25.1 C
New Delhi

इमरान खानम् भारतस्य उत्तरम्,का सः स्वयें कार्यवाहिस्य उल्लेखम् करोति स्म ! इमरान खान को भारत का जवाब,क्या वह खुद पर कार्यवाही का जिक्र कर रहे थे ?

Date:

Share post:

पकिस्तानस्य प्रधानमंत्री इमरान खानेन संयुक्त राष्ट्र महासभाया: पंचसप्ततिनि सत्रे कश्मीर प्रकरणम् उत्थातस्य केचन घटकानि उपरांत भारतम् प्रतिनिधिम् टिप्पणिकानां उत्तरम् अददात् ! भारतीय प्रतिनिधिम् मिजितो विनितो: स्व पक्षम् प्रस्तुतवन्तः ! इत्यात् पूर्व इमरान खानस्य सम्बोधने भारतस्य उल्लेखम् आगतवान तदा संयुक्त राष्ट्रे भारतस्य स्थायी मिशनस्य प्रथम सचिव मिजितो विनितो: महासभा कक्षेन बाह्य गच्छते स्म !

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में कश्मीर मुद्दा उठाने के कुछ घंटों बाद भारत ने उनकी टिप्पणियों का जवाब दिया ! भारतीय प्रतिनिधि मिजितो विनितो ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया ! इससे पहले इमरान खान के संबोधन में भारत का जिक्र आया तब संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव मिजितो विनितो महासभा हॉल से बाहर चले गए थे !

उत्तरम् दत्तं भारतम् अकथयत् जम्मू कश्मीरम् च् भारतस्य अभिन्न अविभाज्य च् अंशमस्ति ! केंद्र शासितम् प्रदेश जम्मू कश्मीरे च् निर्दिष्टम् नियम् विधिम् च् भारतस्य सख्त आंतरिक प्रकरणम् सन्ति ! कश्मीरे शेषम् एकमात्र कलहम् कश्मीरस्य तम् अंशै: सम्बन्धितमस्ति यत् यदापि पकिस्तानस्य अनधिकृत अधिपत्ये अस्ति ! अहम् पकिस्तानेन तत् सर्वाणि क्षेत्राणि अवमुक्त कृतस्य आह्वानम् करोमि, यत्र तस्य अनधिकृत अधिपत्यं अस्ति !

जवाब देते हुए भारत ने कहा जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है ! केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में लाए गए नियम और कानून भारत के कड़े आंतरिक मामले हैं ! कश्मीर में बचा एकमात्र विवाद कश्मीर के उस हिस्से से संबंधित है जो अभी भी पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है ! हम पाकिस्तान से उन सभी क्षेत्रों को खाली करने का आह्वान करते हैं, जहां उसका अवैध कब्जा है !

इत्यात् पूर्व इमरान खान: अकथयत् स्म पकिस्तानम् सदैव शांतिपूर्ण समाधानस्य वार्ताम् कृतवान ! अस्याय भारतम् ५ अगस्त २०१९ तमेन पूर्व प्रचलित भवतः उपायानि पुनेन प्रचलित कृतंभविष्यति, स्व सैन्य घेराबन्दीम् जम्मू च् कश्मीरे च् अन्य मानव अधिकारानां उल्लंघनस्य अंतम् कृतंभविष्यति !

इससे पहले इमरान खान ने कहा था पाकिस्तान ने हमेशा शांतिपूर्ण समाधान की बात की है ! इसके लिए भारत को 5 अगस्त 2019 से पहले लागू होने वाले उपायों को फिर से लागू करना होगा, अपनी सैन्य घेराबंदी और जम्मू और कश्मीर में अन्य मानव अधिकारों के उल्लंघन का अंत करना होगा !

इमरानम् प्राप्यत् उत्तरम् !

इमरान को मिला जवाब !

मिजितो विनितो: अकथयत् पकिस्तानस्य नेतृ तत् जनानि विधिविरुद्धम् घोषितम् कृतस्य अकथयत् यत् द्वेष हिंसाम् च् उत्पादयन्ति ! तु, यथा यथा सः अग्रम् बर्ध्यते, अहम् आश्चर्यचकितम् अभवत् ! का सः स्वयंसि उल्लेखम् करोति स्म ?

मिजितो विनितो ने कहा पाकिस्तान के नेता ने उन लोगों को गैरकानूनी घोषित करने को कहा जो नफरत और हिंसा भड़काते हैं ! लेकिन, जैसे जैसे वह आगे बढ़ते गए, हम हैरान रह गए ! क्या वह खुद का जिक्र कर रहे थे ?

