29 C
New Delhi

भाजपा सांसद सुब्रत पाठक: समाजवादी दलम् अददात् सुतिक्त उत्तरम् ! भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने समाजवादी पार्टी को दिया करारा जवाब !

Date:

Share post:

परशुराम मूर्ति स्थापने समाजवादी दलस्य ब्राह्मण प्रेमस्य प्रतोलीम् !

परशुराम मूर्ति लगाने पर समाज वादी पार्टी के ब्राह्मण प्रेम की खोली पोल !

अस्य देशस्य ब्राह्मणं जातिवादीम् न अपितु राष्ट्रवादीम् अस्ति – सुब्रत पाठक: भाजपा सांसदम् !

इस देश का ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है – सुब्रत पाठक भाजपा सांसद !

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2250378325107935&id=159529170859538

शृणुम् अस्ति तत समाजवादी दलम् भगवतः परशुरामस्य मूर्ति स्थापनस्य वार्ताम् करोति ! अहम् अस्य हृदयेन स्वागतम् करोमि, सहैव अहम् अखिलेश यादवेन पृच्छामि, तत अयम् तस्य ब्राह्मनै: मतम् लियस्य हथकंडा मात्रम् अस्ति पितृ पुत्रम् वा द्वयस्य सर्कारयो ब्रह्मानेषु अभवत् अत्याचारस्य प्रायश्चितम् अस्ति वा ?

सुना है कि समाजवादी पार्टी भगवान परशुराम की मूर्ति लगाने की बात कर रही है ! मैं इसका हृदय से स्वागत करता हूँ, साथ ही मैं अखिलेश यादव जी से पूछना चाहता हूँ, कि यह उनका ब्राह्मणों से वोट लेने का हथकंडा मात्र है या पिता व पुत्र दोनों की सरकारों में ब्राम्हणों पर हुए अत्याचार का प्रायश्चित है ?

येन समाजवादी विचारधारस्य जन्मेव ब्राह्मणस्य विरोधे अभवत् असि ! सः अद्य ब्राह्मण मताय प्रपंचम् रचयति ! मुलायम सिंहेन अराजकम् संघ प्रचलयति आसीत् ! तस्मिन् प्रचार हेतु गच्छन् जनः इदम् कथित्वा ब्राह्मणानां प्रति द्वेषम् उत्पन्नम् कारयति स्म, तत ब्राह्मणं कृष्णसर्पम् च् एकम् सह अदर्क्ष्यत्, तर्हि प्रथमम् ब्राह्मणं अहनत् !

जिस समाजवादी विचारधारा का जन्म ही ब्राह्मण के विरोध में हुआ हो ! वह आज ब्राह्मण वोट के लिए प्रपंच रच रहे हैं ! मुलायम सिंह जी के द्वारा अराजक संघ चलाया जाता था ! जिसमें प्रचार हेतु जाने वाले लोग यह कहकर ब्राह्मणों के प्रति द्वेष उत्पन्न करवाते थे, कि ब्राह्मण और काला नाग एक साथ दिखें, तो पहले ब्राम्हण को मार देना !

सः बहु करालं अस्ति पितृ च् मुलायम सिंह यादवस्य इति कथनम् मान्यतम्, अखिलेशः २००४ तमस्य कन्नौजम् लोकसभा मतदाने नीरज मिश्रस्य हत्याम् अकारयत् स्म ! तस्य दोषम् केवलं इत्यासीत् तत यदा स्व जन समूहम् सह अखिलेश यादव: छिबरामउम् निकषा कसाबा मतदान केंद्रे स्व अधिपात्यम् कृतं इच्छति स्म, नीरज मिश्रस्य आपत्तिम् कृते तस्य भर्तस्कः अददात् सः च् यदा न मान्यतु तर्हि तत्र तिष्ठतु स्व जनै: इदम् कथितं तत २४ घटकानाम् अभ्यांतरम् तस्य शिरम् इच्छनीय !

