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संसद घातस्य एकोनविंशतानि वर्षीयाम् अबदत् पीएम मोदी: ! संसद हमले की 19वीं बरसी पर बोले पीएम मोदी !

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संसद घातस्य अद्य एकोनविंशतानि वर्षिमस्ति, अद्यस्य दिवसं संसदस्य शीतकालीन सत्रस्य कालम् १३ दिसंबर २००१ तमम् आतंकिनि संसदे घातम् कृतवान स्म !

संसद हमले की आज 19वीं बरसी है आज के दिन संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था !

२००१ तमे १३ दिसंबर इत्यस्य प्रातः आतंकस्य कृष्णाभा देशस्य लोकतंत्रस्य द्वारैव अप्राप्यत् स्म ! संसदस्य शीतकालीन सत्रस्य कालम् १३ दिसंबर २००१ तमम् आतंकिनि संसदे घातम् कृतवान स्म !

2001 में 13 दिसंबर की सुबह आतंक का काला साया देश के लोकतंत्र की दहलीज तक आ पहुंचा था। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 13 दिसंबर 2001 को आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था !

देशस्य राजधानीयाः बहु सुरक्षितम् मान्यतम् प्रान्तरे उच्चमस्तकेन स्थितं संसद भवनस्य भवने प्रवेशाय आतंकिनि श्वेत वर्णस्य एम्बेसडर इत्यस्य प्रयोगम् कृतवान !

देश की राजधानी के बेहद महफूज माने जाने वाले इलाके में शान से खड़ी संसद भवन की इमारत में घुसने के लिए आतंकवादियों ने सफेद रंग की एम्बेसडर का इस्तेमाल किया !

सुरक्षाकर्मिकानि छले अमोघम् भवेत्,तु तस्य पगम् लोकतंत्रस्य मन्दिरम् अपवित्रम् कृत प्राप्येत् तस्मात् पूर्वैव सुरक्षा बलानि तेन नष्टम् अक्रियते !

सुरक्षाकर्मियों को गच्चा देने में कामयाब रहे, लेकिन उनके कदम लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र कर पाते उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया।

पीएम मोदी: इति दिवसं स्मरयत: अकथ्यत् अहम् २००१ तमे इति दिवसं स्व संसदे कापूर्णम् घातम् कदा न विस्मृष्यामि ! अहम् तम् जनानां शौर्यम् बलिदानम् च् स्मरयामि !

पीएम मोदी ने इस दिन को याद करते हुए कहा हम 2001 में इस दिन अपनी संसद पर कायरतापूर्ण हमले को कभी नहीं भूलेंगे ! हम उन लोगों की वीरता और बलिदान को याद करते हैं !

अद्यात् सम्यक् १९ वर्ष पूर्व अद्यैवस्य दिवसं संसदैभवत् तम् आतंकी घातम् अंतम् का विस्मरशक्नोति यदा आतंकिनि संसदे घातित्वा पूर्ण देशम् भ्रमैभ्रमयत् स्म ! इति घाते ९ सुरक्षाकर्मी: हुतात्मा अभव्यते स्म यद्यपि पंच अतंकिमपि अहन्यत् स्म !

आज से ठीक 19 साल पहले आज ही के दिन संसद पर हुए उस आतंकी हमले को भला कौन भूल सकता जब आतंकियों ने संसद पर हमला कर पूरे देश को सकते में डाल दिया था ! इस हमले में 9 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे जबकि पांच आतंकवादी भी मारे गए थे !

दृष्टयास्ति तत १३ दिसंबर २००१ तमस्य मध्यान्हे यदा संसदस्य शीतकालीन सत्रम् चरति स्म बहु विपक्षी सांसदानां कलहस्य कारणात् द्वयो सदनयो कार्यवाहिम् स्थगितम् क्रियते स्म !

गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2001 की दोपहर में जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था और तमाम विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी थी !

तेनैव कालम् सम्पूर्ण देश: अकस्मातेन कम्पयत् स्म ! जैश-ए-मोहम्मद इत्यस्य आतंकी पूर्ण तत्परतया सह संसद भवने अप्रवेशयत् संसद परिसरे च् अत्याधिकं गोलिकानि प्रहारयतु स्म !

उसी दौरान पूरा देश अचानक से थर्रा उठा था ! जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ संसद भवन में घुस गए और संसद परिसर में अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थी !

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