34 C
New Delhi

मोदी सर्कारस्य आदेशम्,सेनाषु अपि प्रापिष्यन्ति महिला: स्थानम् ! मोदी सरकार का फरमान,सेना में भी मिलेगा महिलाओं को स्थान !

Date:

Share post:

एकः कवि: अकथयत् :-
नरात् नारी श्रेष्ठम् अस्ति,चत्वारि युगम् अयम् प्रमाणम्!
केवलम् तुलसी: त्यागत्वा,प्रत्येकम् कवि: कृत वर्णनम् !!
प्रत्येक कवि: कृत वर्णनम्,चित्तम् सुखम् न अगच्छत्!
न नार्या: नरः मनसि,अत्र तत्र बहूनि अभ्रमण्यत् !!

एक कवि ने कहा है :-
नर से नारी श्रेष्ठ है,चारो युग यह प्रमाण !
केवल तुलसी छोड़कर,हर कवि करी बखान!!
हर कवि करी बखान,चित्त को चैन न आवे!
बिन नारी नर मन को,इत उत खूबै भरमावै !!

भारतीय सेनाषु महिला: आधिकारिणाम् गृहीत्वा वृहद प्रसन्नवर्तासि सम्मुख आगतवन्तः,सरकार: सेनाषु महिला: अधिकारण्याय स्थायी सेवासि आदेशम् प्रहस्यतः ! भारतीय सेना: अधिकार्या: स्थायी सेवा ददाय आदेशम् प्रहस्यतः !

भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है, सरकार ने सेना में महिला अधिकारियों के लिये स्थायी कमीशन का आदेश जारी कर दिया है ! भारतीय सेना ने कहा कि सरकार ने सुरक्षा बल में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिये आदेश जारी कर दिया है !

सेनासि प्रवक्ता कर्नल अमन आनन्दः अकथयत् तत् सरकार्य: आदेशेन सेने वृहद भूमिकेषु महिला अधिकार्या: भाग्यदार्यस्य राह आसानम् अभवत् ! तेषां अकथयत्,अयम् आदेशम् भारतीय सेनाया: सर्वे १० अंगेषु शॉर्ट सर्विस सेवा महिला अधिकार्या: स्थायी सेवा दात्तु निर्देश ददाति ! कर्नल आनन्दः अकथयत् येन १० अंगेषु महिला अधिकारण्याय स्थायी सेवा उप्लब्धम् स्थाष्यति,तेषु सैन्य वायू रक्षा, सिग्नल, इंजीनियर, सैन्य विमानन, इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल वा इंजीनियर, सैन्य सेवा कोर, खुफिया कोर मिश्रितः सन्ति!

सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि सरकारी आदेश से सेना में बड़ी भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है ! उन्होंने कहा,यह आदेश भारतीय सेना के सभी 10 अंगों में शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्देश देता है ! कर्नल आनंद ने कहा कि जिन दस अंगों में महिला अधिकारियों के लिये स्थायी कमीशन उपलब्ध रहेगा उनमें, सैन्य वायु रक्षा, सिग्नल, इंजीनियर, सैन्य विमानन, इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिकल इंजीनियर, सैन्य सेवा कोर और खुफिया कोर शामिल हैं !

बहु दिवसेषेव भवति स्म सीमन्त: !

बहुत दिनों से हो रही थी मांग !

वर्तमाने उप्लब्धम् सेनाषु न्यायाधीश महाधिवक्ता च् तथैव सैन्य शिक्षा कोरेषु सेवायाः अतरिक्त उक्त व्यवस्थाम् भविष्यन्ति ! तथापि सेनाषु शॉर्ट सर्विस सेवासि सेवा अददात् पुरुष सैनिकानामेव स्थायी सेवासि विकल्पम् मिलति स्म, परन्तु महिलायाः इयम् अधिकारम् न आसीत् !

वर्तमान में उपलब्ध सेना में न्यायाधीश और महाधिवक्ता तथा सैन्य शिक्षा कोर में कमीशन के अलावा उक्त व्यवस्था होगी ! अभी तक आर्मी में शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे चुके पुरुष सैनिकों को ही स्थायी कमीशन का विकल्प मिल रहा था, लेकिन महिलाओं को यह हक नहीं था !

