27.1 C
New Delhi
Tuesday, August 16, 2022

भारत ने किया शौर्य मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण, 800 किमी दूर तक दुश्मन को करेगा ढेर

Most Popular

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच भारत रोज रक्षा तकनीक में कामयाबी हासिल कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में, कई डिफेंस और मिसाइल सिस्टम समेत ऐडवांस्ड वेपन सिस्टम का भी टेस्ट किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 3 अक्टूबर को जिस ‘शौर्य’ मिसाइल का सफल टेस्ट हुआ था, उसे बेड़े में शामिल करने को मंजूरी दे दी गई है। डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की बनाई यह मिसाइल पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली BA-05 मिसाइल का जमीनी रूप है। ओडिशा के बालासोर में 3 अक्टूबर को गुपचुप तरीके से इसका आखिरी टेस्ट किया गया। इस मिसाइल की तैनाती कहां होगी, इसका फैसला सामरिक बल कमांड (Indian Strategic Forces Command) को करना है। शौर्य मिसाइल के आने से मौजूदा मिसाइस सिस्टम को मजबूती मिलेगी और यह मिसाइल संचालित करने में हल्की और आसान होगी। शौर्य एक ऐसा डिलिवरी सिस्टम है, जिसे एक कम्पोजिट कैनिस्टर में स्टोर किया जा सकता है। इस वजह से मिसाइल को कहीं भी तैनात करना और बाहरी चीजों से बचाना आसान है। यह मिसाइल 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर मैच 7 या 2.4 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से चलती है। टारगेट को हिट करते वक़्त इसकी रफ्तार मैच (MACH) 4 हो जाती है। इसका वॉरहेड 160 किलोग्राम का है।

मिसाइल की रफ्तार इतनी तेज है कि सीमा पार बैठे दुश्मन के रडार को इसे डिटेक्ट, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए 400 सेकेंड्स से भी कम का वक़्त मिलेगा। टू- स्टेज रॉकेट वाली ‘शौर्य’ मिसाइल पहले ऊंचाई हासिल करती है, फिर टारगेट की ओर बढ़ती है। वैसे तो यह बैलिस्टिक मिसाइल सॉलिड फ्यूल से चलती है लेकिन क्रूज मिसाइल की तरह खुद को टारगेट तक गाइड कर सकती है।यह अपने साथ नुक्लियर पेलोड ले जा सकती है। भारत ने पिछले कुछ दिनों में कई मिसाइलें टेस्ट की हैं। सोमवार को सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (SMART) का टेस्ट हुआ। उससे पहले 7 सितंबर को हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट हुआ था। पिछले महीने MBT अर्जुन टैंक से लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (AGTM) का टेस्ट भी हुआ था। अगले कुछ हफ्तों में 800 किलोमीटर रेंज वाली ‘निर्भय’ क्रूज मिसाइल का टेस्ट होना है। अब पिनाक रॉकेट्स, लॉन्चर्स और जरूरी उपकरणों के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी है। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के उन्नत वर्जन का दूसरा सफल परीक्षण था, जो स्वदेश में विकसित एअरफ्रेम और बूस्टर से लैस था। डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षण पर वैज्ञानिकों की टीम को बधाई देते हुए कहा, इससे सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में ज्यादा स्वदेशी सामग्री को शामिल किया जाएगा।

Reference –

https://www.hindustantimes.com/india-news/india-successfully-tests-nuclear-capable-shaurya-missile/story-fkYlozVJ5oq1MWO26GOwNN.html

https://www.financialexpress.com/defence/india-successfully-test-fires-nuclear-payload-capable-shaurya-missile/2097197/

Want to express your thoughts, write for us contact number: +91-8779240037

Disclaimer The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carry the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text. The opinions, facts and any media content in them are presented solely by the authors, and neither Trunicle.com nor its partners assume any responsibility for them. Please contact us in case of abuse at Trunicle[At]gmail.com

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

This is Gyan