9.1 C
New Delhi

मुस्लिम नेतृणाम् राम मंदिरे विघटिते बचनम्, भवानपि पश्यानि अस्य धर्मनिर्पेक्षतस्य आन्तरिक रहस्यम् ! मुस्लिम नेताओं के राम मंदिर पर बिगड़े बोल, आप भी देखो इनकी धर्मनिरपेक्षता की पोल !

Date:

Share post:

यदापि कोSस्य पक्षे कार्यम् भवेत् तर्हि अयम् संविधानस्य वार्ताम् गृहित्वा सम्मुखम् आगच्छन्ति, अयम् तर्हि वयं संविधानम् अधिकारम् अददात्, तु यथैव हिन्दू पक्षे कश्चित कार्यम् सुनिश्चितम् भवेत् तर्हि अयम् जनाः संविधानमपि मान्येन निषेधम् कृतवन्तः, न्यायालयमपि मान्येन निषेधम् कृतवन्तः, राम मन्दिरैपि या जनानां इदृषीम् स्थितिम् अस्ति भवानपि अस्य धर्मनिरपेक्षताम् पश्यानि !

जब भी कोई इनके पक्ष में कार्य हो जाये तो यह संविधान की बात लेकर सामने आ जाते हैं, यह तो हमें संविधान ने अधिकार दिए हैं, लेकिन जैसे ही हिन्दू पक्ष में कोई कार्य सुनिश्चित हो जाये तो यह लोग संविधान को भी मानने से इनकार कर देते है, न्यायालय को भी मानने से इनकार कर देते हैं, राम मंदिर पर भी इन लोगों की यही हालत है आप भी इनकी धर्मनिरपेक्षता देखें !

शफीकुर्रहमान बर्क: सपा सांसदम् !

शफीकुर्रहमान बर्क सपा सांसद !

साभार googal

अयोध्यायम् मस्जिदम् आसीत्,मस्जिदम् अस्ति मस्जिदमेव च् रहिष्यति अस्य च् कोपि अवमृज न शक्नोति ! तत्र शिलान्यासम् कृतम्, प्रजातंत्रम् हननम् अस्ति धर्मनिर्पेक्षतस्य हननम् अस्ति ! अस्य प्रजातांत्रिकम् देशे अभ्यांतरम् यत् प्रयोगम् भवति, अस्य प्रयोगे सः कदाचित दृष्टिपातं न अकरोत् तत कदाचित अहम् यत् केचनापि अत्र करोमि, अस्य आधारे करोमि ! साधु अस्ति ! तस्य सरकारं अस्ति, तेन स्व शक्तिसि आधारे पीठम् अधारयत् न्यायालयेनापि स्व समर्थने अकारयत् ! तर्हि विधिसम्मत न्यायम् नास्ति अपितु अस्माकं सह बहु वृहद अन्यायम् अभवम् तु अहम् धैर्येण कार्यम् नयानि ! अद्यापि अहम् अल्लाहे इति विश्वासम् करोमि !

अयोध्या में मस्जिद थी, मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी और इसे कोई मिटा नहीं सकता ! वहां संग-ए बुनियाद रखना, जम्हूरियत का कत्ल करना है और सेक्युलरिज्म का कत्ल करना है ! इस जम्हूरी मुल्क के अंदर जो अमल हो रहा है, इस अमल पर उन्होंने शायद कभी गौर नहीं किया कि शायद हम जो कुछ भी यहां पर कर रहे हैं, इस बुनियाद पर कर रहे हैं ! ठीक है उनकी सरकार है, उन्होंने अपनी ताकत के बल पर संघे बुनियाद रख दी और अदालत से भी अपने फेवर में करा लिया ! तो कानूनी इंसाफ नहीं है बल्कि हमारे साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है लेकिन हमने सब्र से काम लिया ! आज भी हम अल्लाह पर भरोसा करते हैं !

उत्तर प्रदेश भाजपास्य प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी: चित्रपटम् ट्वितरे प्रस्तुतम् कर्त्तुम् अलिखत्, समाज वादी दल तस्य च् सांसदः शफीकुर्रहमान बर्कस्य प्रभु रामेण द्वेषम् अपश्यतम्, यस्मै बाबा साहबस्य नियमस्य कश्चित अर्थम् न, अर्थम् अस्ति तर्हि केवलम् आक्रांताम् बाबरस्य नियमस्य !

उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने वीडियो को ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, समाजवादी पार्टी और उसके सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की प्रभु राम से नफरत देखिए, इनके लिए बाबा साहब के क़ानून का कोई मायने नहीं, मायने है तो सिर्फ आक्रांता बाबर के क़ानून का !

ऑल इंडिया इमाम संघस्य अध्यक्षः साजिद रशीदी: !

ऑल इंडिया इमाम संघ के अध्यक्ष साजिद रशीदी !

