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सम्प्रति मर्यादा पुरषोत्तम श्रीराम विमानपत्तनम् नामेण ज्ञाष्यते अयोध्या विमानपत्तनम् ! अब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट नाम से जाना जाएगा अयोध्या एयरपोर्ट !

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उत्तर प्रदेश कैबिनेट सभायाम् अयोध्या स्थितम् विमानपत्तनस्य नाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम महोदयस्य नामे कृतस्य प्रस्तावम् आज्ञाम् दत्तवान,भविष्ये इत्येन अंतरराष्ट्रीय स्तरस्य स्थानम् दाष्यते ! अस्याय विमानपत्तनस्य क्षेत्रम् बर्धस्य प्रस्तावमस्ति निर्माणमपि च् अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तनस्य स्तरस्य निर्मितम् क्रियते !

उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में अयोध्या स्थित एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी,भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिया जाएगा ! इसके लिए एयरपोर्ट के दायरे बढ़ाने का प्रस्ताव है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्तर का तैयार किया जा रहा है !

प्रदेशस्य योगी सरकार मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम विमानपत्तनम् विश्वस्तरीय सुविधाभिः युक्तम् करिष्यति ! अयोध्यायाम् मंदिर निर्माणस्य उपरांत न केवलं भारतेन अपितु सम्पूर्ण विश्वात् जनः आगमिष्यन्ति,इदृशेषु अयोध्यायाः विमानपत्तनम् अत्याधुनिक तकनीकेन निर्मिष्यते !

प्रदेश की योगी सरकार मर्यादा पुरुषोत्‍तम श्रीराम एयरपोर्ट को विश्‍वस्‍तरीय सुविधाओं से लैस करेगी ! अयोध्‍या में मंदिर निर्माण के बाद ना केवल भारत से बल्कि दुनियाभर से लोग आएंगे, ऐसे में अयोध्‍या के एयरपोर्ट को हाईटेक तकनीक से बनाया जाएगा !

इति प्रति प्रदेशस्य उपमुख्यमंत्री: केशव प्रसाद मौर्य: ट्वीत कृत ज्ञानम् ददातु कथयतु च् भवतः प्रदेश सरकार श्रीराम ललायाः नगरी अयोध्याम् विश्वस्य धार्मिक स्थलेषु प्रथम स्थान ददाय संकल्पितमस्ति !

इस बारे में प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने ट्वीट कर जानकारी दी और कहा आपकी प्रदेश सरकार श्रीराम लला की नगरी अयोध्या को विश्व के धार्मिक स्थलों में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए संकल्पित है !

नागरिक उड्डयन विभागस्य अनुरूपम् अयोध्यायाम् स्थित विमानपत्तनम् अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तनस्य रूपे विकसितं क्रियते ! प्रथम चरणे अत्र ए ३२१ इति द्वितीय चरणे कोड- ई बी ७७७.३०० इति च् श्रेणीयाः विमानानां संचालनम् प्रारम्भ करिष्यते !

नागरिक उड्डयन विभाग के मुताबिक अयोध्या में स्थित हवाई पट्टी को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया जा रहा है ! पहले चरण में यहां ए 321 और दूसरे चरण में कोड-ई बी 777.300 श्रेणी के विमानों का संचालन शुरू किया जाएगा !

योगी सरकार: अयोध्या स्थित विमानपत्तनम् अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तनस्य रूपे विकसितं कृतं अन्य आवश्यक निर्माण कार्येभ्यः ५२५ कोटि रूप्यकानि स्वीकारम् कृतवान !

योगी सरकार ने अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए 525 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं !

त्रयात् चत्वारि वर्षेषु अयोध्यायाम् श्रीराम जन्मभूमि मन्दिरस्य निर्माण कार्यम् पूर्णम् भविष्यते देशेन विदेशात् च् रामभक्त पर्यटकम् च् मन्दिरस्य दर्शनाय प्राप्यष्यते !

तीन से चार साल में अयोध्‍या में श्रीराम जन्‍मभू‍मि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और देश विदेश से राम भक्‍त और पर्यटक मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचने लगेंगे !

