19.1 C
New Delhi

एकम्-एकम् इंच इति भूमि रक्षणाय सजगम् अस्माकं सैन्यम् नेतृत्वम् च्-अमित शाह: ! एक-एक इंच जमीन बचाने के लिए हैं सजग हमारी सेना और नेतृत्व-अमित शाह !

Date:

Share post:

फोटो साभार livehindustan.com

पूर्वी लद्दाखे चिनेन सह निरन्तरं सिम्नी कलहे गृहमंत्री: अमित शाह: अकथयत् तत मोदी सरकार देशस्य एकम्-एकम् इंच इति भूमिम् रक्षणाय पूर्णतया सजगमस्ति कश्चित च् इत्ये अधिपत्यं न कृतशक्नोति !

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मोदी सरकार देश की एक-एक इंच जमीन को बचाने के लिए पूरी तरह सजग है और कोई इस पर कब्जा नहीं कर सकता !

सः अकथयत् तत अस्माकं सैन्यम् नेतृत्वम् च् द्वयो सक्षममस्ति ! इच्छाम् बुलन्दमस्ति ! १३० कोटिस्य भारतं कश्चित कुंठितम् न शक्नोति ! सतं अस्माकं सहास्ति अर्थतः बहवः देशम् अस्माकं सहास्ति !

उन्होंने कहा कि हमारी सेना और नेतृत्व दोनों सक्षम हैं ! इरादे बुलंद हैं ! 130 करोड़ के भारत को कोई दबा नहीं सकता है ! सत्य हमारे साथ है यानी ज्यादातर देश हमारे साथ हैं !

शाह: इयमपि अकथयत् तत सरकारं चिने लद्दाखेन सह गतिरोधम् समाप्ताय प्रत्येकसम्भवम् सैन्य कुटनीतिकम् च् पगम् उत्थायति ! का चिनम् भारतीय क्षेत्रे प्रवेशम् अकरोत्, इति प्रश्नस्य उत्तरे सः सीएनएन न्यूज१८ इत्येन अकथयत्, वयं स्व एकम्-एकम् इंच इति भूभागम् गृहित्वा सतर्कानि सन्ति !

शाह ने यह भी कहा कि सरकार चीन में लद्दाख के साथ गतिरोध को सुलझाने के लिए हरसंभव सैन्य और कूटनीतिक कदम उठा रही है ! क्या चीन ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया है, इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने सीएनएन न्यूज18 से कहा, हम अपने एक-एक इंच भूभाग को लेकर चौकन्ने हैं !

कश्चित इत्ये अधिपत्यं न कृतशक्नोति ! अस्माकं रक्षा बलम् नेतृत्व देशस्य सम्प्रभुता सिम्नी च् रक्षा कृते सक्षममस्ति ! गृहमंत्री: इयमपि अकथयत् तत सरकारं देशस्य संप्रभुताम् सुरक्षाय च् प्रतिबद्धमस्ति !

कोई इस पर कब्जा नहीं कर सकता ! हमारे रक्षा बल और नेतृत्व देश की संप्रभुता और सीमा की रक्षा करने में सक्षम हैं ! गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है !

वर्तमानेवे चिनस्य राष्ट्रपति शी जिनपिंगस्य युद्धाय तत्पर रहस्य बचने अमित शाह: अकथयत् तत प्रत्येकं देशम् प्रत्येक कालम् तत्परम् रहति ! सैन्यानि निर्मीतैव अतएवमस्ति ! यदि कश्चित अतिक्रमणम् भवति तर्हि सैन्यानि उत्तरम् ददातु ! वर्तमानेवे जिनपिंग: ग्वांगडोंगे एकम् सैन्य स्थानानां भ्रमणम् कृतवान !

हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के युद्ध के लिए तैयार रहने के बयान पर अमित शाह ने कहा कि हर देश हर समय तैयार रहता है ! सेनाएं बनी ही इसलिए हैं ! अगर कोई अतिक्रमण होता है तो सेनाएं जवाब दें ! हाल ही में जिनपिंग ने ग्वांगडोंग में एक सैन्य अड्डे का दौरा किया !

अत्र सः चिनी सैन्यै: अकथयत् तत सम्पूर्ण मस्तिष्क ऊर्जा च् युद्धस्य तत्परे अलगायत् हाई अलर्ट इत्यस्य च् स्थिते अरहत् ! जिनपिंग: सैनिकानि पूर्ण रूपेण सत्यम् बहु विश्वसनीय च् भवस्य अतिरिक्त हाई अलर्ट इति भवाय अकथयत् !

यहां उन्होंने चीनी सैनिकों से कहा कि पूरा दिमाग और ऊर्जा युद्ध की तैयारी में लगाएं और हाई अलर्ट की स्थिति में रहें ! जिनपिंग ने सैनिकों को पूरी तरह से वफादार और बिल्कुल विश्वसनीय रहने के अलावा हाई अलर्ट रहने के लिए कहा !

अस्य अतिरिक्त सः राहुल गांधीस्य तम् बचने अपि प्रतिक्रियाम् अददात्, यस्मिन् सः अकथयत् स्म तत तस्य सरकारं १५ पले चिनम् उत्थित्वा अक्षिपत् ! इत्ये शाह: अकथयत्, राहुल महोदयस्य पार्श्व अनुक्रमणिका न भवति !

इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार 15 मिनट में चीन को उठाकर फेंक देती ! इस पर शाह ने कहा, राहुल जी के पास डाटा नहीं होता है !

असिरम् पगस्य वार्ताम् करोति ! कांग्रेस दलम् इयम् बदस्य अधिकारम् नास्ति ! एकदा राहुल महोदयः ज्ञापयतु तत कांग्रेसस्य काले चिनम् भारतस्य कति भूमे अधिपत्यं अकरोत् ! अहम् १९६२ तमस्य वार्ताम् करोमि, तस्यैव सरकारं आसीत् !

बिना सिर पैर की बात करते हैं ! कांग्रेस पार्टी को ये बोलने का हक नहीं है ! एक बार राहुल जी बता दें कि कांग्रेस के समय में चीन ने भारत की कितनी जमीन पर कब्जा किया ! मैं 1962 की बात कर रहा हूँ, उनकी ही सरकार थी !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

India’s Strategic Countermeasure against Islamic NATO: The Establishment of the India-Arab Countries Chamber of Commerce Industry and Agriculture

In the complex and ever-shifting landscape of global geopolitics, nations continually seek to bolster their strategic positions through...

EU says asked India to ‘put pressure’ on Russia to end Ukraine war

Amidst accelerating negotiations for a landmark Free Trade Agreement (FTA), the European Union (EU) has explicitly urged India...

Supreme Court Stays Controversial UGC Equity Regulations 2026 Amid Student Protests

In a move that has sent shockwaves through the corridors of power and academia alike, the Supreme Court...

Why the India–European Union Deal Is Called the “Mother of All Deals”

The proposed India–European Union (EU) trade and strategic partnership agreement has often been described as the “Mother of...