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देशस्य त्र्योदशानि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जीस्य निधनम्, आगतः ज्ञायन्ति तस्य जीवन वृतांतम् ! देश के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, आइये जानते हैं उनका जीवन वृतांत !

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देशस्य पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जीस्य निधनम् अभवत् ! तस्य पुत्रम् अभिजीत मुखर्जी: ट्वित कृत अस्य ज्ञानम् अददात् ! अभिजीतः अलिखत् दुःख पूर्ण हृदयेन सह भवतः अयम् ज्ञापितम् तत मम पिता श्री प्रणब मुखर्जीस्य आर आर चिकित्सालयस्य भिषकानां सर्वोत्तम प्रयत्नानि सम्पूर्ण भारतस्य जनानां प्रार्थनानि, आशीर्वादानां यद्यपि निधनम् अभवत् ! अहम् भवान् सर्वेषां धन्यवादम् ज्ञापयामि !

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है ! उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी ! अभिजीत ने लिखा भारी मन के साथ आपको यह सूचित करना है कि मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी का आर आर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और भारत भर के लोगों की प्रार्थनाओं, दुआओं के बावजूद भी निधन हो गया है ! मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ !

सर्कारम् पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जीस्य निधने सप्त दिवसस्य राजकीय शोकस्य घोषणाम् कृतमस्ति ! राजकीय शोकस्य कालम् सम्पूर्ण देशे सरकारी भवनेषु त्रिवर्णम् अर्धनमत् रहिष्यति किमपि सरकारी कार्यक्रमम् न भविष्यति ! तस्य निधनेन पीएम मोदीम् बहु कष्टम् अभवत् सः च् ट्वितस्य माध्यमेन व्यक्तमपि अकरोत् प्रणब मुखर्जेन सह केचन पुरातन चित्राणि अपि प्रसारित कृतमस्ति !

सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है ! राजकीय शोक के दौरान देश भर में सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा और कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा ! उनके निधन से पीएम मोदी को बहुत दुःख हुआ है, और उन्होंने इसे ट्वीट के माध्यम से व्यक्त भी किया है और प्रणब मुखर्जी के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें भी शेयर की हैं !

आगतः ज्ञायन्ति तस्य जीवन वृत्तम् !

आइये जानते हैं उनका जीवन वृत्त !

प्रणब मुखर्जीस्य जन्म ११ दिसम्बर १९३५ तमम् पश्चिम बंगस्य बीरभूम जनपदस्य मिराटे अभवत् स्म ! सः छात्र जीवने परास्नातक, विधि, डी लिट् इत्यस्य उपाधि प्राप्यत् ! सः स्व शिक्षाम् विद्यासागर विद्यालय सूरी, कलकत्ता विश्वविद्यालयम् पश्चिम बङ्गेन पूर्ण अकरोत् !

प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराटी में हुआ था ! उन्होंने छात्र जीवन में इतिहास में एमए, राजनीतिक विज्ञान में एमए, एलएलबी, डी लिट की उपाधि हासिल की ! उन्होंने अपनी शिक्षा विद्यासागर कॉलेज सूरी, कलकत्ता यूनिवर्सिटी पश्चिम बंगाल से पूरी की !

तस्य भार्या नाम सुवरा मुखर्जी अस्ति ! तस्य पितु नाम किंकर मुखोपाध्याय सरानी: अस्ति मातु नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी च् अस्ति ! तस्य पितु एकम् स्वतंत्रता सेनानिम् आसीत् भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसस्य सक्रिय सदस्यम् आसीत् !

उनकी पत्नी का नाम सुवरा मुखर्जी है ! उनके दो बेटे और एक बेटी है ! उनके पिता का नाम किंकर मुखोपाध्याय सरानी है और माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी है ! उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे और इंडियन नेशनल कांग्रेस के सक्रिय सदस्य थे !

तस्य जाया कथक नृत्यांगना अस्ति यद्यपि दीर्घ पुत्र अभिजीत मुखर्जी: जंगीपूरेन कांग्रेस सांसदम् अस्ति ! राजनीते आगमनेन पूर्वम् सः स्थानीय वार्ता पत्रे पत्रकारस्य कार्यम् करोति स्म ! अस्य अतिरिक्तम् १९६३ तमस्य कालम् सः विद्यासागर विद्यालये राजनीति विज्ञानस्य शिक्षकमपि अरहत् !

उनकी बेटी कथक डांसर है जबकि बड़े बेटे अभिजीत मुखर्जी जंगीपुर से कांग्रेस सांसद हैं ! राजनीति में आने से पहले वे स्थानीय अखबार में पत्रकार का काम करते थे इसके अलावा 1963 के दौरान वे विद्यासागर कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक भी रहे !

१९६९ तमस्य मिदनापुर उपनिर्वाचन कालम् निर्दलीय प्रत्याशी वी के कृष्णा मेननाय विज्ञापनम् करोति स्म ! तम् कालम् तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तस्मिन् राजनीतिम् प्रति उत्साहम् हौसलाम् च् अपश्यत् तर्हि सः कांग्रेस दलस्य सदस्य निर्माय आमांत्रितम् अकरोत् ! अत्रेण तस्य राजनीते पदार्पणम् अभवत् ! १९६९ तमे सः राज्यसभास्य सदस्यम् अनिर्मयत् !