वह अधिक खतरनाक है और पिता मुलायम सिंह यादव जी के इस कथन को मानते हुए, अखिलेश जी ने सन 2004 के कन्नौज लोकसभा चुनाव में नीरज मिश्रा की हत्या कराई थी ! उसका दोष सिर्फ इतना था कि जब अपने काफिले के साथ अखिलेश यादव जी छिबरामऊ के निकट कसाबा बूथ पर कैप्चरिंग करना चाहते थे, नीरज मिश्रा के मना करने पर उसको धमकी दी और वह जब नहीं माना तो वहां खड़े अपने लोगों से यह कहते हुए कि 24 घण्टे के अन्दर उसका सर चाहिए !

पुनः नीरज मिश्रस्य शिरम् उच्छेदम् शवं कसाबास्य पार्श्वस्य वने अमिलत् स्म तस्य च् शिरम् पेटिकाम् स्थित्वा अखिलेशम् दृक्ष्याय लक्ष्मणनगरं अप्रेषयत् स्म ! पितुः मुख्यमंत्री भवस्य कारणम् सत्तास्य दुरुपयोगम् कृत अखिलेशः तर्हि अबचत्, तु कन्नौजस्य बालः बालः जानन्ति तत उक्त हत्याम् अखिलेशस्य कारणेन अभवत् आसीत् !

फिर नीरज मिश्रा की सर कटी लाश कसाबा के पास के जंगलो में मिली थी और उसका सर बाक्स में रखकर अखिलेश जी को दिखाने के लिए लखनऊ भेजा गया था ! पिता के मुख्यमंत्री होने के कारण सत्ता का दुरूपयोग कर अखिलेश जी तो बच गए, लेकिन कन्नौज का बच्चा बच्चा जानता है कि उक्त हत्या अखिलेश जी के इशारे पर हुई थी !

अस्य प्रकारम् पूर्व दिवसानि छिबरामऊस्य शत शैय्याम् रुग्णालये यदा बस इति दुर्घटने आहतानि पश्यम् अभ्युपैति तर्हि सर्वम् समान्यम् आसीत्, केवलं कर्तव्ये उपस्थितम् वृद्ध भिषकस्य नाम पृच्छतेव अखिलेशः क्रुधः अभवत् स्म, कारणम् केवलं इत्यासीत् तत भिषकस्य जाति मिश्र (ब्राह्मण) आसीत् !

इसी प्रकार पिछले दिनों छिबरामऊ के सौ शय्या अस्पताल में जब बस हादसे में घायलों को देखने पहुंचे तो सब कुछ सामान्य था, किन्तु ड्यूटी पर तैनात बुजुर्ग डॉक्टर का नाम पूछते ही अखिलेश जी भड़क गए थे , कारण सिर्फ इतना था कि डॉक्टर की जाति मिश्र (ब्राह्मण) थी !

अयम् अस्य ब्राह्मण प्रेमम् अस्ति ! अखिलेशस्य सरकारैव अस्य गृह जनपदे ब्राह्मणम् महिला सह तस्य परिवारम् नग्न कृत्वा ग्रामे भ्रमणस्य प्रसंगम् कश्चितेन गोपनीयं न अस्ति ! ब्राह्मणानां सामाजिक पतनम् आर्थिक शोषणमेव च् अस्य लक्ष्यम् अस्ति ! इदम् कारणं अस्ति तत अखिलेशस्य मुख्यमंत्री वसनम् उत्तर प्रदेशस्य सुल्तानपुर जनपदस्य इतौलीस्य विधायक अबरार अहमदः स्थानियम् ब्राह्मणानां शिष्ट मंडलेन स्पष्टम् अकथ्यते तत समाजवादी दलस्य ब्राह्मनै: किमपि कार्यम् नास्ति नैव च् भवद्भिः अस्माकं किमपि सहानुभूतिम् अस्ति !

यह इनका ब्राह्मण प्रेम है ! अखिलेश जी की सरकार में ही इनके गृह जनपद में ब्राह्मण को महिला सहित उसके परिवार को नंगा करके गांव में घुमाने की घटना किसी से छुपी हुयी नहीं है ! ब्राह्मणों का सामाजिक पतन और आर्थिक शोषण ही इनका लक्ष्य है ! यही कारण है कि अखिलेश जी के मुख्यमंत्री रहते हुए यूपी के सुल्तानपुर जिले के इतौली के विधायक अबरार अहमद ने स्थानीय ब्राह्मणों के शिष्ट मंडल से साफ कह दिया कि समाजवादी पार्टी का ब्राह्मणों से कोई लेना देना नहीं है और न ही आपसे हमारी कोई हमदर्दी है !

