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PM Svanidhi योजना : कैसे बदली रेहड़ी पटरीवालों की जिंदगी, सूदखोरों के चंगुल से दिलाई मुक्ति, सही समय पर लोन के भुगतान पर मिलेगी सब्सिडी।

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देश में फैली कोरोना महामारी के बाद लॉकडाउन लगाया गया था | तभी से लगभग ज्यादातर काम धंधे लोगों के ठप पड़े हैं | ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान रेहड़ी पटरी वालों को उठाना पड़ रहा है | इस कारण रेहड़ी पटरीवालों के लिए राहत देने के लिए सरकार नई योजना लेकर आ चुकी है | इस योजना का नाम पीएम स्वनिधि योजना (PM Svanidhi scheme) है, इस योजना को ठप्प पड़ चुके रोजगारों को दोबारा चालू करने के लिहाज से शुरू किया गया है | इस योजना के तहत छोटे कामकाजियों की आर्थिक मदद की जाएगी | इस योजना के पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के तहत लॉन्च किया गया है | इस योजना को पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना (PM Street Vendor Aatmanirbhar Nidhi scheme) नाम दिया गया है | हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 1 जून 2020 को केंद्रीय केबिनेट की बैठक स्वनिधि योजना को शुरू किया गया था | इस योजना के अंतर्गत देश के रेहड़ी और पटरी वालों (छोटे सड़क विक्रेताओं) को अपना खुद का काम नए सिरे से शुरू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 10000 रूपये तक का लोन मुहैया कराया जायेगा | इस स्वनिधि योजना को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है | इस योजना का लाभ देश के सभी छोटे सड़क विक्रेताओं को उपलब्ध कराया जायेगा | आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत रेहड़ी, पटरी लगाने वाले छोटे कारोबारी को 10,000 रुपये तक का कर्ज देशभर में फैले 3.8 लाख साझा सेवा केन्द्रों (सीएससी) केन्द्रों के जरिये प्रदान किया जायेगा।

सरकार की डिजिटल और ई- गवर्नेंस सेवा इकाई सीएससी ई- गवर्नेंस सविर्सिज इंडिया लिमिटेड ने कहा है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना पूरी तरह से आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है, इस योजना के तहत कर्ज लेने वाले इन उद्यमियों को कर्ज का नियमित रूप से भुगतान करने के लिए प्रोत्साहन भी दिया जायेगा और डिजिटल लेनदेन पर पुरस्कृत भी किया जायेगा। सीएससी योजना के तहत इन छोटे कारोबारियों का पंजीकरण करने में मदद करेगी अब तक इसके तहत दो लाख आवेदन प्राप्त हुये हैं जबकि 50 हजार कारोबारियों को कर्ज मंजूर किया गया है। इस योजना के अंतर्गत देश के स्ट्रीट वेंडर के लिए केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 17 जुलाई 2020 को पीएम स्वनिधि ऐप लॉन्च किया गया है। देश के रेहड़ी और पटरी वाले ,छोटे सड़क विक्रेता लोग अब डायरेक्ट लिंक के माध्यम से अपने स्मार्टफोन पर पीएम Svanidhi Mobile App को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं और इस योजना के अंतर्गत अपना खुद का रोजगार शुरू करने के लिए आसानी आवेदन कर सकते है।

नया ऐप स्ट्रीट वेंडर्स के लोन एप्लिकेशन की सोर्सिंग और प्रोसेसिंग के लिए विकसित किया गया है। यह पीएम Svanidhi ऐप बैंकिंग संवाददाताओं (बीसी) और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) / माइक्रो-फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) के एजेंटों जैसे LI के फील्ड अधिकारियों को सुविधा प्रदान करेगा। इस योजना के अंतर्गत 2 जुलाई 2020 को ऋण देने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद, राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में 1.54 लाख से अधिक सड़क विक्रेताओं ने कार्यशील पूंजी ऋण के लिए आवेदन किया है। स्ट्रीट वेंडरों से प्राप्त इन ऋण आवेदनों में से, 48,000 से अधिक को पहले से ही पीएम स्ट्रीट वेंडर की आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत ऋण स्वीकृत किया गया है। इस योजना के शुरू होने से लेकर अब तक आय आवेदनों की संख्या 5 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। पीएम स्वनिधि योजना में 41 दिनों के अंदर ही 1 लाख से अधिक लोन मंजूर कर दिए गए हैं। PM स्वनिधि स्कीम को आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया है।

अगर योजना की बात करें तो सड़कों के किनारे सामान बेचने वाले, रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये तक का कर्ज सरकार द्वारा 1 साल के लिए दिया जाएगा, लिए गए कर्ज को 1 साल के अंदर किश्तों में इन्हें वापस लौटाना होगा , बता दें कि लोन लेने को लेकर किसी तरह की कोई गारंटी नहीं ली जाएगी साथ ही लोन की शर्ते भी आसान हैं | योजना के अनुसार समय पर लोन चुकाने वालों को सरकार इसका फायदा भी देगी, समय पर लोन चुकाने वालें के बैंक खाते में सरकार 7 फीसदी वार्षिक ब्याज उनके खातों में ट्रांसफर करवाएगी | इस स्कीम के तहत सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी है साथ ही आसान शर्तों के साथ लोन दिया जाएगा | इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस योजना में किसी तरह के जुर्मानें का प्रवाधान नहीं है | अगर आपका भी धंधा चौपट हो गया है और आप लोन लेना चाहते है तो इसके लिए आपको बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है | लोन के लिए आप मोबाइल ऐप या पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं | इस दौरान आप से किसी तरह की गारंटी नहीं मांगी जाएगी | पहले साल के लिए आपको शुरुआती 10 हजार रुपये कर्ज के रूप में दिए जाएंगे | इसके बाद आप अगर सही समय पर कर्ज चुका देते हैं तो सरकार की तरफ से आपको 7 प्रतिशत का सब्सिडी भी दिया जाएगा | इस योजना में डिजिटल ट्रांजिक्सन की सुविधा दी जाएगी |

नाई की दुकानें, जूता गांठने वाले (मोची) पान की दूकानें (पनवाड़ी) कपड़े धोने की दूकानें (धोबी) सब्जियां बेचने वाले फल बेचने वाले रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय का ठेला या खोखा लगाने वाले, ब्रेड, पकौड़े व अंडे बेचने वाले, फेरीवाले जो वस्त्र बेचते हैं, किताबें/स्टेशनरी लगाने वाले, कारीगर उत्पाद करने वाले लोग इस योजना का लाभ ले सकते है | अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूंशंस और एसएचजी बैंको से लोन मिल सकेगा | NATIONAL HAWKERS FEDERATION (NHF) ने मोदी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है | उनके अनुसार रेहड़ी वालो को बहुत मदद मिलेगी और उनको अपने व्यापर को वापस से चलाने में दिक्कत का सामना नहीं करना नहीं पड़ेगा | कई रेहड़ी वाले सूदखोरों के चक्कर में आकर बर्बाद हो जाते थे लेकिन मोदी सरकार का यह योजना उनको ध्यान में रखकर बनाई गई है |

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