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मोदी सरकार का किसानो को तोहफा, किसान रेल में 50 % सब्सिड़ी इससे किसानो की आमदनी बढ़ेगी।

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किसानो के उत्थान के लिए श्री नरेंद्र मोदी की सरकार रोज नए नए फैसले ले रही है जिससे किसानो की आमदनी बढे और वो देश की तरक्की में अपना योगदान दे सके इसी के तहत श्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान रेल की शुरुवात की थी | जिससे किसानो को फल सब्जियां पहुंचाने में कोई असुविधा न हो और उनकी फल सब्जियां सही समय पर मंडियों में पहुंच जाए और इसमें सड़क मार्ग से जो आवागमन होता था उससे भी उनको मुक्ति मिलेगी | क्योंकि सड़क मार्ग के आवागमन के कारण काफी पैसा डीज़ल, टोल नाको पर ही खर्च हो जाता था और किसानो की फसले भी ख़राब होने की आशंका होती थी अब श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने किसान रेल के द्वारा किसानो को एक और बढ़िया मौका दिया है अपनी आमदनी बढ़ाने का | किसान अपना माल पूरे देश में कहीं भी कम लागत पर भेज सके, इस दिशा में मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है | किसानों के लिए चलाई गई किसान रेल से फल और सब्जियां भेजने पर मालभाड़े में 50 परसेंट तक की सब्सिडी मिलेगी | TOP से लेकर TOTAL तक सभी उत्पादों के के ट्रांसपोर्टेशन के भाड़े पर ये सब्सिडी दी जाएगी, TOP का मतलब Tomato-Onion-Potato और TOTAL का मतलब सभी फल सब्जियों से है |

यानी किसान अब और कम लागत पर अपने उत्पाद नए मार्केट तक भेज सकेंगे. इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी | आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, मौसंबी, संतरा, कीनू, नींबू, पाइनएपल, अनार, जैकफ्रूट, सेब, बादाम, आवंला और नासपाती वगैरह फलो पर मिलेगी सब्सिडी | मटर, करेला, बैंगन, गाजर, शिमला मिर्च, फूल गोभी, हरी मिर्च, खीरा, फलियां, लहसुन, प्याज, टमाटर, आलू जैसी सब्जियों पर मिलेगी सब्सिड़ी | इन सभी फल और सब्जियों की माल ढुलाई पर सब्सिडी बुधवार 14 अक्टूबर से ही लागू कर दी गई है | किसान ही नहीं कोई भी व्यक्ति, अधिसूचित फल और सब्जी को किसान रेल के माध्यम से केवल 50% भाड़े पर भेज सकता है | आपको बता दें कि सरकार ने इस वित्त वर्ष के बजट में विशेष पार्सल ट्रेन ‘किसान रेल’ चलाने का एलान किया था | पिछले जून में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत छह महीने के लिए ऑपरेशन ग्रीन योजना को टमाटर, प्याज और आलू से बढ़ाकर सभी फलों और सब्जियों पर लागू करने को मंजूरी दी थी |

इससे पहले मई में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया था कि ऑपरेशन ग्रीन का 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड से विस्तार किया जाएगा | इसके अलावा सभी फलों और सब्जियों को इसके दायरे में लाया जाएगा | अब तक कहां कहां चली किसान रेल –

  1. पहली किसान रेल नासिक के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच 7 अगस्त 2020 को शुरू की गई थी | पहले ये हफ्ते में एक बार चलती है, लेकिन भारी डिमांड को देखते हुए इसे हफ्ते में दो बार चलाया जा रहा है |
  2. दूसरी किसान रेल आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से दिल्ली के आदर्श नगर के लिए चलती है, इसकी शुरुआत 9 सितंबर 2020 को की गई, ये हफ्ते में एक बार चलती है |
  3. तीसरी किसान रेल बैंगलुरू से हजरत निजामुद्दीन के लिए चलती है, ये भी 9 सितंबर को ही शुरू की गई, ये भी हफ्ते में एक दिन ही चलती है |
  4. चौथी किसान रेल नागपुर और वरुण ऑरेंज सिटी, महाराष्ट्र से आदर्श नगर दिल्ली के लिए चलती है, जो 14 अक्टूबर 2020 को शुरू की गई |

श्री नरेंद्र मोदी जी का यही प्रयास रहता है कि किसानो की तकलीफो को दूर किया जाए जिस तरह कई नेताओ ने अपनी दुकान चमका ली किसानो के हितो की बात करते हुए लेकिन ऐसे नेताओ ने किसानो के हित के लिए कुछ नहीं किया था इतने सालो में किसानो को केवल धोखे में रखा उनका शोषण किया और उनको उनकी फसल का उचित मुआवजा भी नहीं दिया |

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