29.1 C
New Delhi
Friday, September 30, 2022

पुलवामा घाते केचन जनाः राजनीतिक स्वार्थम् पश्यति स्म, देशम् इत्येन न विस्मरयते-पीएम मोदी: !

Most Popular

फोटो साभार ANI

पुलवामा हमले में कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे, देश इसे भूल नहीं सकता-पीएम मोदी !

प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी केवडिया स्थितं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इति अप्राप्तम्,अत्रे प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी: लौह पुरुष: सरदार वल्लभ भाई पटेलस्य १४५ जयंतियाम् सः तत्र केवडियाम् स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इत्ये शानिवासरम् श्रद्धांजलिम् अर्पितम् कृतवान ! इति अवसरे प्रधानमंत्री: देशवासिनि एकतायाः शपथम् अददात् एकता दिवस परेड इत्यस्य च् निरीक्षण अपि कृतवान ! स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इत्ये हेलीकॉप्टर इत्यात् पुष्पवर्षामपि कृतवान !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे,यहां पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लौह पुरुष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती पर उन्‍हें यहां केवडिया में स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी पर शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की ! इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई और एकता दिवस परेड का निरीक्षण भी किया !स्‍टैच्यू ऑफ यूनिटी पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई !

पीएम मोदियाः सम्बोधनस्य विशेषं वार्तानि !

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें !

देशम् न विस्मरयते तत तदा कीदृशी-कीदृशी वार्तानि अकथ्यते,कस्मात्-कस्मात् बचनं अददात् ! देशम् न स्मरयते तत यदा देशे अति वृहद क्षतयते स्म, तदा स्वार्थ अहंकारेण च् परिपूर्ण असाधु राजनीति कति चरमे आसीत् !

देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए ! देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी !

अद्य यदा अहम् अर्धसैनिक बलानां परेड इति पश्यते स्म, तर्हि मने एकम् अतिरिक्त तस्वीरम् आसीत् ! इयम् तस्वीरमासीत् पुलवामा घातस्य ! देशम् कदापि न विस्मरयते तत यदा स्व वीर पुत्राणां गतेन सम्पूर्ण देशम् दुःखीम् आसीत्, तदा केचन जनाः तम् दुखे सम्मिलितं नासीत्, ते घाते स्व राजनीतिक स्वार्थम् पश्यते स्म !

आज जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी ! ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की ! देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे !

आतंकी पीड़ाम् भारत पूर्ण रूपम् ज्ञायन्ति ! भारत आतंकवादम् सदैव स्व एकताया, स्व दृढ़ इच्छा शक्तिया उत्तरम् अददात् ! अद्य सम्पूर्ण विश्वमपि एकत्रितम् भवित्वा प्रत्येक तम् शक्तिस्य पराजयेत् यत् आतंकवादेन सहास्ति, आतंकवादम् बर्ध्यते !

आतंकी पीड़ा को भारत भली-भांति जानता है ! भारत ने आतंकवाद को हमेशा अपनी एकता से, अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से जवाब दिया है ! आज पूरे विश्व को भी एकजुट होकर हर उस ताकत को हराना है जो आतंकवाद के साथ है, आतंकवाद को बढ़ावा दे रही है !

अद्यस्य परिवेशे विश्वस्य सर्वाणि देशानि, सर्वाणि सर्काराणि, सर्वाणि पंथानि, आतंकवादस्य विरुद्धम् एकत्रित भवस्य बहु अधिकम् अवश्यक्तामस्ति ! शान्तिम्-भाईचारा परस्परम् च् आदरस्य भावैव मानवतायाः सद परिचयमस्ति ! आतंकवादेन-हिंसाया कदापि अपि, कश्चितस्य कल्याणम् न भवशक्नोति !

आज के माहौल में दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है ! शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है ! आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता !

अद्य भारतस्य भूमे दृष्टिम् धृतं पूर्णरूपम् उत्तरम् दास्य शक्तिम् अस्माकं वीर युवाषु अस्ति ! अद्य भारत सीमाषु सहस्राणि किलोमीटर इति लम्बकम् मार्गानि अनिर्मयते ! स्व सम्प्रभुतां सम्मानस्य च् रक्षणाय अद्यस्य भारतम् पूर्ण रूपं तत्परमस्ति !

आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों में है ! आज भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है ! अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है !

कश्मीरस्य विकासे यत् बाधानि आगच्छति स्म, तत् पश्च त्यक्तवा सम्प्रति कश्मीर विकासस्य नव मार्गे अबर्ध्यत् ! यत् नार्थईस्ट इत्ये शान्तिस्य व्यवस्थामसि, नार्थईस्ट इत्यस्य विकासाय उत्थायत् पगम् वा,अद्य देश एकतायाः नव आयाम स्थापितं करोति !