अस्य सम्बन्धे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव: स्व विधायकानि विशेषम् निर्देशानि प्रस्तुतम् अकरोत् तत ब्राह्मणानां केचन सहायताम् न क्रियते ! अस्य इति चरित्रेण स्पष्टम् भवति तत तम् ब्रह्मानै: कति प्रेममस्ति ! ध्यानम् आगतः तत मुलायम सिंहस्य मुख्यमंत्री निर्मयेन पूर्वम् उत्तर प्रदेशे ब्राह्मणम् पठने लेखने अग्रणी भवस्य कारणम् लघु कार्ये लगित्वा स्व जीवन यापनम् करोति स्म, तु मुलायम सिंहेन नकल पद्धतिम् बर्धयेन स्व स्वजातीयम् जनानि कार्येषु प्रवेशं अप्रदत्तात् !

इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने अपने विधायकों को खास हिदायतें जारी की है कि ब्राह्मणों की कोई मदद न की जाये ! इनके इस चरित्र से साफ होता है कि इनको ब्राह्मणों से कितना प्रेम है ! ध्यान आता है कि मुलायम सिंह जी के मुख्यमंत्री बनने से पूर्व उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण पढ़ने लिखने में अग्रणी होने के कारण छोटी मोटी नौकरियों में लगकर अपना जीवन यापन करता था, किन्तु मुलायम सिंह जी के द्वारा नकल पद्धति को बढ़ावा देने से अपने स्वजातीय लोगों को नौकरियों में भर्ती दिलाई !

येन कारणम् योग्य ब्रह्मनानि कार्येण द्रुतम् कृत शक्नोति ! उपरांते अस्य क्रमे अखिलेशस्य सरकर्मागते ग्रामम् ग्रामम् नकल केन्द्रम् स्व जनैः च् विद्यालयस्य नामे डिग्रीम् दास्य कारखानाम् स्थापयत् स्म ! इदम् न स्व पित्रेन अग्र बर्धित्वा यदि कश्चित कार्ये केचन ब्राह्मणम् अधिकम् अंकम् प्राप्त्वा श्रेष्ठता सूचे स्थानम् निर्मितम् करोति स्म तानि कार्येण वंचिताय श्वेत पट्टिका लगित्वा अंकम् न्यूनम् क्रियन्ते स्म ! यस्य प्रकाशनम् कृतं ब्राह्मण दूबे परिवारे एक बालिका आत्महननम् क्रियते स्म !

जिस कारण योग्य ब्राह्मणों को नौकरी से दूर किया जा सके ! बाद में इसी क्रम में अखिलेश की सरकार आने पर गांव गांव में नकल सेंटर और अपने लोगों से विद्यालय के नाम पर डिग्री दिलाने का कारखाना खोला गया था ! यही नहीं अपने पिता से आगे बढ़कर यदि किसी नौकरी में कोई ब्राह्मण अधिक नम्बर लेकर मैरिट में स्थान बना रहा होता था उसको नौकरी से वंचित करने के लिए सफेदा लगाकर नम्बर कम कर दिए जाते थे ! जिसका खुलासा करते हुए ब्राह्मण दुबे परिवार में एक लड़की ने आत्महत्या कर ली थी !

आरक्षकस्य भर्तिम् असि अन्य राजस्व विभागस्य भर्तियानि वा अखिलेशस्य शासने बहु कुचक्रम् कृतं स्व जातीय जनानां अप्रदत्तात् ! येन कारणेन उत्तर प्रदेशस्य बहुना योग्यम् सरकारी कार्यम् न प्राप्य शक्नोति ! इति प्रकारेण ते षड्यंत्रम् रचित्वा ब्राह्मणानां अस्तित्वमेव चुनौतिम् अददात् सर्वाधिकम् अत्याचारमपि ब्रह्मानेषु अस्य सर्कारयो अभवत् ! इदम् कारणमासीत् तत अस्य अत्याचारै: क्षुब्धम् ब्रह्मनानि तिलक तराजू तलवारस्य च् उद्घोष दात्तुम् बहुजन समाज दलस्य सरकार अनिर्मयते ! कुत्रचित तम् कालम् भाजपा सरकारं निर्मयस्य स्थिते न आसीत् !

