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Thursday, December 8, 2022

स्वच्छतात् रोग मुक्तिम् प्रति ! स्वच्छता से रोग मुक्ति की ओर !

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: शनिवासरस्य राजघट्टस्य पार्श्व राष्ट्रीय स्वच्छता केन्द्रस्य उद्घाटनम् अकरोत् ! अस्य उदघोषम् १० अप्रैल २०१७ तमम् गाँधीस्य चंपारण सत्याग्रहस्य शत वर्षम् पूर्ण भवस्य स्थाने अकरोत् स्म ! सम्प्रति त्रय वर्षम् उपरांत अस्य उद्घाटनम् अकरोत् !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजघाट के पास राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र का उद्घाटन किया ! इसकी घोषणा 10 अप्रैल, 2017 को गांधीजी के चम्पारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर की थी ! अब तीन साल बाद इसका उद्घाटन किया !

साभार प्रधानमंत्री
साभार प्रधानमंत्री
साभार प्रधानमंत्री
साभार प्रधानमंत्री

स्वच्छते प्रधानमंत्री अकथयत् स्वच्छते स्वराज्य प्रतिबिम्ब पश्यति आसीत् गांधी: ! स्वराजस्य स्वप्नम् पूर्ण कृतस्य एकम् मार्गम् सः स्वच्छतामपि मान्यति स्म !

स्वच्छता पर प्रधानमंत्री ने कहा स्‍वच्छता में स्वराज का प्रतिबिंब देखते थे गांधी ! स्वराज के सपने को पूरा करने का एक मार्ग वह स्वच्छता को भी मानते थे !

गाँधीस्य विचारस्य प्रासंगिकतास्य उल्लेखम् कृतम् प्रधानमंत्री मोदी: अकथयत् तत अद्यस्य विश्वाय गांधेन वृहद प्रेरणाम् न भव शक्नोति ! अद्य पूर्ण विश्व तस्य जीवनम् दर्शनम् च् स्वीकरणाय अग्रे आगच्छन्ति ! विगत वर्षम् सम्पूर्ण विश्वे यस्य प्रकारेण गाँधीस्य पंचशताधिकैकशतम् जयंतीम् मान्यतु, सः अभूतपूर्वम् आसीत् ! तस्य स्वीकार्यताम् लोकप्रियतां च् देशकालेन परिस्थितेन च् विलगम् अस्ति !

गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के विश्व के लिए गांधी जी से बड़ी प्रेरणा नहीं हो सकती ! आज पूरी दुनिया उनके जीवन और दर्शन को अपनाने के लिए आगे आ रही है ! बीते वर्ष पूरी दुनिया में जिस तरह से गांधी जी की 150वीं जयंती मनाई गई, वह अभूतपूर्व था ! उनकी स्वीकार्यता और लोकप्रियता देशकाल और परिस्थिति से परे है !

कोरोना महामारीम् २०१४ तः पूर्वे आगच्छति तर्हि किं भवति ?

कोरोना महामारी 2014 से पहले आती तो क्या होता ?

पी एम मोदी: अकथयत्, कल्पनाम् कुरु कोरोना यथा महामारीम् २०१४ तः पूर्वे आगच्छति तर्हि किं स्थितिम् भवति, यदा भारतस्य ६० प्रतिशतम् जनसंख्याम् स्फुटितम् शौचाय बलाम् आसीत् ? किं तदा लॉकडाउन इति यथा व्यवस्थाम् सम्भवम् भवति ? कोरोना प्रति जंगे वृहद आधारम् अददात् ! सः बलम् दत्तुम् अकथयत् स्वच्छतास्य अभियानम् एकम् यात्राम् अस्ति, यत् सततं चलिष्यति !

पी एम मोदी ने कहा,कल्‍पना कीजिये कोरोना जैसी महामारी 2014 से पहले आती तो क्या स्थिति होती, जब भारत की 60 प्रतिशत आबादी खुले में शौच के लिए मजबूर थी ? क्या तब लॉकडाउन जैसी व्यवस्थाएं संभव हो पातीं ? स्वच्छता को लेकर जागरूकता ने हमें कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ा सहारा दिया है ! उन्‍होंने जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता का अभियान एक सफर है, जो निरंतर चलता रहेगा !

अयम् तत् दिवसम् अस्ति यस्य दिवसम् गांधी: भारत त्यक्तु आन्दोलनस्य आरम्भम् अकरोत् स्म !

यह वह दिन है जिस दिन गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुवात की थी !

साभार bccl

देशस्य स्वतंत्रता संग्रामे अष्ट अगस्तस्य दिवसस्य एकम् विशेषम् महत्वम् अस्ति ! वस्तुतः महात्मा गांधी: आंग्लकाणि भरतात् निस्सराय कतिपय अहिंसकम् आन्दोलनानाम् नेतृत्वम् अकरोत् अष्ट अगस्त १९४२ तमम् च् सः भारत त्यक्तु आन्दोलनस्य आरम्भम् अकरोत् स्म !

देश के स्वतंत्रता संग्राम में आठ अगस्त के दिन का एक खास महत्व है ! दरअसल महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को भारत से निकालने के लिए कई अहिंसक आंदोलनों का नेतृत्व किया और आठ अगस्त 1942 को उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी !

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