24.1 C
New Delhi

भो बन्धु इयम् कः राजनीतिम् अस्ति, अहम् हिन्दो: वंशजम् – पकिस्तानम् धर्म गुरुम् ! अरे भाई यह क्या सियासत है, हम हिन्दू की औलाद – पाकिस्तान धर्म गुरु !

Date:

Share post:

सतर्कम् ! सम्प्रति पकिस्तानस्य धर्मगुरुम् क्रुशम् क्रुशित्वा कथयति अहम् हिन्दो वंशजम् अस्य तात्पर्यम् कास्ति, कुत्रचित् एकदा पुनः हिन्दूनि भावुकम् विवशम् कृतस्य कुचक्रस्य अंशम् तर्हि न अस्ति ?

सावधान ! अब पाकिस्तान के धर्मगुरु चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं हम हिन्दू की औलाद इसका मतलब क्या है, कहीं एक बार फिर हिंदुओ को इमोशनल ब्लैक मेल करने की साजिश का हिस्सा तो नहीं है ?

पकिस्तानस्य वृहद मौलाना बॉलीवुडस्य च् आमिर खानस्य धर्म गुरुम् मौलाना तारिक जमील: एकम् सभाम् सम्बोधनम् कृतम् अकथ्यत् तत भारतम् पकिस्तानम् बंग्लादेशम् इत्यादयस्य सर्वम् मुस्लमानम् हिन्दूनामेव वंशजम् अस्ति, भवान् धर्मम् कतिदापि परिवर्तिते, भवान् स्व पूर्वजम् कदापि न परिवर्तितम् कृत शक्नोति, अहमपि पृथ्वीराज चौहानस्य वंशजम् !

पाकिस्तान के बड़े मौलाना और बॉलीवुड के आमिर खान के मजहबी गुरु मौलाना तारिक जमील ने एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान बांग्लादेश इत्यादि के सभी मुसलमान हिन्दुओ की ही औलाद है, आप मजहब कितनी बार भी बदल ले, आप अपने पूर्वज कभी नहीं बदल सकते हैं, हम भी पृथ्वीराज चौहान की औलाद है !

हिन्दूम् प्रत्येकदा मूर्खम् निर्माणस्य कार्यम् सततं चलन्ति, तत् कांग्रेसेन भव विदेशै: भव वा, प्रत्येकदा हिन्दूमेव ठगतु, कदापि धर्मनिर्पेक्षम् निर्मिते, कदापि हिन्दुस्तानिम् सर्कारस्य नीते !

हिन्दू को हर बार बेवकूफ बनाने के कार्य लगातार चलते रहें हैं, वह कांग्रेस के द्वारा हो या विदेशियों द्वारा हो, हर बार हिन्दू ही ठगा गया, कभी धर्मनिरपेक्ष बनने में, कभी हिंदुस्तानी सरकार की नीति में !

सम्प्रति कथयति अहम् हिन्दो वंशजम्, मन्तव्यम् पुरातन तर्हि न तत हिन्दूनाम् मने आगतवान तत अयम् तर्हि स्वस्य हिन्दूम् कथयति, येन वयं कोपि संकटम् न भव शक्नोति अयम् तर्हि स्वास्ति, स्व हिन्दू धर्मस्य वार्ताम् वदति तस्य स्वात् पृथक न राखितवान, पुनः प्रारम्भयते पुरातन इतिहासम् !

अब कहते है हम हिन्दू की औलादें हैं, मन्तव्य पुराना तो नहीं कि हिन्दुओं के मन में आ जाये कि यह तो अपने को हिन्दू कह रहा है, इससे हम सभी को कोई दिक्कत नहीं हो सकती यह तो अपना है, अपने हिन्दू धर्म की बात बोल रहा है इसको अपने से अलग न रखा जाए, फिर शुरू हो जाये पुराना इतिहास !

इतियथा विधर्मिनां भारतम् आगमनम् प्रस्थानम् प्रारम्भिष्यन्ति, जनाः मानिष्यन्ति भो भ्राता बहु साधु वक्ताम् अस्ति, प्रत्येकं स्थानम् तेन आगमनस्य प्रस्थानस्य स्वतंत्रताम् प्राप्तम् भव्यते पुनः च् प्रारम्भयते जिहादम्, धर्मान्तरणम् जिहादम् !

इन जैसे विधर्मियों का भारत आना जाना शुरू हो जाएगा, लोग समझेंगे अरे भाई बड़ा अच्छा वक्ता है अपने को पृथ्वीराज का वंशज मान रहा है, हर जगह उसे आने जाने की स्वतंत्रता प्राप्त हो जाये और फिर शुरू हो जिहाद, धर्मांतरण जिहाद !

यत्र अयम् आमिर खानस्य गुरुम् अस्ति आमिर खान: एकम् चित्रपटम् निर्मयते पी के, यस्मिन् एकम् हिन्दू बालिका रहति सा विदेशे एकम् पाकिस्तानिम् मुस्लिम बालकेन मिलति पुनः च् तेनेन प्रेमम् भवति सा पुनः भारतम् प्रत्यागच्छति अत्र तस्य मेलनम् द्वितीय लोकात् आगतः मानवम् अर्थतः आमिर खानेन भवति पुनः प्रारम्भयते हिन्दूधर्मस्य अशुभम् !