इति कक्षम् कश्चित इदृशं व्यक्तिस्य प्रति सततं अश्रिनोत्, यस्य पार्श्व स्वयमेव पश्याय केचनपि नासीत्, यस्य पार्श्व बदनाय कश्चित उप्लब्धिम् नासीत् विश्वम् ददाय च् कश्चित उपयुक्तम् सलाहम् नासीत् ! अस्य अतिरिक्तम्, अहम् इति सभायाः माध्यमेन अनृतं, असत्य सूचनानि, युद्धाय उद्दताय द्वेषम् च् अपश्यनि !

इस हॉल ने किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में लगातार सुना, जिसके पास खुद के लिए दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था, जिसके पास बोलने के लिए कोई उपलब्धि नहीं थी और दुनिया को देने के लिए कोई उचित सुझाव नहीं था ! इसके बजाय, हमने इस एसेंबली के माध्यम से झूठ, गलत सूचनाओं, युद्ध के लिए भड़काना और द्वेष को देखा !

सः अकथयत् तत इयम् (पकिस्तान) तेनैव देशमस्ति, यत् राज्यकोषात् दुर्दांत सुचिबद्धम् च् आतंकवादिनि मानदेयम् प्रदानम् करोति ! इयम् तेनैव नेतृ अस्ति यः ओसामा बिन लादेनम् शहीद इति अकथयत् स्म ! इति नेतृ २०१९ तमे अमेरिकायाम् सार्वजनिक रूपेण स्वीकृतवन्तः स्म तत तस्य देशे अद्यापि लगभगम् ३०००० – ४०००० आतंकवादिम् सन्ति !

उन्होंने कहा कि यह (पाकिस्तान) वही देश है, जो राज्य कोष से खूंखार और सूचीबद्ध आतंकवादियों को पेंशन प्रदान करता है ! यह वही नेता है जिसने ओसामा बिन लादेन को शहीद कहा था ! इसी नेता ने 2019 में अमेरिका में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उनके देश में अभी भी लगभग 30,000-40,000 आतंकवादी हैं !

यानि पकिस्तानेन प्रशिक्षितम् कृतवान तानि अफगानिस्तान भारतीय केन्द्रशासितम् प्रदेशम् च् जम्मू कश्मीरे च् युद्धम् योद्धु ! विनितो: अग्रम् अकथयत् इयम् तेनैव देशमस्ति, यत् स्व अपकारयुक्तम् निंदनीय विधिनां माध्यमेन हिन्दुनि, ईसैनि, खालसानि अन्येन सहानि च् अल्पसंख्यानि व्यवस्थित रूपेण पीड़ितम् करोति धार्मिक रूपांतरणाय च् बलात् प्रेरितं करोति !

जिन्हें पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित किया गया है और उन्होंने अफगानिस्तान और भारतीय केंद्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में लड़ाई लड़ी है ! विनितो ने आगे कहा यह वही देश है, जो अपने अपमानजनक निंदा कानूनों के माध्यम से हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों और अन्य सहित अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से परेशान करता है और धार्मिक रूपांतरण के लिए मजबूर करता है !

यूएन इते भारतस्य स्थायी प्रतिनिधिम् टीएस तिरुमूर्ति: इमरान खानस्य उद्बोधने प्रतिक्रियाम् दत्तम् अकथयत् संयुक्त राष्ट्रस्य पंचसप्ततिनि महासभायां पाक पीएम इत्यस्य कथनं कूटनीतिक रूपे निम्नस्तरस्य आसीत् तस्य कथने अनृतानि आरोपम् आरोपय, व्यक्तिगत प्रहरम् कृतं, स्व अत्रस्य अल्पसंख्यानां स्थितिम् न पश्यित्वा भारते टिप्पणिका कृतं सम्मिलितं आसीत् !

यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरूमूर्ति ने इमरान खान के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा संयुक्त राष्ट्र की 75वीं महासभा में पाक पीएम का बयान कूटनीतिक तौर पर निम्नस्तर का था ! उनके बयान में झूठे इल्जाम लगाना, व्यक्तिगत हमले करना, अपने यहां के अल्पसंख्यकों का हाल न देखकर भारत पर टिप्पणी करना शामिल था !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

American Mercenary Matthew VanDyke and Ukrainian Nationals Detained in India: A Case of Espionage and Geopolitical Strain

In a development that has raised eyebrows in international security circles, the National Investigation Agency (NIA) of India...

The Fragile Lifeline: How Attacks on Oil and Gas Infrastructure in Middle East Threaten a Global Supply Chain Catastrophe

In the modern global economy, energy is not merely a commodity; it is the fundamental substrate upon which...

The Asymmetric Advantage: How Iran Maintains Strategic Leverage in the Middle East

In the traditional calculus of military power, the United States and its allies—including Israel and the Gulf monarchies—possess...

Navigating the Geopolitical Storm: How the Indian Government is Mitigating Risks from Iran-USA Tensions

The perennial volatility between the United States and Iran presents one of the most complex diplomatic challenges for...