कश्मीर के विकास में जो बाधायें आ रही थी, उन्हें पीछे छोडकर अब कश्मीर विकास के नए मार्ग पर बढ़ चुका है ! चाहे नॉर्थईस्ट में शांति की बहाली हो, या नॉर्थईस्ट के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम, आज देश एकता के नए आयाम स्थापित कर रहा है !

सोमनाथस्य पुनर्निर्माणेन सरदार पटेल: भारतस्य सांस्कृतिक गौरवम् पुनरदास्य यत् यज्ञ आरम्भयते स्म, तस्य विस्तार देशम् अयोध्यायां अपि अपश्यत् ! अद्य देश राममंदिरे सर्वोच्च न्यायालयस्य निर्णयस्य साक्षीम् अनिर्मयत्, भव्य च् राममंदिरम् निर्मतैपि पश्यति !

सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है ! आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है !

अद्य भारत कोरोना इत्यात् अवतरति एकत्रित भवित्वा अग्रमपि बर्ध्यति ! इयम् ततैव एकजुटतां अस्ति यस्य कल्पना लौहपुरुष: सरदार वल्लभ भाई पटेल: कृतमासीत् ! कोरोना वारियर्स इत्यस्य सम्माने १३० कोटि देशवासिनि एकम् भवित्वा यत् शक्तिम् अप्रदर्शयत्, एकतायाः यत् सन्देशम् अददात् !

आज भारत कोरोना से उभर भी रहा है और एकजुट होकर आगे भी बढ़ रहा है ! ये वैसी ही एकजुटता है जिसकी कल्पना लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने की थी ! कोरोना वारियर्स के सम्मान में 130 करोड़ देशवासियों ने एक होकर जो जज्बा दिखाया, एकता का जो संदेश दिया !

तत् अष्ट मासेन वयं इति पीड़ाया योध्दम्, जुझ्यम् विजयपथे च् अग्रम् बर्धनस्य शक्तिम् अददात् ! कश्चित कल्पना न कृतमासीत् तत पूर्ण मानवजातिम् कोरोना यथा महामारीयाः संघर्षम् करिष्यते ! तु इति महामारीयाः सम्मुखम् देशम् येन प्रकारम् स्व सामूहिक इच्छा शक्तिम् प्रदर्शयत् तत् अभूतपूर्वमस्ति !

उसने 8 महीने से हमें इस संकट से लड़ने, जूझने और विजयपथ पर आगे बढ़ने की ताकत दी है ! किसी ने कल्पना नहीं की थी कि पूरी मानवजाति को कोरोना जैसी महामारी की सामना करना पड़ेगा ! लेकिन इस महामारी के सामने देश ने जिस तरह अपने सामूहिक सामर्थ्य को, अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति को साबित किया वो अभूतपूर्व है !

भारताय इति अद्भुद भावनां अद्य अहम् अत्र मातु नर्मदायाः तट सरदार महोदयस्य भव्य प्रतिमायाः तले लगभगेन च् वेत्ति कृतशक्नोति ! भारतस्य इदम् शक्तिम् वयं प्रत्येक पीड़ाया, प्रत्येक संकटेन योद्धाम् शिक्षयति विजयमपि शिक्षयति च् !

भारत के लिए इस अद्भुद भावना को आज हम यहां मां नर्मदा के किनारे सरदार साहब की भव्य प्रतिमा की छांव में और करीब से महसूस कर सकते हैं ! भारत की यही ताकत हमें हर आपदा से, हर विपत्ति से लड़ना सिखाती है और जीतना भी सिखाती है !

भगवतः श्रीरामस्य आदर्श, तस्य संस्कार यदि अद्य भारतस्य क्रोणे-क्रोणे वयं एकम् द्वितीयेन संलग्नयन्ति,तर्हि अस्य बहु श्रेय महर्षि बाल्मीकि महोदयमेव गच्छति ! राष्ट्रम् मातृभूमिम् सर्वात् बर्धित्वा मान्यस्य महर्षि बाल्मीकिस्य यत्र मंत्रमासीत् ! तेनैव अद्य राष्ट्र प्रथमस्य सख्त आधारमस्ति !

भगवान श्रीराम के आदर्श, उनके संस्कार अगर आज भारत के कोने-कोने में हमें एक दूसरे से जोड़ रहे हैं, तो इसका बहुत बड़ा श्रेय महर्षि वाल्मिकी जी को ही जाता है ! राष्ट्र और मातृभूमि को सबसे बढ़कर मानने का महर्षि वाल्मीकि का जो मंत्र था, वही आज राष्ट्र प्रथम का मजबूत आधार है !

