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राम-द्रोही कांग्रेस ने लगाया राम मंदिर निर्माण में एक और अड़ंगा

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कांग्रेस हमेशा से ही हिन्दुओ के खिलाफ रही है, और ये केवल कहने की बात नहीं है, उनके चाल और चरित्र से ये पता लग जाता है। ये कांग्रेस ही थी जिसने प्रभु श्री राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था, ये कांग्रेस ही थी जिसने हर पैंतरा अपनाया था राम मंदिर के केस को अनंतकाल तक चलाने के लिए, वे चाहते ही नहीं थे कि राम मंदिर बने।

पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी कैंपेन जारी रखा और मुसलमानो को भड़काया, यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाये, लेकिन उनके दुर्भाग्य से उनका कोई भी पैंतरा काम नहीं आया। जब कांग्रेस के तरकश में सारे तीर ख़त्म हो गए, तब उन्होंने एक बड़ा ही घटिया चाल चली है, जब कुछ नहीं मिला तो कांग्रेस ने राम मंदिर के निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए बंशी पहाड़पुर कि खदानों पर ही रोक लगा दी है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर चुका है, वे करीब 36 करोड़ रुपये मूल्य के बेहतरीन क्षमता वाले 4.5 लाख घनफीट गुलाबी पत्थरों का ऑर्डर देने की तैयारी कर रहे थे,जिसके लिए राजस्थान के बंशीपहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों की खदानों का चुनाव किया गया था, लेकिन अब राजस्थान सरकार ने इस खदान से पत्थर निकासी पर रोक लगा दी है।

राजस्थान के भरतपुर जिले में बंशीपहाड़पुर की खदानों के गुलाबी पत्थर से हजारों साल तक अक्षुण्ण रहने वाले राममंदिर के निर्माण की तैयारी यहां पूरी हो गई थी, L&T की भारी मशीनें मंगाकर 60 मीटर गहरी नींव में सीमेंट-मोरंग व गिट्टी से 1200 पायलिंग तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया था, इसमे इन पत्थरों को बीम में लगाया जाना था, जो इसे मजबूती देता।

इसी नींव में सिर्फ बंशीपहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से 49.24 मीटर ऊंचा करीब ढाई एकड़ में एक लाख पांच हजार 147 वर्गफीट आकार के भूतल पर तीन मंजिला राममंदिर बनना है। देश में सदियों से जस की तस खड़ी तमाम इमारतें व किले इसी पत्थर से बने हैं। संसद भवन, लालकिला, बुलंद दरवाजा सहित अक्षरधाम और इस्कान के अधिकांश मंदिरों में बंशीपहाड़पुर का ही पत्थर लगा है।

इन पत्थरो की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है , इनकी उम्र कम से कम पांच हजार साल होती है। बारिश से ये पत्थर ज्यादा मजबूत, टिकाऊ और सुंदर होता जाता है। इसमें अन्य पत्थरों के मुकाबले अधिक भार सहने की क्षमता व आसानी से पच्चीकारी होती है। लेकिन कांग्रेस के इस कुकर्म से अब इस काम में व्यवधान पड़ सकता है, कांग्रेस एक बार फिर अपना हिन्दू विरोधी चेहरा दिखाने में सफल रही है , क्या हिन्दुओ को ये नहीं दिख रहा है?

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