सेनाषु महिला आधिकार्या: स्थायी सेवासि स्थितस्य सीमन्त: बहु कालेन करोतीति स्म, प्रकरणम् सर्वोच्च न्यायालयमपि गतवन्तु सर्वोच्च न्यायालयम् च् अस्य प्रकरणेषु गृहीत्वा केंद्र सर्कारस्य निन्दतु स्म, सर्वोच्च न्यायालयम् सर्कारस्य त्रयमासस्य समयम् ददातु स्म, सर्वोच्च न्यायालयम् अस्य वर्षम् फरवरी मासे महिलाया: स्थायी सेवा दत्तुम् आदेशम् शृणोतु स्म !

सेना में महिला अफसरों को स्थायी कमीशन पर रखने की मांग काफी वक्त से की जा रही थी, मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया और शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार को लताड़ लगाई थी, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तीन महीने का मौका दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में महिलाओं के पर्मानेंट कमिशन देने का फैसला सुनाया था !

सर्वोच्च न्यायालयस्य आदेशस्य उपरांत सम्प्रति सेनासि महिलया: पुरुष अधिकारण्येन समकक्षस्य अधिकारम् अमिलत्, येन सम्प्रति रक्षा मंत्रालय सहमतिम् प्राप्यतु तत्रैव वायुसेना नौसेनासि महिला आधिकार्या: पूर्वातैव स्थायी सेवा प्राप्यति !

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सेना में महिलाओं को पुरुष अफसरों से बराबरी का अधिकार मिला, जिसे अब रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिली है वहीं एयरफोर्स और नौसेना में महिला अफसरों को पहले से ही स्थायी कमीशन मिल रहा है !

साभार bccl 2020

द्रुते भविष्यति भेदभावम् !

भेदभाव होंगे दूर !

सर्वोच्च न्यायालयम् अकथयत् स्म तत् सर्वे नागरिकानां अवसरस्य समकक्षता, लैंगिक न्यायस्य सिद्धांत सेनासि महिलायाः भाग्यदार्यस्य मार्गदर्शनम् करिष्यति ! वस्तुतः सर्वोच्च न्यायालयमपि युद्ध अभियानेभ्यः महिला अधिकारी: स्थायी नियुक्तिस्य आज्ञाम् न ददातु स्म ! तथापि शॉर्ट सर्विस सेवासि कारणेन महिला: सेनासि १४ यावतस्य कार्यम् कृत शक्नोति स्म !

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी नागरिकों को अवसर की समानता, लैंगिक न्याय का सिद्धांत सेना में महिलाओं की भागीदारी का मार्गदर्शन करेगा ! हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी युद्ध अभियानों के लिए महिला अफसरों को स्थाई नियुक्ति की इजाजत नहीं दी थी ! अभी तक शॉर्ट सर्विस कमीशन की वजह से महिलाएं सेना में 14 वर्ष तक की काम कर पाती थीं !

केचन महिला अधिकारी: एक्सटेंशन मिलतु स्म तु तस्या: अपि स्थायी सेवा न ददातु स्म! अस्य प्रकरणे २०१० तमैव दिल्ली उच्च न्यायालयम् आदेशम् ददातु स्म तत् शॉर्ट सर्विस सेवासि माध्यमम् सेनेषु भर्तीम् अभवत् महिलाः अपि पुरुषस्य प्रकारम् स्थायी सेवासि स्वत्वम् सन्ति !

कुछ महिला अधिकारियों को एक्सटेंशन मिला था लेकिन उन्हें भी स्थायी कमीशन नहीं दिया गया था ! इस मामले में 2010 में ही दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि शार्ट सर्विस कमीशन के जरिए सेना में भर्ती हुई महिलाएं भी पुरुषों की तरह स्थायी कमीशन की हकदार हैं !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

How India’s BrahMos Became One of the World’s Most Potent Strike Weapons

India’s BrahMos supersonic cruise missile has emerged as one of the most formidable weapons in the country’s conventional...

From Import Dependence to Defence Exporter: How India Transformed Its Defence Manufacturing Capabilities in a Decade

Over the past decade, India’s defence sector has undergone a structural transformation. A country historically dependent on overseas...

How Well Did India Organize the 2026 BRICS Summit, and What Were Its Key Outcomes?

India successfully hosted the 18th BRICS Summit in New Delhi on September 12–13, 2026, at a particularly difficult...

Why and How “Hanuman Ansh” Became a New Cultural Phenomenon in India: Faith, Youth, Social Media and the Return of Spiritual Storytelling

Introduction: A ₹10-Lakh Opening That Became a Cultural Conversation Every once in a while, a film succeeds in a...