इयमपि अद्भुत संयोगमस्ति अद्यैव बाल्मीकि जयन्तिमपि अस्ति ! अद्य अहम् भारतस्य येन सांस्कृतिक एकतायाः दर्शनम् कुर्वन्ति,तेन अति जीवंत ऊर्जावान च् निर्मयस्य कार्यम् सदीनि पूर्व आदिकवि महर्षि बाल्मीकि: एव कृतवान स्म !

ये भी अद्भुत संयोग है कि आज ही वाल्मीकि जयंती भी है ! आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था !

अद्य सरदार सरोवरेण साबरमती रिवर फ्रंट इत्येव सी-प्लेन इति सेवायाः अपि शुभारम्भ भव्यते ! सरदार महोदयस्य दर्शनाय, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी इतम् पश्याय देशवासिनि सम्प्रति सी-प्लेन सर्विस इतस्य अपि विकल्पम् प्राप्यिष्यति ! इयम् सर्वाणि प्रयासम् इति क्षेत्रे पर्यटनमपि बहु अधिकम् बर्धनम् सन्ति !

आज सरदार सरोवर से साबरमती रिवर फ्रंट तक सी-प्लेन सेवा का भी शुभारंभ होने जा रहा है ! सरदार साहब के दर्शन के लिए, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए देशवासियों को अब सी-प्लेन सर्विस का भी विकल्प मिलेगा ! ये सारे प्रयास इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ाने वाले हैं !

श्वेन गृहित्वा सम्प्रतैव केवडियायाम् जंगल सफारी इति, एकता मॉल इति, चिल्ड्रन न्यूट्रीशियन पार्क इति यथा अनेकानि नव स्थलानां लोकार्पणम् अभवत् ! बहैव न्यूनम् काले सरदार सरोवर डैम इत्येन सह संलग्न् इयम् भव्य निर्माण एकम् भारतं श्रेष्ठ-भारतस्य भावनायाः, नव भारतस्य प्रगतिस्य तीर्थ स्थलं अनिर्मयत् !

कल से लेकर अब तक केवडिया में जंगल सफारी, एकता मॉल, चिल्ड्रन न्यूट्रिशन पार्क जैसे अनेक नए स्थलों का लोकार्पण हुआ है ! बहुत ही कम समय में सरदार सरोवर डैम के साथ जुड़ा ये भव्य निर्माण एक भारत श्रेष्ठ- भारत की भावना का, नए भारत की प्रगति का तीर्थ स्थल बन गया है !

२०१४ तमे वयं तस्य जन्मदिवसस्य भारतस्य एकतायाः पर्वस्य रूपे मान्यस्य आरम्भ कृतं आसीत् ! इति ६ वर्षेषु देशम् कन्याकुमारी एव, पूरबात् गृहित्वा पश्चिमैव सर्वाणि एकम् भारतं श्रेष्ठ भारतस्य संकल्पम् पूर्ण कृतस्य प्रयास कृतवान !

2014 में हमने उनके जन्मदिवस को भारत की एकता के पर्व के रूप में मनाने की शुरुआत की थी ! इन 6 वर्षों में देश ने गांव से लेकर शहरों तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक, पूरब से लेकर पश्चिम तक सभी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने का प्रयास किया है !

सर्वाणि देशवासिनि सरदार वल्लभ भाई पटेलस्य जयन्तिया: बहु-बहु शुभाषयानि ! देशस्य सहस्राणि राज्यानि, नृपः-नृपस्य कुटुंबानि एकम् कृत्वा, देशस्य विविधतां आधार भारतस्य शक्तिम् निर्मयित्वा सरदार पटेल: हिन्दुस्तानम् वर्तमान स्वरूपम् अददात् !

सभी देशवासियों को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं ! देश की सैकड़ों रियासतों को, राजे-रजवाड़ों को एक करके, देश की विविधता को आधार भारत की शक्ति बनाकर सरदार पटेल ने हिंदुस्तान को वर्तमान स्वरूप दिया !

Want to express your thoughts, write for us contact number: +91-8779240037

Disclaimer The author is solely responsible for the views expressed in this article. The author carry the responsibility for citing and/or licensing of images utilized within the text. The opinions, facts and any media content in them are presented solely by the authors, and neither Trunicle.com nor its partners assume any responsibility for them. Please contact us in case of abuse at Trunicle[At]gmail.com

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest article

This is Gyan