1969 के मिदनापुर उपचुनाव के दौरान निर्दलीय कैंडिडेट वी के कृष्णा मेनन के लिए कैंपेनिंग कर रहे थे ! उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनमें राजनीति के प्रति जोश और जज्बा देखा तो उन्हें कांग्रेस पार्टी का सदस्य बनने के लिए आमंत्रित किया ! यहीं से उनका राजनीति में पदार्पण हो गया ! 1969 में वे राज्यसभा के सदस्य बनाए गए !

प्रणब मुखर्जी भारतस्य त्र्योदशानि राष्ट्रपतिम् अरहत् ! षड दशकेव सः स्व राजनैतिक यात्राया: कालम् सः वित्त मंत्रालयेन गृहित्वा राज्यसभा सदस्य बहु वा महत्वपूर्ण पदेषु स्थित्वा स्व जिम्मेवारिम् अनिर्वहत् !

प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे ! 6 दशक तक उन्होंने अपनी राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने वित्त मंत्रालय से लेकर राज्य सभा सदस्य व कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई !

सः २०११ तमात् २०१२ तमेव आई एम एफ विश्व बैंके च् २४ देशानां समूहस्य अधिकारिम् अरहत् ! अस्य अतिरिक्त सः मई १९९५ तः नवम्बर १९९५ तमेव साउथ एशियन एसोसिएशन फार रीजनल कोऑपरेशन (सार्क) इत्यस्य अधिकारिम् अरहत् !

वे 2011 से 2012 तक आई एम एफ और वर्ल्ड बैंक में 24 देशों के समूह के चेयरमैन रहे ! इसके अलावा वे मई 1995 से नवंबर 1995 तक साउथ एशियन एसोसिएशन फार रीजनल कोऑपरेशन (सार्क) के चेयरमैन रहे !

१९८२ तमात् १९८४ तमेव सः प्रथमदा कैबिनेट मंत्रिस्य रूपे वित्त मंत्रालयस्य कार्यभारम् गृहीतवान ! १९८४ तमे इंदिरा गांध्या: निधनस्य उपरांत सः राजीव गांधीस्य प्रतिद्वंदीस्य रूपे उत्पादित्वान ! इदम् तत् कालम् आसीत् यदा सः स्व एकम् नव दलम् अनिर्मयत् यत् उपरांते १९८९ तमे कांग्रेसे समाहितम् !

1982 से 1984 तक उन्होंने पहली बार कैबिनेट मंत्री के तौर पर वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाला ! 1984 में इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद वे राजीव गांधी के प्रतिद्वंदी के तौर पर उभरे ! यही वह समय था जब उन्होंने राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी नामक अपनी एक नई पार्टी बनाई जो बाद में 1989 में कांग्रेस में मिल गई !

सः एकम् पत्रिकेन १९८४ तमे विश्वस्य बहु साधु वित्त मंत्रिस्य सम्मानम् प्राप्यत् स्म ! सः १९९७ तमे बहु साधु संसद सदस्यस्यापि परितोषिकम् प्राप्यत् स्म ! २००८ तमे सः पद्म विभूषणात् सम्मानित कृतवान ! २०१० तमे आई एम एफ विश्व बैंकम् च् सः फायनांस मिनिस्टर ऑफ द ईयर फॉर एशियास्य परितोषिकम् प्रदत्तवान स्म ! २०१० तमेव बैंकर अपि सः फायनांस मिनिस्टर ऑफ द ईयर इत्येन सम्मानित अकरोत् स्म !

उन्हें एक मैग्जीन के जरिए 1984 में वर्ल्ड के बेस्ट फायनांस मिनिस्टर का सम्मान मिला था ! उन्हें 1997 में बेस्ट पार्लियामेंटेरियन का भी अवॉर्ड मिला था ! 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया ! 2010 में आई एम एफ और वर्ल्ड बैंक ने उन्हें फायनांस मिनिस्टर ऑफ द ईयर फॉर एशिया का अवॉर्ड दिया था ! 2010 में ही बैंकर ने भी उन्हें फायनांस मिनिस्टर ऑफ द ईयर से सम्मानित किया था !

सः १९६९ तमे मिड-टर्म पोल, १९८४ तमे बियॉन्ड सर्वाइवल-इमर्जिंग डाइमेंशन्स ऑफ इंडियन इकॉनमी, १९८७ तमे ऑफ द ट्रैक, १९९२ तमे चैलेंजेस बिफोर द नेशन,सागा ऑफ स्ट्रगल एंड सैक्रिफाइज च् नामकानि पुस्तकानि अपि अलिखत् !

उन्होंने 1969 में मिड-टर्म पोल, 1984 में बियॉन्ड सर्वाइवल-इमर्जिंग डाइमेंशन्स ऑफ इंडियन इकॉनमी, 1987 में ऑफ द ट्रैक, 1992 में चैलेंजेस बिफोर द नेशन और सागा ऑफ स्ट्रगल एंड सैक्रिफाइज नामक पुस्तकें भी लिखी !

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