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ते करिष्यन्ति परमाणुतः प्रहारम्, यत् स्वयम् ऋणस्य जीवनम् जीवन्ति ! वे करेंगे परमाणु से हमला, जो खुद उधार की जिंदगी जीते हैं !

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पकिस्तानस्य रेलवे मंत्री शेख रशीद अहमदः एकदा पुनः भारतेन सह परमाणु युद्धस्य स्वरम् आरम्भयते ! भारतेन सह कलहम् गृहित्वा रशीद: सरलम् प्रकारम् दृढ़तापूर्वकम् कथ्यते तत पकिस्तानम् स्व अस्त्रम् उद्यतम् धार्यते यदि च् भारत प्रहारम् करोति तर्हि पारम्परिकम् युद्धम् न भविष्यति, सरलम् परमाणु प्रहारम् भविष्यति, यस्मिन् असम एवं लक्ष्यम् कृत शक्नोति ! इदम् प्रथमदा नास्ति यदा रशीद: इदृषिम् बचनम् अददात् !

पाकिस्तान के रेलवे मंत्री शेख रशीद अहमद ने एक बार फिर भारत के साथ परमाणु जंग का राग छेड़ दिया है ! भारत के साथ तनाव को लेकर रशीद ने सीधे-सीधे दावा किया है कि पाकिस्तान ने अपना हथियार तैयार रखा है और अगर भारत हमला करता है तो पारंपरिक युद्ध नहीं होगा, सीधे परमाणु हमला होगा, जिसमें असम तक को निशाना बनाया जा सकता है ! ऐसा पहली बार नहीं है जब रशीद ने ऐसा बयान दिया है !

एकम् टीवी चैनलम् अददात् साक्षात्कारस्य कालम् वैश्विक राजनीतिस्य समीकरणेषु वार्ताम् कर्तुम् रशीद: अकथयत् तत अद्य चिन अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया,कनाडा ब्रिटेनस्य च् विरुद्धम् अतिष्ठत् यद्यपि स्व नव मित्राणि नयपाल, श्रीलंका, ईरान रूसेन सह च् नव पूर्ण खण्डम् निर्मयति ! इदृशे पकिस्तानम् चिनेन सह तिष्ठनीय !

एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान वैश्विक राजनीति के समीकरणों पर बात करते हुए रशीद ने कहा कि आज चीन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन के खिलाफ खड़ा है जबकि अपने नए दोस्तों नेपाल, श्रीलंका, ईरान और रूस के साथ नया ब्लॉक बना रहा है ! ऐसे में पाकिस्तान को चीन के साथ खड़ा होना चाहिए !

कदा पकिस्ताने भारतम् प्रहारम् अकरोत् तर्हि रीति अनुसार युद्धस्य कश्चित स्थानम् न भविष्यति ! इदम् रक्तयुक्त अंतिम युद्धम् च् भविष्यति परमाणु युद्धम् च् भविष्यति ! अस्माकम् अस्त्रम् उपयुक्तम्, लघुम्, सटीकम् लक्ष्ये च् अस्ति ! असमेव लक्ष्यम् कृत शक्नोति ! पकिस्तानस्य पार्श्व रीति अनुसारम् युद्धस्य स्थानम् न्यूनम् अस्ति !

कभी पाकिस्तान पर भारत ने हमला किया तो कन्वेन्शन वॉर की कोई गुंजाइश नहीं होगी ! यह खूनी और आखिरी जंग होगी और ऐटमी जंग होगी ! हमारा हथियार कैलकुलेटेड, छोटा, परफेक्ट और निशाने पर है ! असम तक टार्गेट कर सकता है ! पाकिस्तान के पास कन्वेन्शन जंग की गुंजाइश कम है !

पूर्व वर्षमपि रशीद: अकथयत् स्म, १२६ दिवसम् आन्दोलने समिल्लित: आसन्, तम् कालम् देशस्य स्थितिम् सीमाम् प्रकरणम् च् इदृशी न आसीत् ! इदम् गम्भीर भर्तस्कः अस्ति इति देशम् इदम् युद्धम् च् भयंकरम् भव शक्नोति ! यत् बुद्धिहीनम् इदम् मान्यन्ति, तत ४ – ६ टैंक, नलिकनि चलिष्यन्ति वायुयानम् वा आकाशात् प्रहारम् भविष्यन्ति जलसेनास्य गोलकम् वा चलिष्यन्ति…किमपि न मार्गम् ! इदम् परमाणु युद्धम् भविष्यति ! इदम् वास्तविकम् परमाणु युद्धम् भविष्यति ! येन प्रकारस्य च् आवश्यक्ताम् भविष्यति तेन प्रकारस्य अस्त्राणि प्रयोगम् करिष्यन्ति !

पिछले साल भी रशीद ने कहा था, 126 दिन धरने में शामिल था, उस वक्त मुल्क के हालात और सरहदी मामलात ऐसे नहीं थे ! यह गम्भीर धमकी है इस मुल्क को और ये जंग खौफनाक हो सकती है ! जो अक्ल के अंधे ये समझ रहे हैं, कि 4-6 दिन टैंक, तोपें चलेंगी या हवाई जहाज, एयर अटैक होंगे या नेवी के गोले चलेंगे… नो वे ! दिस विल बी ऐटॉमिक वॉर ! दिस विल बी अ क्लियर कट ऐटॉमिक वॉर ! और जिस तरह की जरूरत होगी उस तरह का असलहा इस्तेमाल करेंगे !

केचन सप्ताह पूर्वम् सह भारतम् भर्तस्कः दातुम् इदमेव अकथयत् स्म तत पकिस्तानस्य पार्श्व १२५ ल्वम् २५० ल्वमस्य अपि च् परमाणु अस्त्रम् सन्ति यत् कश्चित् विशेष लक्ष्य भेदनम् कृत शक्नोति ! इति बचनाय सोशल मीडिये तस्य दीप स्तम्भमपि उड्डयत् स्म !

कुछ हफ्ते पहले उन्होंने भारत को धमकी देते हुए यह तक कहा था कि पाकिस्तान के पास सवा सौ ग्राम और ढाई सौ ग्राम के भी परमाणु बम हैं जो किसी खास टारगेट पर मार कर सकते हैं ! इस बयान के लिए सोशल मीडिया पर उनकी खिल्ली भी उड़ी थी !

पी एम मोदिस्य विपक्षम् बदतुम् अस्पर्शत् स्म विद्युत प्रवाहम् !

PM मोदी के खिलाफ बोलते हुए लगा था करंट !

पूर्व वर्षम् भारते तस्य बहु दीप स्तम्भम् तदा अक्रियते स्म यदा एकम् सभास्य कालम् बदतुम् तम् सूक्ष्म दूरभाषात् विद्युतस्य विद्युत प्रवाहम्स्पर्शत् स्म ! वस्तुतः अस्य कालम् सह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदिस्य नामम् कथ्यति स्म ! अस्य उपरांत सः हास्यास्पदम् बचनम् अददात् स्म तत तम् विद्युत प्रवाह स्पर्शस्य पश्च भारतस्य हस्तम् अस्ति !

पिछले साल भारत में उनका काफी मजाक तब बन गया था जब एक जलसे के दौरान बोलते हुए उनको माइक से बिजली का करंट लग गया था ! दरअसल, इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम ले रहे थे ! इसके बाद उन्होंने हास्यास्पद बयान दिया था कि उन्हें करंट लगने के पीछे भारत का हाथ है !

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