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एमएलसी चुनाव: लखनऊ की सड़कों पर उमड़ा भगवा सैलाब, युवा नेता अवनीश सिंह का पर्चा दाख़िल, उमेश का भी नामांकन

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लखनऊ (LUCKNOW): 11 नवंबर को राजधानी की सड़कें एक बार फिर भगवा रंग में रंगी दिखी। मौका था विधान परिषद प्रत्याशियों के नामांकन का, जिसके लिए भाजपाई हजरतगंज के भाजपा दफ्तर पर सुबह से ही जुटने लगे थे और 11 बजते-बजते हर तरफ भगवा रंग ही नजर आने लगा था। उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा की अगुवाई में कई सरकार के कई मंत्रियों और संगठन के दिग्गजों के साथ जब भाजपा कार्यालय से नामांकन के लिए प्रत्याशी निकले तो हर तरफ जीत के नारों का शोर सुनाई दे रहा था। उत्साहित भाजपाई जगह-जगह उम्मीदवारों के नाम लिखे टी-शर्ट पहने अपने प्रत्याशियों और उप-मुख्यमंत्री का स्वागत फूल मालाओं से कर रहे थे। भीड़ इतनी कि भाजपा दफ्तर से जिस कमिश्नर आफिस की दूरी चन्द मिनटों में तय हो जाती है, वहां पहुंचने में घन्टो लगे।

स्नातक एमएलसी के लिए अवनीश

लखनऊ खंड की स्नातक एमएलसी सीट से भाजपा ने युवा नेता इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। इंजीनियरिंग में भविष्य तलाश रहे मेधावी छात्र अवनीश ने पिता की संदिग्ध मौत के बाद देश में ही रहकर पिता के सपनों को आगे बढ़ाने का फैसला किया और सामाजिक-शैक्षिक परिवर्तन के अभियान में कूद पड़े। अच्छे-भले कैरियर को पीछे छोड़ने के लिए परिवार ने विरोध भी किया लेकिन अवनीश नहीं माने। मौजूदा समय में अवनीश सिंह सामाजिक-शैक्षिक-राजनैतिक क्षेत्र का जाना-पहचाना नाम हैं। बीते कई सालों से वह संघ और बीजेपी संगठन में भी सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। युवाओं पर मजबूत पकड़ और जमीनी कामों के नाते ही पार्टी ने अपनी इस प्रतिष्ठित सीट पर अवनीश को मैदान में उतारा है। राजधानी से जुड़ी सीट होने के चलते यहां की जीत-हार सरकार और संगठन के लिए खासा मायने रखती है, लिहाजा पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर मंत्रियों-सांसदों-विधायकों तक को जीत की जिम्मेदारी सौंप दी है। रणनीति खुद उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा बना रहे हैं।

शिक्षक एमएलसी के लिए उमेश हैं मैदान में

प्रतापगढ़ के लालगंज आझारा के उमेश द्विवेदी शिक्षक विधायक हैं। बीते साल नवंबर में ही उमेश भाजपा का हिस्सा बने थे। 2004 में सियासत में उतरे उमेश 2008 में भी शिक्षक एमएलसी चुने गये थे। उमेश को खुद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। पार्टी इस सीट को भी अपने पाले में मानकर चल रही है।

1 दिसंबर को पड़ेंगे प्रदेश में वोट

लखनऊ खंड निर्वाचन सीट के लिए ळखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर-खीरी, बाराबंकी और प्रतापगढ़ के स्नातक और शिक्षक मतदाता 1 दिसंबर को मतदान करेंगे. जिन प्रत्याशियों को मतदाता पसंद करेंगे उनके नाम के आगे पसंद का संख्या क्रम लिख देंगे, इसीलिए हर प्रत्याशी अपने नाम के आगे मतदाताओं से 1 लिखवाना चाहता है. प्रदेश भर में कुल 11 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए सूबे में पांच नवंबर से नामांकन शुरू हैं जो 12 नवंबर तक चलेगा, 17 नवंबर तक नाम वापसी हो सकेगी। एमएलसी शिक्षक-स्नातक चुनाव का मतदान एक दिसंबर को होगा। मतदान सुबह आठ बजे शुरू होकर शाम पांच बजे तक होगा। इसका परिणाम तीन दिसंबर को आएगा।

11 सीटों पर होने हैं चुनाव

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक व स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी, आगरा, मेरठ और बरेली-मुरादाबाद हैं। जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, गोरखपुर-फैजाबाद हैं। इन 11 सीटों में से 6 सीटें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हैं और 5 सीटें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की। इन सभी सीटों पर मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 6 मई 2020 को खत्म हो चुका है। विधान परिषद के जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो चुका है इनमें छह सदस्य शिक्षक और पांच स्नातक क्षेत्रों से निर्वाचित हुए थे। हालांकि, यह चुनाव 5 मई से पहले यानि अप्रैल के महीनों में ही हो जाने थे, लेकिन कोरोना महामारी की त्रासदी ने चुनाव आयोग को इसे आगे ले जाने पर मजबूर कर दिया।

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