चूंकि यह आमिर खान का गुरु है आमिर खान ने एक फ़िल्म बनाई पी के, जिसमें एक हिन्दू लड़की रहती है वह विदेश में एक पाकिस्तानी मुस्लिम लड़के से मिलती है और फिर उससे प्रेम हो जाता है वह पुनः भारत वापस आती है यहां उसकी मुलाकात दूसरे लोक से आये मानव अर्थात आमिर खान से होती है फिर शुरू होता है हिन्दू धर्म की बुराई !

चित्रपटस्य अन्ते इयम् सिद्धम् क्रियते तत सर्वम् हिन्दू देवी देवतां केवलं एकम् नाट्यरूपांतरणम् सन्ति हिन्दू धर्म गुरुम् च् केवलं मूर्खम् निर्मितस्य कार्यम् कुर्वन्ति ! पकिस्तानिम् मुस्लिम बहैव नेकम् ईमानदारम् च् भवन्ति येन आतंकस्य अर्थमेव न ज्ञातम् सन्ति ! अतएव एतै: वैवाहिक सम्बंधम् कृते कोपि संकटम् न भव शक्नोति !

फिल्म के अंत में यह सिद्ध किया जाता है कि सभी हिन्दू देवी देवता महज एक ड्रामा हैं, और हिन्दू धर्मगुरु केवल मूर्ख बनाने का कार्य करते हैं ! पाकिस्तानी मुस्लिम बहुत ही नेक और ईमानदार होते हैं जिन्हें आतंक का मतलब ही नहीं मालूम है ! इसलिए इनसे वैवाहिक सम्बन्ध रखने में कोई भी दिक्कत नहीं हो सकती !

विचारम् कुर्यात् तत यस्य शिष्यम् इति कुत्सित विचारधारस्य अस्ति तस्य गुरो: अभ्यांतरम् कति सादगीम् हिन्दू धर्मम् प्रति प्रेमम् च् भविष्यति, इयम् केवलं आडम्बरम् अस्ति यस्मात् हिन्दू धर्मावलम्बिनः जनानां भावुकम् कृत्वा तस्य लाभम् लभ्यते !

विचार करें कि जिसका शिष्य इतना कुत्सित विचारधारा का है उसके गुरु के अंदर कितनी सादगी और हिन्दू धर्म के प्रति प्रेम होगा, यह केवल दिखावा भर है जिससे हिन्दू धर्मावलम्बी लोगों को इमोशनल करके उनका फायदा उठाया जा सके !

वस्तुतः येन हिन्दू धर्मेन इत्येव प्रेमम् अस्ति तर्हि पकिस्ताने हिन्दूनाम् स्थितिम् असाधवेतिअसाधु किमस्ति तान् सह अत्याचाराणि किं भवन्ति, बलात धर्मान्तरणम्, तेषां भगिनी पुत्री: सह बलात्कारम्, बलात निकाहम्, तेषां पारम्परिकम् धार्मिक कार्येषु व्यवधानम् किं, मन्दिराणि किं त्रोटयन्ति, हिन्दूनाम् संख्याम् दिवसं प्रतिदिवसम् किं न्यूनम् भवन्ति !

अगर इन्हें हिन्दू धर्म से इतना ही प्रेम है तो पाकिस्तान में हिन्दूओं की स्थित बद से बदतर क्यों है उनके साथ ज्यादतियां क्यों होती हैं, जबरन धर्मांतरण, उनकी बहन बेटियों के साथ बलात्कार, जबरन निकाह, उनके पारम्परिक धार्मिक कार्यों में व्यवधान क्यों, मंदिरों को क्यों तोड़ा जा रहा है, हिंदुओं की संख्या दिन प्रतिदिन क्यों कम होती जा रही है !

हिन्दवः सम्प्रति यस्य शब्दानि सत न मान्यन्तु अन्यथाम् ५०० वर्षानां उपरांत भाजपा सर्कारस्य कारणम् राम मन्दिरम् तर्हि प्राप्यते प्रत्येकदा इदानीं न भविष्यति ! अयम् केवलं अस्य राजनीतिकम् चरित्रम् अस्ति यत् केवलं हिन्दूनि भावुकम् कृताय सन्ति !

हिन्दुओं अब इनके फंसाने को सच न समझना अन्यथा 500 वर्षों के बाद भाजपा सरकार के कारण राम मंदिर तो पा गए हो हर बार ऐसा नहीं होगा ! यह केवल इनकी सियासी चाल है जो केवल हिन्दुओं को इमोशनल करने के लिए हैं !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

The Perpetual Friction: Decoding U.S.-Iran Negotiation Conditions and Why the “War” is Destined to Continue

For over four decades, the relationship between the United States and the Islamic Republic of Iran has been...

SC status only for Hindus, Sikhs or Buddhists, it ends with Religious Conversion: Supreme Court

The Supreme Court on Tuesday held that the Scheduled Caste status is available only to Hindus, Sikhs and...

American Mercenary Matthew VanDyke and Ukrainian Nationals Detained in India: A Case of Espionage and Geopolitical Strain

In a development that has raised eyebrows in international security circles, the National Investigation Agency (NIA) of India...

The Fragile Lifeline: How Attacks on Oil and Gas Infrastructure in Middle East Threaten a Global Supply Chain Catastrophe

In the modern global economy, energy is not merely a commodity; it is the fundamental substrate upon which...