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संगीतकार ए आर रहमान पर लगा करोडो की टैक्स चोरी का आरोप, जारी हुआ मद्रास हाई कोर्ट का नोटिस

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टैक्स चोरी करने में बॉलीवुड वालो का कोई जवाब नहीं हर साल करोडो की कमाई करते है और जब टैक्स की बात आती है तो हेराफेरी करना शुरू कर देते है, इन्ही बॉलीवुड के टैक्स चोरो में एक नया नाम जुड़ गया है और वो है ए आर रहमान जो अपने पुराने टैक्स चोरी के मामले के कारण चर्चा में है | ऑस्कर अवार्ड विजेता और म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में आयकर विभाग ने मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है | रहमान पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही ट्रस्ट ए आर रहमान ट्रस्ट को तीन करोड़ रुपए का अनुदान दिया है, या अनुदान टैक्स से बचने के लिए दिया गया | इस याचिका पर सुनवाई करते न्यायाधीश पीएस शिवज्ञानम और वी भारती की खंडपीठ ने म्यूजिक कंपोजर रहमान को नोटिस जारी किया है | आयकर विभाग के वकील डीआर सेंथिल कुमार के मुताबिक म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान को इंग्लैंड स्थित लिब्रा मोबाइल के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के लिए 3.47 करोड़ रुपए वर्ष 2011-12 में दिए गए | इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत 3 साल के लिए रहमान को कंपनी के लिए विशेष तौर पर कॉलर ट्यून बनाना था | रहमान ने इस काम के एवज में उनके ट्रस्ट को सीधे तौर पर पैसा देने के लिए कंपनी को कहा था | जबकि नियमों के अनुसार इस राशि को रहमान द्वारा खुद प्राप्त करना था और उस पर टैक्स देने के बाद ही वह उस राशि को अपने ट्रस्ट को दे सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया |

जीएसटी अधिकारियों ने कहा था कि रहमान फ़िल्मों के लिए संगीत बनाकर और रॉयलटीज़ से आय प्राप्त कर रहे हैं। जीएसटी के अनुसार, सेवाओं पर टैक्स लगता और उन्होंने रहमान पर सेवा कर ना चुकाने का आरोप लगाया था। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक रहमान की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। बता दें कि लाइमलाइट से खुद को दूर रखने वाले ए आर रहमान अपने लंबे करियर में विवादों में बहुत कम ही फंसे हैं | कुछ समय पहले ही उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री में चल रहे नेपोटिज्म और मूवी माफिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी | उन्होंने इस प्रतिक्रिया के तर्ज पर लोगों के बीच फैले इस भ्रम को दूर करने की कोशिश की थी कि वे बॉलीवुड इंडस्ट्री में काम नहीं करना चाहते और बॉलीवुड इंडस्ट्री को उतना तवज्जो नहीं देते |

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