साभार ani

इस्लामे मान्यताम् अस्ति तत मस्जिदम् सदैव मस्जिदमेव रहिष्यति ! केचन निर्माणाय च् मस्जिदम् न त्रोटिशक्नोति ! अस्माकं माननम् अस्ति तत बाबरी मस्जिदम् तत्र आसीत् तत् च् सदैव मस्जिदस्य रूपे तत्र स्थाष्यति ! मन्दिरम् पतित्वा मस्जिदस्य निर्माणम् न अभवत् स्म, तु सम्प्रति इदानीं भवशक्नोति तत मस्जिद निर्माणाय मन्दिरम् अपातयन् !

इस्लाम में मान्यता है कि मस्जिद हमेशा मस्जिद ही रहेगी ! कुछ और निर्माण करने के लिए मस्जिद को तोड़ा नहीं जा सकता ! हमारा मानना है कि बाबरी मस्जिद वहां थी और वह हमेशा मस्जिद के रूप में वहां रहेगी ! मंदिर को गिराकर मस्जिद का निर्माण नहीं हुआ था, लेकिन अब ऐसा हो सकता है कि मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को गिराया जाए !

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीनस्य ( ए आई एम आई एम ) प्रमुखम् असदुद्दीन ओवैसी: !

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ( ए आई एम आई एम ) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी !

साभार googal

भारतम् एकम् धर्मनिरपेक्षम् देशम् अस्ति ! राम मन्दिरस्य शिलान्यासम् कृत प्रधानमंत्री: स्व शपथस्य उल्लंघनम् अकरोत् ! अयम् भारतस्य लोकतंत्रस्य धर्मनिरपेक्षतास्य वा पराजयं हिन्दुत्वस्य विजयं अस्ति ! प्रधानमंत्रिस्य कथनम् अस्ति तत सः भावुकम् आसीत् ! अहम् कथनम् इच्छामि ! अहमपि तस्य प्रकारम् भावुकम् अस्मि कुत्रचित अहम् सम नागरिक्तस्य अस्तित्वे विश्वासम् धारयामि ! अहमपि भावुकम् अस्मि कुत्रचित ४५० वर्षेभ्यः तत्र मस्जिदम् आसीत् !

भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है ! राम मंदिर का शिलान्यास कर प्रधानमंत्री ने अपने शपथ का उल्लंघन किया है ! यह भारत के लोकतंत्र एवं धर्मनिरपेक्षता की हार और हिंदुत्व की जीत है ! प्रधानमंत्री का कहना है कि वह भावुक थे ! मैं कहना चाहता हूं कि मैं भी उनकी तरह भावुक हूं क्योंकि मैं समान नागरिकता के अस्तित्व में विश्वास रखता हूं ! मैं भी भावुक हूं क्योंकि 450 सालों से वहां मस्जिद थी !

सर्वोच्च न्यायालयस्य निर्णयस्य उपरांत सरकार मंदिरम् निर्माणस्य दिशायाम् अग्रे अबर्धयत् ! मुस्लिम समाजम् न्यायालयस्य इदानीं निर्णयम् स्वीकृतवन्तः, यस्य भूमिपूजनम् पी एम मोदी: विधि विधानेन अकरोत्, तु शफीकुर्रहमान:, असदुद्दीन ओवैसी: साजिद रशीदी: वा यथा नेतृ मस्जिद प्रकरणम् एकदा पुनः प्रोत्साहयस्य प्रयत्नम् कुर्वन्ति ! अयम् तस्य धर्मनिरपेक्षतास्य प्रमाणम् अस्ति !

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार मंदिर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ी है ! मुस्लिम समाज ने कोर्ट के इस फैसले को स्वीकार किया है जिसका भूमि पूजन पी एम मोदी ने विधि विधान से किया है,लेकिन शफीकुर्रहमान, असदुद्दीन ओवैसी एवं साजिद रशीदी जैसे नेता मस्जिद मामले को एक बार फिर हवा देने की कोशिश कर रहे हैं ! यह इनकी धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण है !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

The Unlikely Game-Changer: How Devendra Fadanvis Outmaneuvered Thackeray and Sharad Pawar in Maharashtra’s Nagar Nigam Elections

In a stunning turn of events, the recent Nagar Nigam (Municipal Corporation) election results in Maharashtra have left...

USA’s Aggressive Talks on Greenland: A Potential Threat to NATO and European Union Unity

The United States’ recent aggressive talks on Greenland have sparked concerns among European nations and raised questions about...

USA’s Changing Statements about PM Modi: A Miscalculated Step Taken by the Trump Administration

The diplomatic relations between the United States and India have been a subject of interest in recent times,...

WORD OF COMMAND

During our childhood we were enthusiastic about attending the republic day parade on 26th January every year. We...