पुलिस की भर्ती हो या अन्य राजस्व विभाग की भर्तियां अखिलेश जी के शासन में धांधली करते हुए स्वजातीय लोगों को नौकरियां दिलाई ! जिस कारण से यूपी के बहुत से योग्य ब्राह्मण नौकरी नहीं पा सकें ! इस प्रकार से इन्होने षड़यंत्र रचकर ब्राह्मणों के अस्तित्व को ही चुनौती दी और सर्वाधिक अत्याचार भी ब्राह्मणों पर इनकी सरकारों में हुए ! यही कारण था कि, इनके अत्याचारों से दुखी ब्राह्मणों ने तिलक तराजू और तलवार का नारा देने वाली बहुजन समाज पार्टी की सरकार बना दी ! क्योंकि उस समय भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी !

अद्य जयतु श्री रामस्य विरोध कर्त्तुम् अखिलेश यादवः जयतु परशुराम कृत ब्राह्मणानां मतम् प्राप्त्वा सत्ते आगतस्य स्वप्नम् पश्यति ! साधु असि अखिलेशः अस्माकं भगवतः महापुरुषाणि च् जातेषु न बँटनोति ! रामम् क्षत्रिय कृष्णम् यादव परशुरामम् ब्राह्मण कथित्वा संगठितम् हिन्दू समाजस्य एकताम् त्रोटयस्य प्रपंचम् रचयन्ति !

आज जय श्री राम का विरोध करने वाले अखिलेश यादव जय परशुराम कर ब्राह्मणों का वोट पाकर सत्ता हासिल कर फिर से उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने का स्वप्न देख रहे है ! अच्छा हो अखिलेश जी हमारे भगवान और महापुरुषों को जातियों में न बाँटें ! राम को क्षत्रिय कृष्ण को यादव और परशुराम को ब्राह्मण बताकर संगठित हुए हिन्दू समाज की एकता तोड़ने का प्रपंच रच रहे हैं!

अखिलेशः निर्दोष राम भक्तानां हत्यारम् स्व पित्रेण यदि पृच्छष्यति तर्हि तस्य पिता सः कथिष्यति अस्य देशस्य ब्राह्मणम् जातिवादिम् न अपितु राष्ट्रवादीम् अस्ति भारत मातु: पूजनं करोति च् अखण्ड भारतस्य स्वप्नम् पश्यति च् विश्वे भारतमातरं शीर्ष स्थाने नीयते पर्यत्नशीलम् सन्ति च् !

अखिलेश जी निर्दोष रामभक्तों के हत्यारे अपने पिता से यदि पूछेंगे तो उनके पिता उन्हें बता देंगे कि इस देश का ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है और भारत माता की पूजा करता है,और अखंड भारत का स्वप्न देखता है और दुनिया में भारत माता को शीर्ष स्थान पर ले जाने हेतु प्रयत्नशील है !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Hero Indian Captain on flydubai prevented a Second 9/11 terror attack, saved 180

A Flydubai flight travelling from Dubai to Tel Aviv made an emergency landing in Saudi Arabia on Wednesday...

India’s “Artificial Sun”: Exploring the Energy That Powers the Stars

India is advancing nuclear fusion research in pursuit of an ambitious goal: harnessing the same fundamental process that...

Why Are People Suddenly Asking to Put AI on Hold?

The debate around artificial intelligence is changing. Alongside the familiar promises of greater productivity and scientific discovery, a...

Who Is Congress MP Saleng Sangma? The FCRA Dispute, Church Connections and Shillong Violence Controversy

Congress MP Saleng A. Sangma has become the focus of a political controversy after acknowledging that he asked...