15.1 C
New Delhi

भारत ने किया शौर्य मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण, 800 किमी दूर तक दुश्मन को करेगा ढेर

Date:

Share post:

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच भारत रोज रक्षा तकनीक में कामयाबी हासिल कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में, कई डिफेंस और मिसाइल सिस्टम समेत ऐडवांस्ड वेपन सिस्टम का भी टेस्ट किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 3 अक्टूबर को जिस ‘शौर्य’ मिसाइल का सफल टेस्ट हुआ था, उसे बेड़े में शामिल करने को मंजूरी दे दी गई है। डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) की बनाई यह मिसाइल पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली BA-05 मिसाइल का जमीनी रूप है। ओडिशा के बालासोर में 3 अक्टूबर को गुपचुप तरीके से इसका आखिरी टेस्ट किया गया। इस मिसाइल की तैनाती कहां होगी, इसका फैसला सामरिक बल कमांड (Indian Strategic Forces Command) को करना है। शौर्य मिसाइल के आने से मौजूदा मिसाइस सिस्टम को मजबूती मिलेगी और यह मिसाइल संचालित करने में हल्की और आसान होगी। शौर्य एक ऐसा डिलिवरी सिस्टम है, जिसे एक कम्पोजिट कैनिस्टर में स्टोर किया जा सकता है। इस वजह से मिसाइल को कहीं भी तैनात करना और बाहरी चीजों से बचाना आसान है। यह मिसाइल 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर मैच 7 या 2.4 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से चलती है। टारगेट को हिट करते वक़्त इसकी रफ्तार मैच (MACH) 4 हो जाती है। इसका वॉरहेड 160 किलोग्राम का है।

मिसाइल की रफ्तार इतनी तेज है कि सीमा पार बैठे दुश्मन के रडार को इसे डिटेक्ट, ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए 400 सेकेंड्स से भी कम का वक़्त मिलेगा। टू- स्टेज रॉकेट वाली ‘शौर्य’ मिसाइल पहले ऊंचाई हासिल करती है, फिर टारगेट की ओर बढ़ती है। वैसे तो यह बैलिस्टिक मिसाइल सॉलिड फ्यूल से चलती है लेकिन क्रूज मिसाइल की तरह खुद को टारगेट तक गाइड कर सकती है।यह अपने साथ नुक्लियर पेलोड ले जा सकती है। भारत ने पिछले कुछ दिनों में कई मिसाइलें टेस्ट की हैं। सोमवार को सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड रिलीज ऑफ टॉरपीडो (SMART) का टेस्ट हुआ। उससे पहले 7 सितंबर को हाइपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट हुआ था। पिछले महीने MBT अर्जुन टैंक से लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (AGTM) का टेस्ट भी हुआ था। अगले कुछ हफ्तों में 800 किलोमीटर रेंज वाली ‘निर्भय’ क्रूज मिसाइल का टेस्ट होना है। अब पिनाक रॉकेट्स, लॉन्चर्स और जरूरी उपकरणों के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी है। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के उन्नत वर्जन का दूसरा सफल परीक्षण था, जो स्वदेश में विकसित एअरफ्रेम और बूस्टर से लैस था। डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षण पर वैज्ञानिकों की टीम को बधाई देते हुए कहा, इससे सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में ज्यादा स्वदेशी सामग्री को शामिल किया जाएगा।

Reference –

https://www.hindustantimes.com/india-news/india-successfully-tests-nuclear-capable-shaurya-missile/story-fkYlozVJ5oq1MWO26GOwNN.html

https://www.financialexpress.com/defence/india-successfully-test-fires-nuclear-payload-capable-shaurya-missile/2097197/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

How the Islamic NATO Disintegrated before even get into Existence

The concept of an “Islamic NATO”—officially titled the Islamic Military Counter-Terrorism Coalition (IMCTC)—was unveiled to the world in...

India-US Trade Deal – A comprehensive analysis

The economic relationship between the United States and India is often described as one of the most consequential...

Is Rahul Gandhi misusing the Ex CAOS Narvane to target PM Modi?

The release of memoirs by high-ranking military officials often provides a rare glimpse into the corridors of power,...

From Violence to Compassion: A National Awakening

A massive phase transition is occurring in the United States. A massive shift from violence and aggression to...