई लड़ाइयां खत्म करेगी।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है तो निवेश के लिए नए रास्ते खुलते हैं। पूरे विश्व के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की, देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी हमला किया। पीएम ने कहा कि पहले भले ही कहा जाता हो कि भारत की आत्मा गांवों में बसती हो लेकिन तब गांवों को उनके नसीब पर छोड़ दिया गया था। सारी समस्याएं गांवों में ही थी। पीएम मोदी ने कहा कि, देश को लूटने में लगे लोगों को, देश अब पहचानने लगा है। ये लोग हर बात का आंख बंद करके विरोध कर रहे हैं। इन्हें ना गरीब, ना गांव और ना देश की चिंता है। ये लोग देश के विकास को रोकना चाहते हैं। ये नहीं चाहते हैं कि गांव, किसान, श्रमिक भाई-बहन भी आत्मनिर्भर बनें। देश ने ठान लिया है कि गांव और गरीब को आत्मनिर्भर बनाना, भारत के सामर्थ्य की पहचान बनाना है। इस संकल्प की सिद्धि के लिए स्वामित्व योजना की भूमिका भी बहुत बड़ी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

How the Islamic NATO Disintegrated before even get into Existence

The concept of an “Islamic NATO”—officially titled the Islamic Military Counter-Terrorism Coalition (IMCTC)—was unveiled to the world in...

India-US Trade Deal – A comprehensive analysis

The economic relationship between the United States and India is often described as one of the most consequential...

Is Rahul Gandhi misusing the Ex CAOS Narvane to target PM Modi?

The release of memoirs by high-ranking military officials often provides a rare glimpse into the corridors of power,...

From Violence to Compassion: A National Awakening

A massive phase transition is occurring in the United States. A massive shift from violence and aggression to...