अयम् करणमस्ति तेन पूर्वेण योगी सरकार: अयोध्यायाः हस्तिनापुरम् लक्ष्मणनगरेण च् सम्पर्कम् साधु कृतस्य दिशायाम् कार्यम् करोति ! अयोध्याम् रेलवे स्टेशन बस टर्मिनल च्,इति द्वयो कार्ययो कार्यम् २०१९ तमेव आरम्भयते स्म !

यही वजह है उससे पहले योगी सरकार अयोध्‍या की दिल्‍ली और लखनऊ से कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में काम कर रही है ! अयोध्या रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनल, इन दोनों प्रोजेक्ट पर काम 2019 में ही शुरू हो गया था !

इत्येव न,वायु मार्गात् अयोध्या प्राप्तम् सुगम कृताय अत्र ६०० एकड़ इति भूमौ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम विमानपत्तनस्य निर्माण कार्यमपि आरम्भयते !

इतना ही नहीं, हवाई मार्ग से अयोध्‍या पहुंचने को सुगम बनाने के ल‍िए यहां 600 एकड़ भूमि पर मर्यादा पुरुषोत्‍तम श्रीराम एयरपोर्ट का निर्माण कार्य भी जारी है !

अयोध्यायाम् भगवान रामस्य मंदिर निर्मस्य उपरांत राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय च् श्रद्धालुयाः पर्यटकानां च् बर्ध्यति संख्यायाः दृष्टया प्रदेश सरकारः विमानपत्तन विस्तारस्य योजनां निर्मयते !

अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनने के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट विस्तार की योजना बनाई है !

शासन: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरणमम् अयोध्यायाम् विमानपत्तनम् प्रथम चरणे १८० तः २०० आसनानि वायुयानानां संचालनम् द्वितीय चरणे च् वृहद आकारस्य बोइंग-७७७ वायुयानस्य संचालनस्य योग्य निर्मयस्य आग्रहम् कृतवान !

शासन ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को अयोध्या में हवाई पट्टी को पहले चरण में 180 से 200 सीटर हवाई जहाजों के संचालन और दूसरे चरण में बड़े आकार के बोइंग-777 हवाई जहाज के संचालन के योग्य बनाने का आग्रह किया है !

सूचनायाः अनुरूपम् प्रथम चरणे ए ३२१ विमानानां संचालनाय ४६३.१० एकड़ इति भूम्या: आवश्यक्ताम् भविष्यति ! ईइत्ये रनवे इत्यस्य लम्बकम् ३१२५ मीटर इति चौड़कम् ४५ मीटर इति भविष्यति ! द्वितीय चरणे बोइंग ७७७ इति प्रकारस्य विमानानां संचालनाय १२२.८७ एकड़ इति भूम्या: अतिरिक्त अवश्यक्ताम् भविष्यति !

रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में ए 321 विमानों के संचालन के लिए 463.10 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इस पर रन-वे की लंबाई 3125 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। दूसरे चरण में बोइंग 777 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए 122.87 एकड़ जमीन की अतिरिक्त आवश्यकता होगी !

इत्यस्य रनवे इत्यस्य लम्बकम् ३७५० मीटर चौड़कम् ४५ मीटर इति भविष्यति ! विमानपत्तनस्य संचालनेन सुरक्षाया च् संलग्नम् कर्मिकानां आवासीय क्षेत्रायापि विमानपत्तनस्य आर्श्वपार्श्व १५ एकड़ भूम्या: अवश्यक्ताम् व्यक्तयते !

इसके रन-वे की लंबाई 3750 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के आवासीय क्षेत्र के लिए भी एयरपोर्ट के आसपास 15 एकड़ भूमि की आवश्यकता जताई गई है !

इति प्रकार विमानपत्तनाय सम्पूर्ण ६०० एकड़ भूम्या: अवश्यक्ताम् भविष्यति ! सर्कारस्य प्रयासमस्ति तत कुशीनगरस्य प्रकारम् अयोध्या विमानपत्तनमपि संचालन आरम्भेण पूर्वम् अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तनस्य नाम इति प्राप्यते !

इस प्रकार एयरपोर्ट के लिए कुल 600 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी ! सरकार का प्रयास है कि कुशीनगर की तरह अयोध्या एयरपोर्ट को भी संचालन शुरू होने से पहले अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा मिल जाए !

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