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राष्ट्रकवि दिनकर की जन्मस्थली बेगूसराय में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग

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नई दिल्ली। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मस्थली बेगसूराय(बिहार) में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। मामला अब शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक तक पहुंच गया है। वरिष्ठ समाजसेवी और जनस्वास्थ्य एवं समग्र मानव विकास फाउंडेशन के चेयरमैन अजय कुमार ने दिनकर की 112 वीं जयंती के मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र भेजकर बेगूसराय को केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात देने की मांग की है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक को लिखे पत्र में अजय कुमार ने कहा है कि 23 सितंबर को राष्ट्रकवि दिनकर की 112वीं जयंती है। लेकिन उनकी जन्मस्थली बेगूसराय में आज तक एक विश्वविद्यालय भी नहीं खुल सका, जिससे यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए 120 किमी दूर दरभंगा विश्वविद्यालय जाना पड़ता है। अजय कुमार ने कहा है कि 35 लाख से भी अधिक आबादी और 1229 गांव, 5 म्युनिसिपल कार्पोरेशन वाले इस जिले के युवाओं को पठन पाठन के लिए विश्वविद्यालय की सुविधा न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विश्वविद्यालय न होने से युवा खासकर महिला छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। स्थानीय युवा काफी समय से यहां एक विश्वविद्यालय की मांग कर रहे हैं।

अजय कुमार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से युवाओं की समस्या के समाधान के लिए बेगूसराय में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने की मांग की है। ताकि जिले के युवाओं को उच्च शिक्षा लेने के लिए बाहर जाने की जरूरत न हो।

दरअसल, अजय कुमार लंबे समय से बेगूसराय के जमीनी मुद्दे उठाते रहे हैं। खास बात है कि स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार का दर्जा दिलाने को लेकर पिछले डेढ़ दशक से वह लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके इस अभियान के समर्थन में 80 से अधिक सांसद भी पत्र लिख चुके हैं। कोरोनकाल में अजय कुमार ने दिल्ली की तर्ज पर बिहार में भी कोरोना मरीजों के लिए 1000 बेड के अस्थाई कोरोना हॉस्पिटल की मांग की थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने बिहार में भी 500-500 बेड के दो अस्पतालों का निर्माण कराया।

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