20.1 C
New Delhi

रविशंकर प्रसादस्य वृहद कथनं,मोबाइल इति निर्माणे सम्प्रति चिनम् पश्चम् त्यागिष्यते !रविशंकर प्रसाद का बड़ा बयान,मोबाइल निर्माण में अब चीन को पीछे छोड़ देंगे !

Date:

Share post:

केंद्रीय विधिमंत्री रविशंकर प्रसाद: सोमवासरं अकथयत् तत भारतम् मोबाइल इत्यस्य निर्माणं विश्वस्य द्वितीय सर्वात् वृहद देशम् अनिर्मयते ! सम्प्रति भारतस्य लक्ष्यं इति क्षेत्रे चिनं पश्च त्यागनमस्ति !

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि भारत मोबाइल का निर्माण करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अब भारत का लक्ष्य इस क्षेत्र में चीन को पीछे छोड़ना है।

वीडियो कांफ्रेंस इत्येन फिक्की इत्यस्य त्रिनवति वार्षिक साधारण सभाम् सम्बोधित: केंद्रीयमंत्री: अकथयत् वर्ष २०१४ तमे यदा वयं सत्तायाम् अगच्छन् स्म तर्हि भारते मोबाइल इति निर्माणस्य केवलं द्वय यंत्रशालायो आसन् !

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए फिक्की के 93वें वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा साल 2014 में जब हम सत्ता में आए थे तो भारत में मोबाइल निर्माण की केवल दो फैक्टरियां थीं।

सम्प्रति देशे २६० इत्यातधिकम् मोबाइल इति निर्माण यंत्रशालानि सन्ति ! सम्प्रति भारत मोबाइल फोन इत्यस्य निर्माणं कृतं विश्वस्य द्वितीय सर्वात् वृहद देशम् अनिर्मयते !

अब देश में 260 से ज्यादा मोबाइल निर्माण फैक्टरियां हैं। अब भारत मोबाइल फोन का निर्माण करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है !

रविशंकर प्रसाद: अकथयत् सम्प्रति भारतस्य अग्रिम लक्षयस्य प्रति ज्ञापयतु ! भारतस्य अग्रिम लक्ष्यं मोबाइल इति निर्माणे चिनं पश्च त्यागनमस्ति ! येन अहम् बहु स्पष्ट शब्देषु कथयतु !

रविशंकर प्रसाद ने कहा अब भारत के अगले लक्ष्य के बारे में बता रहा हूँ। भारत का अगला लक्ष्य मोबाइल निर्माण में चीन को पीछे छोड़ना है। इसे मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कह रहा हूँ !

लिवरेजिंग आईसीटी फॉर इकानॉमिक रिवाइवल इन पोस्ट कोविड १९ इति शीर्षकेण आयोजित कार्यक्रमं सम्बोधित: विधिमंत्री: अकथयत् तत पूर्व पंचार्द्ध वर्षेषु सहस्राणि सरकारी योजनाभिः लगभगम् १३००००० कोटि रूप्यकानि निर्धनानां खाताषु स्थान्तरितं अक्रियेत् !

लिवरेजिंग आईसीटी फॉर इकॉनामिक रिवाइवल इन पोस्ट कोविड 19 शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े पांच वर्षों में सैकड़ों सरकारी योजनाओं के जरिए करीब 13,00,000 करोड़ रुपए गरीबों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं !

सः अकथयत् इयम् धनम् निर्धनानां खातानि, मनरेगा भुगतान,गैस कनेक्शन सब्सिडी इति फूड सब्सिडी इत्यस्य च् रूपे गतवान ! भारतस्य जनसंख्या १.३ अर्बुदातधिकमस्ति ! अत्र १.२ अर्बुद आधार कार्ड इति सन्ति !

उन्होंने कहा ये रकम गरीबों के खाते, मनरेगा भुगतान, गैस कनेक्शन सब्सिडी और फूड सब्सिडी के रूप में गई है। भारत की आबादी 1.3 अरब से ज्यादा है। यहां 1.2 अरब मोबाइल फोन और 1.26 अरब आधार कार्ड हैं।

अस्येन वयं आपूर्तियाः एकम् व्यवस्थां अनिर्मयन् ! डिजिटल इंडिया इति अभियानेन प्राप्तम् लाभम् प्रति प्रसाद: अकथयत् वयं यत् डिजिटल इंडिया इत्यस्य समावेशी स्वरूपम् अनिर्मयन् तस्य लाभम् बिना कश्चित मध्यस्थतायाः माध्यमेन साधारण जनानि एव प्राप्तम् सन्ति !

इनके जरिए हमने आपूर्ति की एक व्यवस्था बनाई है ! डिजिटल इंडिया अभियान से पहुंचे लाभ के बारे में प्रसाद ने कहा हमने जो डिजिटल इंडिया का समावेशी मॉडल बनाया है उसका लाभ बिना किसी बिचौलिए के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचा है !

केंद्रीय मंत्री: अकथयत् तत कोरोना इति संकटम् अस्माकं समक्षम् एकम् वृहद चिनोति प्रस्तुत कृतं ! इति चिनोतिया पाराय वयं वर्क फ्रॉम होम इत्यस्य विचारेण सह आगतवान !

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट ने हमारे समक्ष एक बड़ी चुनौती पेश की। इस चुनौती से निपटने के लिए हम वर्क फ्रॉम होम के आइडिया के साथ आए।

इति कार्यशैलीयाः स्व पीड़ानि अवश्यक्तानि च् आसीत् तु वयं इत्यात् संलग्नं पीड़ानि द्रुतम् कृतवान ! अद्य आईटी सेक्टर इत्यस्य ८५ प्रतिशतम् अंशम् गृहेण कार्यम् कुर्वन्ति !

इस कार्यशैली की अपनी समस्याएं एवं जरूरतें थीं लेकिन हमने इससे जुड़ी परेशानियों को दूर किया। आज आईटी सेक्टर का 85 प्रतिशत हिस्सा घर से काम कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

The Asymmetric Advantage: How Iran Maintains Strategic Leverage in the Middle East

In the traditional calculus of military power, the United States and its allies—including Israel and the Gulf monarchies—possess...

Navigating the Geopolitical Storm: How the Indian Government is Mitigating Risks from Iran-USA Tensions

The perennial volatility between the United States and Iran presents one of the most complex diplomatic challenges for...

The Global Butterfly Effect: The Multi-Dimensional Impact of an Iran-USA-Israel War

The prospect of a full-scale direct war between Iran, the United States, and Israel is no longer a...

Calculated Brinkmanship or Strategic Blunder? Analyzing the Risks of the Netanyahu-Trump Approach to Iran

The geopolitical landscape of the Middle East has shifted from a decades-long “shadow war” into a direct, kinetic...